Friday, April 17, 2026

भोपाल में अभ्यर्थियों का उग्र प्रदर्शन, बसों में भरकर ले गई पुलिस


भोपाल। राजधानी भोपाल में शिक्षक भर्ती को लेकर शुक्रवार को बड़ा हंगामा हो गया। वर्ग-2 और वर्ग-3 शिक्षक भर्ती में पद बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदेशभर से आए अभ्यर्थियों ने प्रदर्शन किया। हालात उस वक्त बिगड़ गए जब प्रदर्शनकारी सीएम हाउस की ओर बढ़ने लगे।

पुलिस ने रास्ते में बैरिकेडिंग कर अभ्यर्थियों को रोक दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच बहस हुई, जो देखते ही देखते धक्का-मुक्की में बदल गई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने सख्ती दिखाई और प्रदर्शनकारियों को खदेड़ दिया। मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

कार्रवाई के दौरान कई अभ्यर्थियों को बसों में भरकर मौके से हटाया गया और अलग-अलग थानों में ले जाया गया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि उन्हें जबरन हटाया गया, जबकि वे अपनी मांगों को शांतिपूर्ण तरीके से रखने आए थे।

इस झड़प में एक अभ्यर्थी के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है। उसे प्राथमिक उपचार दिया गया। घटना के बाद प्रदर्शन में शामिल अन्य अभ्यर्थियों में नाराजगी और बढ़ गई।

प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिला अभ्यर्थी भी शामिल थीं। पुलिस कार्रवाई के बावजूद कई अभ्यर्थी बाद में फिर एकत्रित हुए और नारेबाजी जारी रखी।

अभ्यर्थियों की मुख्य मांग है कि शिक्षक भर्ती में पदों की संख्या बढ़ाई जाए। उनका कहना है कि प्रदेश में बड़ी संख्या में पद खाली हैं, लेकिन भर्ती सीमित पदों पर की जा रही है, जिससे योग्य अभ्यर्थियों को मौका नहीं मिल पा रहा।

प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम ने राजधानी में भर्ती प्रक्रिया और कानून-व्यवस्था दोनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।





नासिक कांड पर भोपाल में बवाल, बजरंग दल का उग्र प्रदर्शन

 


भोपाल। महाराष्ट्र के नासिक में स्थित एक मल्टीनेशनल आईटी कंपनी में सामने आए कथित ‘लव जिहाद’, यौन शोषण और धार्मिक उत्पीड़न के आरोपों को लेकर राजधानी भोपाल में शुक्रवार को बजरंग दल ने उग्र प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एमपी नगर स्थित डीबी मॉल के सामने एकत्रित हुए, जहां से उन्होंने पैदल मार्च निकाला और जोरदार नारेबाजी करते हुए आरोपियों का पुतला दहन किया। इस दौरान कुछ समय के लिए इलाके में यातायात भी प्रभावित रहा।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नासिक की एक आईटी कंपनी में कार्यरत 9 युवतियों और एक युवक ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में टीम लीडर्स और एचआर मैनेजर पर मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न, धार्मिक दबाव बनाने और पहचान बदलने के कथित प्रयास जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पीड़ितों का कहना है कि उन्हें लंबे समय तक प्रताड़ित किया गया और विरोध करने पर नौकरी से निकालने की धमकी दी जाती थी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए महाराष्ट्र पुलिस ने अब तक 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं राज्य सरकार ने पूरे प्रकरण की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है, जो मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है।

भोपाल में प्रदर्शन कर रहे बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि सभी दोषियों को सख्त सजा दी जाए और पीड़ितों को सुरक्षा व न्याय सुनिश्चित किया जाए। साथ ही ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त कानून लागू करने की भी मांग उठाई गई।

संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द और सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। यह मामला सामाजिक और राजनीतिक स्तर पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है और ‘लव जिहाद’ जैसे संवेदनशील मुद्दे को लेकर बहस फिर से तेज हो गई है। हालांकि जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं माना जा रहा है।

भोपाल में हुआ यह प्रदर्शन इस बात का संकेत है कि नासिक की घटना का असर अब दूसरे राज्यों तक पहुंचने लगा है। फिलहाल सभी की नजर SIT की जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई पर टिकी है, जिससे आरोपों की सच्चाई सामने आ सके।

बंगाल चुनाव में MP के CM की एंट्री, BJP का आक्रामक दांव


भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अब पश्चिम बंगाल के चुनावी रण में उतरने जा रहे हैं। बीजेपी के स्टार प्रचारक के रूप में वे दो दिवसीय दौरे पर बंगाल पहुंचेंगे और पार्टी प्रत्याशियों के समर्थन में लगातार जनसभाएं कर चुनावी माहौल को धार देने की कोशिश करेंगे। उनका यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब राज्य में चुनावी सरगर्मी अपने चरम पर है और सभी दल पूरी ताकत के साथ मैदान में डटे हुए हैं।

