Sunday, March 1, 2026

भोजशाला के बाद भोजपुर मंदिर में विवाद, जानिए वजह...

भोपाल राजधानी से सटे ऐतिहासिक भोजपुर मंदिर में एक नवविवाहित युवक को वरमाला की रस्म निभाने से रोके जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। वीडियो में युवक खुद को भूपेंद्र शर्मा बताते हुए आरोप लगा रहा है कि शादी के बाद वह केवल दो मिनट के लिए मंदिर परिसर में वरमाला की रस्म और दर्शन करने पहुंचा था, लेकिन सुरक्षा कर्मियों ने उसे अनुमति लेने की बात कहकर रोक दिया। युवक का कहना है कि वह किसी बड़े आयोजन के लिए नहीं, बल्कि प्रतीकात्मक रूप से वरमाला की रस्म पूरी करने और भगवान के दर्शन के लिए आया था। उसका आरोप है कि बिना पूर्व सूचना के ही उसे प्रवेश से रोक दिया गया, जिससे वह और उसके परिजन आहत हुए। वहीं मंदिर के पुजारी अनूप गिरी ने स्पष्ट किया कि भोजपुर मंदिर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण यानी भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के अधीन संरक्षित स्मारक है। ऐसे में किसी भी प्रकार की रस्म या आयोजन के लिए संबंधित विभाग से पूर्व अनुमति आवश्यक होती है। उन्होंने कहा कि मंदिर ट्रस्ट की ओर से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन नियमों का पालन अनिवार्य है। पुरातत्व विभाग के अधिकारियों का भी यही कहना है कि संरक्षित स्मारक होने के कारण बिना अनुमति किसी भी तरह की धार्मिक या अन्य रस्म की इजाजत नहीं दी जा सकती।

एमपी में सरकारी कर्मचारियों के लिए आई बड़ी खुशखबरी

भोपाल। मध्यप्रदेश शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने 4 मार्च 2026 (बुधवार) को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। इस संबंध में मंत्रालय, वल्लभ भवन से संशोधित अधिसूचना जारी की गई है। आदेश के अनुसार, यह अवकाश नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट, 1881 के तहत लागू होगा। जारी अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि वर्ष 2026 के लिए घोषित अवकाशों की सूची में संशोधन करते हुए 4 मार्च को भी सार्वजनिक एवं सामान्य अवकाश के रूप में मान्यता दी गई है। यह निर्णय होली के पावन अवसर को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, राज्य शासन के सभी शासकीय कार्यालयों, संस्थानों और संबंधित विभागों में उक्त तिथि को अवकाश प्रभावी रहेगा। आदेश की प्रति सभी विभागों, आयोगों, जिला कलेक्टरों एवं संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित कर दी गई है।

*नागलवाड़ी में कल बैठेगी मोहन की किसान सरकार*

मप्र में साल 2026..किसान कल्याण वर्ष के लिए समर्पित है..किसान हित में सभी वो कदम जो किसान और कृषि के लिए आश्यक हैं, पूर्ण योजना के साथ उठाए जा रहें हैं.. इसी सिलसिले में मार्च की दो तारीख को प्रदेश की पहली कृषि कैबिनेट वनवासी बाहुल्य बडवानी के नागलवाड़ी में होने जा रही है..सरकार बैठेगी और किसानों से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण निर्णयों पर हामी की अंतिम मुहर चस्पा होगी.. इस स्थान के चयन के पीछे भी एक गहरी मंशा है.. दरअसल निमाड़ क्षेत्र के विकास के लिए यह बैठक , मील का पत्थर साबित होगी..निमाड़ के जिले..खरगोन, खंडवा, बडवानी, बुरहानपुर के साथ साथ धार,झाबुआ अलीराजपुर जिले के लिए यह बैठक काफी अहम है.. उसके अतिरिक्त नागलवाड़ी स्थित आठ सौ वर्ष प्राचीन भिलट देव मंदिर का जनजातीय आस्था में विशेष महत्व है.. कैबिनेट में लिए जाने फैसलों से फायदा तो सम्पूर्ण प्रदेश के अन्नदाताओं का होगा ही. साथ ही अन्य कुछ ऐसे कदमों पर विचार एवं निर्णय लिया जाएगा जो किसानों और पशुपालकों के विकास में अहम भूमिका अदा करेंगे। इसके साथ साथ सीएम डॉ मोहन यादव जनजातीय समाज के जुलवानिया में आयोजित भगोरिया हाट की परम्परा का हिस्सा भी बनेंगे..कुल मिलाकर यह दो तारीख मध्यप्रदेश के विकास के लिए महत्वपूर्ण साबित होने वाली है।

Saturday, February 28, 2026

नितिन नवीन से मिले हेमंत और मोहन, बड़े राजनैतिक निर्णय की तैयारी..

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने आज बीजेपी की राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात की,, दोनों नेताओं की एक साथ राष्ट्रीय अध्यक्ष से मुलाकात के कईं मायने निकाले जा रहे हैं,, माना जा रहा है कि एमपी को लेकर लंबे समय से टल रहे कुछ बड़े राजनीतिक निर्णय जल्द हो सकते है ,कहा ये जा रहा है कि निगम मंडलों में नियुक्ति के पहले मंत्रिमंडल में बदलाव किया जा सकता है ,,हालांकि जो भी निर्णय होंगे वो तय भले ही पहले से हो लेकिन मूर्त रूप होलाष्टक के बाद लेंगे...

Friday, February 27, 2026

एमपी में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर बड़ी खबर !

मध्य प्रदेश में मोहन मंत्रिमंडल को लेकर बड़ी खबर है,, बड़वानी में होने वाली मोहन कैबिनेट की बैठक कुछ मंत्रियों के लिए उनकी आखिरी कैबिनेट हो सकती है ,, पुख्ता सूत्रों से खबर आ रही है आज कुछ बड़े चेहरों के सियासी