मुख्यमंत्री आज रात 10:40 बजे कोलकाता पहुंचेंगे। अगले दिन उनका कार्यक्रम काफी व्यस्त रहेगा। सुबह 11:30 बजे वे कमरहाटी में बीजेपी प्रत्याशी अरुप चौधरी के समर्थन में पहली जनसभा को संबोधित करेंगे। इसके बाद कोलकाता में अन्य कार्यक्रमों के जरिए भी पार्टी के पक्ष में माहौल बनाएंगे। शाम 5 बजे वे खड़गपुर सदर पहुंचकर वरिष्ठ नेता दिलीप घोष के समर्थन में बड़ी जनसभा को संबोधित करेंगे। माना जा रहा है कि इन सभाओं के जरिए बीजेपी शहरी और संगठनात्मक तौर पर मजबूत सीटों पर अपनी पकड़ और मजबूत करना चाहती है।

पश्चिम बंगाल में इस बार चुनाव चरणबद्ध तरीके से आयोजित किए जा रहे हैं, जिसमें अप्रैल से मई के बीच कई चरणों में मतदान होना है। सुरक्षा व्यवस्था और संवेदनशील इलाकों को देखते हुए चुनाव आयोग ने मल्टी-फेज वोटिंग का प्लान बनाया है। नतीजे मई में घोषित किए जाएंगे। ऐसे में हर चरण से पहले राजनीतिक दल अपने प्रचार को तेज कर रहे हैं और बड़े नेताओं की रैलियों का सिलसिला लगातार बढ़ता जा रहा है।

राज्य का चुनावी मुकाबला मुख्य रूप से सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और बीजेपी के बीच माना जा रहा है। टीएमसी जहां अपने शासन और क्षेत्रीय मुद्दों के दम पर मैदान में है, वहीं बीजेपी राष्ट्रीय नेतृत्व और स्टार प्रचारकों के सहारे आक्रामक रणनीति के साथ चुनाव लड़ रही है। कई सीटों पर सीधा मुकाबला बेहद कांटे का माना जा रहा है, जिससे चुनाव का रोमांच और बढ़ गया है।

ऐसे माहौल में डॉ. मोहन यादव का बंगाल दौरा बीजेपी के लिए रणनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है। पार्टी उन्हें हिंदी भाषी मतदाताओं और कार्यकर्ताओं के बीच प्रभावी चेहरा मानकर मैदान में उतार रही है। उनकी जनसभाओं से न केवल संगठन को मजबूती मिलने की उम्मीद है, बल्कि चुनावी माहौल को भी और गरमाने की कोशिश की जा रही है। कुल मिलाकर, बंगाल की सियासत में अब बाहरी राज्यों के नेताओं की एंट्री के साथ चुनावी मुकाबला और दिलचस्प होता जा रहा है।

Monday, April 13, 2026

अंबेडकर जयंती पर छुट्टी, पूरे MP में बंद रहेंगे सरकारी कार्यालय

 


भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर 14 अप्रैल को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग ने आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। जारी आदेश के मुताबिक, 14 अप्रैल को प्रदेशभर के सभी शासकीय कार्यालय, सरकारी दफ्तर और कई शासकीय संस्थान बंद रहेंगे। इस दिन नियमित सरकारी कामकाज नहीं होगा। हर साल अंबेडकर जयंती के मौके पर प्रदेश में अवकाश घोषित किया जाता है। इस दिन विभिन्न जिलों में डॉ. अंबेडकर को श्रद्धांजलि देने के लिए कार्यक्रम, सभा और आयोजन भी किए जाते हैं। डॉ. भीमराव अंबेडकर को भारतीय संविधान का निर्माता माना जाता है और उन्होंने समाज में समानता और अधिकारों के लिए अहम योगदान दिया। सरकार के इस फैसले के बाद 14 अप्रैल को सरकारी कामकाज बंद रहेगा, वहीं प्रदेशभर में अंबेडकर जयंती को लेकर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

इंतजार खत्म: इस दिन आएगा 10वीं-12वीं का रिजल्ट

 


भोपाल। मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (MPBSE) ने 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा 2026 के परिणाम की तारीख घोषित कर दी है। बोर्ड के अनुसार 15 अप्रैल 2026 को सुबह 11 बजे रिजल्ट जारी किया जाएगा।

रिजल्ट का ऐलान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे। इसके साथ ही लाखों छात्रों का इंतजार खत्म होगा।

कितने छात्रों ने दी परीक्षा

इस वर्ष करीब 9.5 लाख छात्रों ने 10वीं और लगभग 7.5 लाख छात्रों ने 12वीं की परीक्षा दी है। यानी कुल मिलाकर करीब 17 लाख विद्यार्थी रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं।

ऐसे चेक करें रिजल्ट

छात्र अपना परिणाम बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट mpbse.mponline.gov.in पर देख सकेंगे। इसके अलावा DigiLocker और MPBSE मोबाइल ऐप पर भी रिजल्ट उपलब्ध रहेगा।

रिजल्ट देखने के लिए छात्रों को रोल नंबर और आवेदन क्रमांक दर्ज करना होगा।

15 अप्रैल की तारीख प्रदेश के लाखों छात्रों के लिए बेहद अहम है, क्योंकि इसी दिन उनके भविष्य की अगली दिशा तय होगी।

Sunday, April 12, 2026

शिवराज, प्रहलाद और कैलाश को नई जिम्मेदारी

मध्य प्रदेश में भाजपा का नया कोर ग्रुप तैयार हो गया है इसकी पहली बैठक 14 अप्रैल को होगी... पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया,पूर्व मंत्री डॉ.नरोत्तम मिश्रा को भी इसमें शामिल किया गया है,साथ में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व के साथ ही दोनों डिप्टी सीएम,मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, प्रहलाद पटेल, राकेश सिंह वीडी शर्मा समेत अन्य नेताओं को इसमें शामिल किया गया है। 15 नेताओं का यह कोर ग्रुप है जिसकी जल्द ही अधिकृत घोषणा होगी।14 अप्रैल की शाम 7:00 बजे सीएम हाउस में बैठक रखी गई है कुछ अहम मुद्दों पर चर्चा की जाएगी पार्टी के कार्यों पर भी चर्चा होगी,, कुछ नए प्रोग्राम जो आने वाले हैं उस पर भी मंथन होगा...

MP में बढ़ सकती हैं राज्यसभा सीटें, 3 की जगह 4 पर चुनाव की चर्चा


भोपाल। मध्यप्रदेश में राज्यसभा चुनाव से पहले सियासी समीकरण तेजी से बदलते नजर आ रहे हैं। अब तक तीन सीटों पर चुनाव तय माना जा रहा था, लेकिन केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन को तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में उतारने के बाद एक और सीट खाली होने की संभावना ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है।

दरअसल, मुरुगन इस समय मध्यप्रदेश से राज्यसभा सदस्य हैं। अगर वे तमिलनाडु विधानसभा चुनाव जीतते हैं, तो उन्हें राज्यसभा से इस्तीफा देना होगा। ऐसे में प्रदेश में चौथी सीट खाली हो सकती है, जो सीधे तौर पर सत्ता संतुलन को प्रभावित करेगी।

बदलेगा पूरा चुनावी गणित

जून 2026 में मध्यप्रदेश की तीन राज्यसभा सीटें पहले ही खाली हो रही हैं, जिनमें दो भाजपा और एक कांग्रेस के पास है। लेकिन मुरुगन फैक्टर जुड़ने से सीटों की संख्या चार हो सकती है, जिससे चुनावी मुकाबला और दिलचस्प हो जाएगा।

भाजपा को बढ़त, कांग्रेस पर दबाव

विधानसभा में मजबूत बहुमत के चलते भाजपा अतिरिक्त सीट पर भी दावा मजबूत कर सकती है। ऐसे में पार्टी अपने संगठन या केंद्र के किसी बड़े चेहरे को राज्यसभा भेजने की रणनीति बना सकती है।

वहीं कांग्रेस के लिए यह स्थिति असहज हो सकती है। एक तरफ उसे अपनी सीट बचाने की चुनौती होगी, तो दूसरी तरफ संख्या बल की कमी उसके विकल्प सीमित कर सकती है।

क्यों अहम है यह बदलाव

राज्यसभा की अतिरिक्त सीट केवल संख्या का खेल नहीं है, बल्कि यह केंद्र और राज्य की राजनीति में भाजपा की पकड़ को और मजबूत कर सकती है। साथ ही, यह कांग्रेस के लिए राजनीतिक स्पेस और भी संकुचित करने वाला साबित हो सकता है।

अब निगाहें तमिलनाडु चुनाव के नतीजों पर टिकी हैं। अगर मुरुगन जीतते हैं, तो मध्यप्रदेश में राज्यसभा का समीकरण पूरी तरह बदल सकता है और भाजपा को एक और रणनीतिक बढ़त मिल सकती है।

Saturday, April 11, 2026

‘वंदे मातरम्’ गाने से इनकार पर बवाल, सीएम ने कांग्रेस को घेरा


इंदौर। इंदौर नगर निगम परिषद की बैठक के दौरान ‘वंदे मातरम्’ को लेकर विवाद खड़ा हो गया। जानकारी के मुताबिक, कांग्रेस पार्षद अनवर कादरी की पत्नी नाजिया कादरी (कांग्रेस पार्षद) ने परिषद की कार्यवाही के दौरान ‘वंदे मातरम्’ गाने से इंकार कर दिया।

बताया जा रहा है कि जैसे ही परिषद की बैठक की शुरुआत ‘वंदे मातरम्’ से की जा रही थी, उसी दौरान पार्षद नाजिया कादरी ने इसे गाने से मना कर दिया। इस पर भाजपा पार्षदों ने विरोध जताया और सदन में हंगामा शुरू हो गया। मामला बढ़ने पर बैठक का माहौल गर्मा गया और यह मुद्दा सियासी रंग ले गया।

सीएम मोहन यादव का बयान

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि कांग्रेस की पार्षद ने ‘वंदे मातरम्’ गाने से इंकार किया। उन्होंने कहा कि अगर इस पर कोई कार्रवाई नहीं होती है, तो कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और अन्य नेताओं को इस्तीफा दे देना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ देश का स्वाभिमान है और इसका अपमान किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।



महिलाओं को 33% आरक्षण, नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर BJP का जोर


 भोपाल। भाजपा प्रदेश कार्यालय में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को लेकर आयोजित पत्रकार-वार्ता में प्रदेश प्रवक्ता और पूर्व मंत्री अर्चना चिटनीस ने इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लाया गया यह कानून संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को 33% आरक्षण देकर उन्हें नीति-निर्धारण में मजबूत भागीदारी देगा। उन्होंने बताया कि यह बिल 2023 में संसद से पारित होकर कानून बन चुका है और इसे लागू करने की प्रक्रिया जनगणना व परिसीमन के बाद पूरी होगी। इसके लिए 16 से 18 अप्रैल तक संसद का विशेष सत्र भी प्रस्तावित है।

चिटनीस ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि दशकों तक सत्ता में रहने के बावजूद उसने महिला आरक्षण लागू नहीं किया, बल्कि अटल बिहारी वाजपेयी के समय भी इसका विरोध किया गया। उन्होंने शाहबानो केस का जिक्र करते हुए कांग्रेस की नीतियों को महिला विरोधी बताया।

उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने उज्ज्वला, जनधन और मुद्रा जैसी योजनाओं के जरिए महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत किया है, वहीं मध्यप्रदेश में नगरीय निकायों में 50% आरक्षण देकर महिला भागीदारी पहले ही बढ़ाई गई है। बैठक में मंत्री विजय शाह, संपतिया उइके, सांसद लता वानखेड़े समेत कई नेता मौजूद रहे।

भाजपा इसे महिलाओं के लिए ऐतिहासिक बदलाव बता रही है, जबकि विपक्ष पर निशाना साधते हुए इसे राजनीतिक मुद्दा भी बनाया जा रहा है। आने वाले समय में इस कानून के लागू होने पर महिलाओं की राजनीति में भागीदारी बढ़ने की उम्मीद है।

Friday, April 10, 2026

एमपी में बैगा महोत्सव की तैयारी तेज, सीएम ने दिए अहम निर्देश



भोपाल। मध्यप्रदेश में जनजातीय संस्कृति और परंपराओं को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार एक बार फिर बड़े आयोजन की तैयारी में है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल स्थित समत्व भवन में आयोजित बैठक में आगामी बैगा महोत्सव और जनजातीय सांस्कृतिक कार्यक्रमों को लेकर विस्तृत समीक्षा की। बैठक में जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह और मुख्य सचिव अनुराग जैन सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि बालाघाट में प्रस्तावित इस महोत्सव को भव्य और व्यवस्थित तरीके से आयोजित किया जाए, ताकि प्रदेश की समृद्ध जनजातीय विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल सके।

जनजातीय संस्कृति को मिलेगा मंच

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह के आयोजन न सिर्फ परंपराओं को सहेजने का माध्यम हैं, बल्कि जनजातीय समाज को मुख्यधारा से जोड़ने का भी महत्वपूर्ण जरिया हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि कार्यक्रम में स्थानीय कलाकारों, लोक नृत्य, पारंपरिक संगीत और हस्तशिल्प को प्रमुखता दी जाए।

बालाघाट बनेगा आयोजन का केंद्र

आगामी महीनों में बालाघाट में होने वाला यह महोत्सव प्रदेश के प्रमुख जनजातीय आयोजनों में शामिल होगा। इसमें विशेष रूप से बैगा जनजाति की परंपराओं, जीवनशैली और सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित किया जाएगा।

पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

सरकार का मानना है कि इस आयोजन से न सिर्फ जनजातीय कला और संस्कृति को पहचान मिलेगी, बल्कि पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे और हस्तशिल्प को नया बाजार मिलेगा।

तैयारियों पर विशेष जोर

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आयोजन स्थल, व्यवस्थाओं और सुरक्षा के सभी पहलुओं पर समय रहते तैयारी सुनिश्चित की जाए, ताकि कार्यक्रम सफल और आकर्षक बन सके।

भोपाल में तालाब किनारे अवैध निर्माण पर सख्ती


भोपाल। राजधानी भोपाल में अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन का अभियान तेज हो गया है। नगर निगम, राजस्व, पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने बड़ा तालाब के कैचमेंट एरिया में बने अवैध निर्माणों पर कार्रवाई करते हुए बुलडोजर चलाया। कार्रवाई के दौरान करीब 8 हजार वर्गफीट में बने एक अवैध फार्महाउस को ध्वस्त किया गया। प्रशासन ने कुल 4 स्थानों को चिन्हित कर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की है।

कैचमेंट एरिया में बड़े पैमाने पर अतिक्रमण

तहसीलदार हर्ष विक्रम सिंह के मुताबिक, भोज वेटलैंड एक रामसर साइट है, जिसके लिए एफटीएल (फुल टैंक लेवल) निर्धारित किया गया है। इसी आधार पर 50 मीटर के दायरे को चिन्हित कर कार्रवाई की जा रही है। जांच में अब तक 63 अवैध निर्माण पाए गए हैं, जिनमें 44 निजी भूमि पर 19 शासकीय भूमि पर निर्माण शामिल हैं। इसके अलावा 121 झुग्गियां भी अवैध रूप से बनी पाई गईं।

तय शेड्यूल के तहत कार्रवाई

प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने के लिए चरणबद्ध योजना बनाई है। 10-11 अप्रैल को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई। 15-16 अप्रैल को शासकीय भूमि पर कार्रवाई प्रस्तावित। आज की कार्रवाई में करीब 3 अतिक्रमण हटाए गए, जिनमें प्रमुख रूप से फार्महाउस शामिल है।

शहरभर में चलेगा अभियान

अतिक्रमण प्रभारी महेश गौड़ ने बताया कि कैचमेंट एरिया में अवैध निर्माण किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। लालघाटी क्षेत्र में ही आज 10 स्थानों पर कार्रवाई की गई है और आने वाले दिनों में शहर के अन्य हिस्सों में भी अभियान जारी रहेगा।



Thursday, April 9, 2026

प्रशासनिक सर्जरी: 14 जिलों में नए कलेक्टर, 26 IAS अधिकारियों का तबादला

 


भोपाल। मध्य प्रदेश में बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल करते हुए सामान्य प्रशासन विभाग ने 26 आईएएस अधिकारियों के तबादले किए हैं। इस बदलाव में 14 जिलों के कलेक्टर बदले गए हैं, जिससे प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।

प्रमुख नियुक्तियां और तबादले

प्रियंक मिश्रा – कलेक्टर, भोपाल

कौशलेन्द्र विक्रम सिंह – सचिव, मुख्यमंत्री

प्रतिभा पाल – कलेक्टर, सागर

संदीप जी.आर. – श्रम आयुक्त, इंदौर

नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी – कलेक्टर, रीवा

राजीव रंजन मीना – कलेक्टर, धार

सोमेश मिश्रा – कलेक्टर, नर्मदापुरम

अर्पित वर्मा – कलेक्टर, शिवपुरी

डॉ. सौरभ संजय सोनवणे – कलेक्टर, बैतूल

डॉ. योगेश तुकाराम भरसट – कलेक्टर, झाबुआ

नेहा मीना – कलेक्टर, सिवनी

प्रताप नारायण यादव – कलेक्टर, दमोह

राहुल नामदेव धोटे – कलेक्टर, मंडला

शीला दाहिमा – कलेक्टर, श्योपुर

बिदिशा मुखर्जी – कलेक्टर, मैहर

राखी सहाय – कलेक्टर, उमरिया

अन्य महत्वपूर्ण पदस्थापनाएं

अभिषेक सिंह – आयुक्त, लोक शिक्षण

शिल्पा गुप्ता – सचिव, गृह विभाग

श्रीकांत बनोठ – कमिश्नर, नर्मदापुरम संभाग

कृष्ण गोपाल तिवारी – आयुक्त, सामाजिक न्याय

रवीन्द्र कुमार चौधरी – अपर सचिव

सोनिया मीना – अपर सचिव


सरकार के इस बड़े फेरबदल को प्रशासनिक कसावट, बेहतर मॉनिटरिंग और जमीनी स्तर पर कामकाज को तेज करने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।






पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती का फाइनल रिजल्ट जारी, यहां देखें अपना रिजल्ट


 


भोपाल। मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन बोर्ड (MPESB) ने पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा 2025 का फाइनल रिजल्ट जारी कर दिया है। अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट esb.mp.gov.in पर जाकर अपना रिजल्ट और स्कोरकार्ड देख सकते हैं। इस भर्ती परीक्षा में सुनील मीना ने टॉप किया है। वहीं टॉप-5 में अंकित रघुवंशी, दीपक जाट, आदर्श सेन और सूरज मसीह ने भी जगह बनाई है। बोर्ड ने मेरिट सूची और उम्मीदवारों के स्कोरकार्ड वेबसाइट पर अपलोड कर दिए हैं। यह परीक्षा अक्टूबर से दिसंबर 2025 के बीच आयोजित की गई थी।

इतने पदों पर भर्ती

इस भर्ती प्रक्रिया के तहत कुल 7500 पदों पर नियुक्तियां की जानी थीं। परीक्षा में 9 लाख 78 हजार 59 अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया, जिनमें से योग्य उम्मीदवारों का चयन किया गया है।

आरक्षण के चलते कुछ पद होल्ड

बोर्ड ने फिलहाल 6525 पदों पर अंतिम परिणाम घोषित किया है, जबकि OBC आरक्षण से जुड़े मामले के चलते करीब 13% पदों को होल्ड पर रखा गया है।

रिजल्ट 87:13 फॉर्मूले के आधार पर जारी किया गया है।

 ऐसे देखें रिजल्ट

उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट esb.mp.gov.in पर जाकर अपना आवेदन नंबर और अन्य डिटेल्स दर्ज कर रिजल्ट चेक कर सकते हैं। यहां देखें अपना result






MSP पर खरीदी शुरू, पहले दिन नहीं पहुंचे किसान


भोपाल। मध्य प्रदेश में आज से समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूं खरीदी की प्रक्रिया शुरू हो गई है। पहले चरण में इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभागों में खरीदी की शुरुआत की गई है, जबकि बाकी संभागों में कल से प्रक्रिया शुरू होगी। सरकार ने इस बार किसानों को बड़ा फायदा देने के लिए गेहूं का समर्थन मूल्य 2625 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है, साथ ही 40 रुपये प्रति क्विंटल प्रोत्साहन राशि अलग से देने का निर्णय लिया है। यह प्रोत्साहन राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी। प्रदेशभर में इस बार 3627 उपार्जन केंद्र बनाए गए हैं और सरकार ने 78 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य रखा है, जो पिछले साल की तुलना में अधिक है। खरीदी के लिए अब तक 19 लाख 4 हजार 651 किसानों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। सरकार ने खरीदी केंद्रों पर किसानों के लिए पेयजल, छाया और बैठने की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए हैं। साथ ही भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा कई स्थानों पर किसानों का सम्मान कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं। लेकिन खरीदी के पहले ही दिन व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। भोपाल समेत कई केंद्रों पर किसान नहीं पहुंचे। बताया जा रहा है कि स्लॉट बुकिंग सिस्टम में तकनीकी दिक्कतों के कारण किसान अपनी बारी तय नहीं कर पा रहे हैं, जिससे वे केंद्रों तक नहीं पहुंच सके। किसानों का कहना है कि स्लॉट बुकिंग सही तरीके से काम नहीं कर रही है, जिसके चलते उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, प्रशासन का दावा है कि तकनीकी समस्याओं को जल्द ठीक कर लिया जाएगा और खरीदी प्रक्रिया सुचारू रूप से जारी रहेगी। अब देखना होगा कि सरकार इस शुरुआती अव्यवस्था को कितनी जल्दी सुधार पाती है, ताकि किसानों को किसी तरह की परेशानी न हो और खरीदी लक्ष्य समय पर पूरा किया जा सके।


छतरपुर से जीतू पटवारी का सरकार पर हमला

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने छतरपुर दौरे के दौरान सरकार पर किसानों को लेकर बड़ा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने गेहूं खरीदी की तारीख घोषित कर किसानों के साथ धोखा किया है। पटवारी ने कहा कि खरीदी 10 तारीख से शुरू करने की घोषणा के बावजूद उससे पहले ही लाखों क्विंटल गेहूं किसान औने-पौने दामों में बेचने को मजबूर हो गए। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या किसानों को 3100 रुपये प्रति क्विंटल धान का भाव मिल रहा है? क्या गेहूं 2700 रुपये में खरीदा जा रहा है? और क्या सोयाबीन का 6000 रुपये भाव किसानों को मिल रहा है? पटवारी ने सरकार पर आरोप लगाया कि घोषणाएं अलग हैं और जमीनी हकीकत अलग, जिससे किसान लगातार नुकसान झेल रहे हैं।



Wednesday, April 8, 2026

शिक्षकों का सरकार पर दबाव, TET अनिवार्यता हटाने की मांग


भोपाल। मध्यप्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। प्रदेश के करीब डेढ़ लाख शिक्षकों को प्रभावित करने वाला यह मामला अब तूल पकड़ता दिख रहा है। अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा ने इस मुद्दे पर सरकार और शिक्षा विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मोर्चे ने मुख्यमंत्री और लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) को ज्ञापन सौंपकर नॉन-TET पास शिक्षकों को अनिवार्यता से छूट देने की मांग की है। उनका कहना है कि हाल ही में जारी किए गए आदेश न केवल व्यवहारिक रूप से गलत हैं, बल्कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के भी विपरीत हैं। शिक्षक संगठनों का आरोप है कि 2 मार्च 2026 को DPI और 26 मार्च 2026 को जनजातीय कार्य विभाग द्वारा जारी आदेशों ने शिक्षकों में असमंजस और तनाव की स्थिति पैदा कर दी है। लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों के सामने अब अपनी नौकरी को लेकर चिंता बढ़ गई है। मोर्चे ने सेवा अवधि की गणना का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया है। उनका कहना है कि शिक्षकों की सेवा की गणना उनकी पहली नियुक्ति तिथि से की जानी चाहिए। इससे उन्हें पेंशन, ग्रेच्युटी और अन्य सेवा लाभ मिल सकेंगे, साथ ही पदोन्नति और क्रमोन्नति में भी उनका हक तय होगा। संगठन ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द ही इन आदेशों को वापस नहीं लिया और राहत नहीं दी, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। फिलहाल सरकार की ओर से कोई ठोस प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन जिस तरह से यह मुद्दा उठ रहा है, उससे साफ है कि आने वाले दिनों में यह बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक विषय बन सकता है।




छात्राओं की सुरक्षा पर सवाल, भोपाल में ABVP का हंगामा

भोपाल। राजधानी भोपाल में छात्राओं की सुरक्षा को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं ने पॉलिटेक्निक चौराहे के पास जमकर प्रदर्शन किया। कॉलेज और छात्रावास के नजदीक संचालित हो रही शराब दुकान के विरोध में कार्यकर्ताओं ने सड़क पर बैठकर चक्काजाम कर दिया, जिससे काफी देर तक यातायात प्रभावित रहा। प्रदर्शन के दौरान माहौल उस वक्त तनावपूर्ण हो गया जब कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। इस बीच कुछ प्रदर्शनकारियों ने आक्रोश में आकर शराब दुकान पर पत्थरबाजी की और दुकान के बोर्ड को उखाड़कर फेंक दिया। प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं का कहना है कि पॉलिटेक्निक कॉलेज और छात्रावास के पास शराब दुकान संचालित होने से छात्राओं की सुरक्षा पर खतरा बना हुआ है। उनका आरोप है कि इस संबंध में कई बार प्रशासन को शिकायत दी गई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी के विरोध में उन्हें सड़क पर उतरना पड़ा। प्रदर्शन के बाद कार्यकर्ताओं ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर शराब दुकान हटाने की मांग रखी। प्रशासन की ओर से उन्हें 15 दिन के भीतर कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि तय समय में कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। फिलहाल पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है और इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। कुल मिलाकर, छात्राओं की सुरक्षा से जुड़ा यह मुद्दा अब तूल पकड़ता नजर आ रहा है, जिस पर आने वाले दिनों में प्रशासन की कार्रवाई अहम होगी।






Tuesday, April 7, 2026

नरोत्तम - हेमंत की मुलाकात के सियासी मायने


भोपाल। मध्यप्रदेश की सियासत में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। दतिया से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को 27 साल पुराने मामले में सजा मिलने के बाद अब इस सीट पर उपचुनाव की सुगबुगाहट खुलकर सामने आ गई है। विधानसभा सचिवालय द्वारा सीट को शून्य घोषित किए जाने के बाद यह लगभग तय माना जा रहा है कि दतिया में जल्द ही उपचुनाव होगा।

लेकिन असली कहानी सिर्फ उपचुनाव की नहीं, बल्कि बीजेपी के अगले बड़े दांव की है। सियासी संकेत साफ हैं- दतिया सीट के लिए बीजेपी के पास सबसे मजबूत और भरोसेमंद चेहरा एक ही है, और वो हैं पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा।

कोर्ट के फैसले के बाद से ही नरोत्तम मिश्रा का बंगला एक बार फिर सियासत का पावर सेंटर बनता नजर आ रहा है। मंगलवार सुबह से ही नेताओं का वहां पहुंचना शुरू हुआ। भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष जयपाल सिंह चावड़ा और विधायक शैलेन्द्र जैन की मुलाकात के बाद जब बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल खुद उनके निवास पहुंचे और बंद कमरे में चर्चा हुई, तो सियासी हलचल और तेज हो गई। इसके तुरंत बाद पूर्व मंत्री रामपाल सिंह का पहुंचना इस बात का संकेत देता है कि अंदरखाने कुछ बड़ा पक रहा है।

हालांकि तस्वीर इतनी सीधी भी नहीं है। नरोत्तम मिश्रा को लेकर पार्टी के भीतर दो रास्तों की चर्चा है- एक, दतिया उपचुनाव में उन्हें मैदान में उतारकर सीट पक्की करना, और दूसरा, उन्हें राज्यसभा भेजकर केंद्रीय स्तर पर बड़ी भूमिका देना। विधानसभा चुनाव हारने के बाद से पार्टी उनके लिए उपयुक्त मंच तलाश रही है और अब यह मौका उस तलाश का जवाब बन सकता है।

दिलचस्प यह भी है कि जो चेहरे चुनाव हारने के बाद दूरी बना चुके थे, वे अब फिर से सक्रिय होकर नरोत्तम मिश्रा के करीब नजर आने लगे हैं। यानी सियासत में रिश्तों की वापसी भी इस पूरे खेल का हिस्सा बन चुकी है।

कुल मिलाकर, दतिया सीट सिर्फ एक उपचुनाव नहीं, बल्कि बीजेपी के लिए रणनीतिक फैसले की परीक्षा बन गई है। सवाल सिर्फ इतना नहीं कि उम्मीदवार कौन होगा, बल्कि यह भी है कि पार्टी नरोत्तम मिश्रा पर कौन सा बड़ा दांव खेलने जा रही है।

अब नजर इस बात पर है कि बीजेपी उन्हें मैदान में उतारकर दतिया की सीट साधती है या फिर बड़ा खेल खेलते हुए उन्हें नई राजनीतिक पारी के लिए दिल्ली भेजती है। लेकिन इतना तय है, नरोत्तम मिश्रा की वापसी अब सिर्फ चर्चा नहीं, बल्कि तय मानी जा रही है और वो भी दमदार अंदाज में।



मोहन कैबिनेट के बड़े फैसले,, किसानों के साथ बैतूलवासियों को सौगात...

भोपाल। मोहन कैबिनेट की बैठक में आज कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए ,जिसकी जानकारी मंत्री चेतन्य कश्यप ने दी.. मंत्री कश्यप ने बताया कि मोहन सरकार 8से 14 अप्रैल तक अम्बेडकर जयंती मनाएगी इसके ग्वालियर में मुख्य समारोह होगा ..साथ में गेहूं की खरीदी 10 की जगह 9 अप्रैल से शुरू करने का फैसला भी लिया गया है,गेहूं खरीदी 2650 समर्थन मूल्य के साथ 40 रूपये बोनस मिलेगा ,,केंद्र के अनुमोदन के बाद 758 करोड़ का बैतूल का फोरलेन स्वीकृत किया गया है,,मप्र - उप्र सम्मेलन आयोजित किया गया था आज दोनों राज्यों के बीच सहयोग पर चर्चा हुई कैबिनेट के अन्य फैसले कई महत्वपूर्ण योजनाओं को मंजूरी मंदसौर जिले के गाँधी सागर में कोतमा सिंचाई योजना को स्वीकृति वित्तीय प्रबंधन को लेकर सभी अधिकारियो कर्मचारियों को ट्रैंड करने का निर्णय चना मसूर फसल उपार्जन का निर्णय कैबिनेट ने लिया दिल्ली में संचालित छात्र गृह योजना में 2 से बढाकर 10 हजार रूपये प्रति माह छात्रवृति देने का निर्णय वन क्षेत्रों की योजनाओं के निरंतर संचालन की स्वीकृति 4600 करोड़ की योजनाओं की निरंतरता की स्वीकृति कैबिनेट ने दी किसान कल्याण सिंचाई धोसंरचनाओं के महत्वपूर्ण निर्णय आज कैबिनेट में लिए गये सभी निर्णयो से मप्र के विकास को गति मिलेगी.. चेतन्य काशयप

कांग्रेस विधायक की किस्मत अब HC के हाथ!

 


नई दिल्ली/भोपाल। मध्यप्रदेश की राजनीति से जुड़ा चर्चित ग्रामीण विकास बैंक धोखाधड़ी मामला अब दिल्ली हाई कोर्ट पहुंच गया है। दतिया से कांग्रेस के पूर्व विधायक राजेंद्र भारती ने अपनी सजा और दोषसिद्धि के खिलाफ हाई कोर्ट में अपील दायर की है, जिस पर अदालत ने नोटिस जारी कर दिया है। मामले की अगली सुनवाई 15 अप्रैल को तय की गई है। दरअसल, इस पूरे मामले की शुरुआत ग्रामीण विकास बैंक में कथित धोखाधड़ी से जुड़ी जांच से हुई थी। जांच के बाद केस अदालत में पहुंचा, जहां सुनवाई के दौरान राजेंद्र भारती को दोषी पाया गया। नई दिल्ली स्थित राउस एवेन्यू कोर्ट ने उन्हें 3 साल की सजा सुनाई थी। सजा सुनाए जाने के साथ ही सुप्रीम कोर्ट के ‘लिली थॉमस’ फैसले के तहत उनकी विधायकी भी चली गई और वे विधानसभा की सदस्यता के लिए अयोग्य घोषित हो गए। यही वजह रही कि यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से भी बेहद अहम बन गया। अब राजेंद्र भारती ने दिल्ली हाई कोर्ट का रुख करते हुए अपनी सजा को चुनौती दी है। उन्होंने अदालत से न सिर्फ सजा को रद्द करने की मांग की है, बल्कि दोषसिद्धि पर रोक लगाने की भी अपील की है, ताकि उनकी राजनीतिक स्थिति पर पड़े असर को रोका जा सके। दिल्ली हाई कोर्ट ने उनकी याचिका पर संज्ञान लेते हुए संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर दिया है। अब इस मामले में अगली सुनवाई 15 अप्रैल को होगी, जहां यह तय होगा कि भारती को किसी तरह की राहत मिलती है या नहीं। इस पूरे घटनाक्रम का असर मध्यप्रदेश की सियासत पर भी साफ नजर आ रहा है। एक तरफ कांग्रेस इसे कानूनी लड़ाई के तौर पर देख रही है, वहीं दूसरी ओर राजनीतिक समीकरण भी इस मामले से प्रभावित होते दिख रहे हैं। कुल मिलाकर, अब सबकी नजर 15 अप्रैल की सुनवाई पर टिकी है, जहां यह मामला नया मोड़ ले सकता है।

किसानों को बड़ी राहत: MP में गेहूं बेचने की बुकिंग शुरू


भोपाल। मध्यप्रदेश के लाखों किसानों के लिए राहत की खबर है। मौसम की अनिश्चितता और लगातार बदलते हालात के बीच सरकार ने गेहूं उपार्जन की प्रक्रिया तेज कर दी है। आज से प्रदेशभर में समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए स्लॉट बुकिंग शुरू हो गई है, जिससे किसान अपनी उपज बेचने की तैयारी कर सकेंगे। प्रदेश में 10 अप्रैल से गेहूं की सरकारी खरीदी शुरू होगी। इस बार सरकार ने साफ कर दिया है कि खरीदी की शुरुआत छोटे किसानों से की जाएगी, ताकि जिन किसानों के पास सीमित उत्पादन है, उन्हें पहले अवसर मिल सके और उन्हें इंतजार न करना पड़े। सरकार ने इस साल गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2625 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है। इसके अलावा 40 रुपये प्रति क्विंटल की प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी, जिससे किसानों को उनकी फसल का बेहतर दाम मिल सकेगा। यानी कुल मिलाकर किसानों को बाजार से ज्यादा सुरक्षित और फायदेमंद मूल्य मिलेगा। मौसम की बात करें तो इन दिनों प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश, आंधी और ओलावृष्टि का असर देखने को मिल रहा है। ऐसे हालात में किसानों के लिए फसल को सुरक्षित रखना बड़ी चुनौती बन जाता है। इसी वजह से समय पर खरीदी शुरू होना किसानों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है, क्योंकि वे खराब मौसम से पहले या उसके बीच अपनी उपज बेच सकेंगे। सरकार का मानना है कि स्लॉट बुकिंग सिस्टम से खरीदी प्रक्रिया व्यवस्थित रहेगी, भीड़ कम होगी और किसानों को लंबी लाइनों या इंतजार की परेशानी नहीं उठानी पड़ेगी। कुल मिलाकर, मौसम की मार झेल रहे किसानों के लिए यह फैसला राहत भरा साबित हो सकता है—जहां एक तरफ समय पर खरीदी की सुविधा मिलेगी, वहीं दूसरी ओर बेहतर दाम भी सुनिश्चित होंगे।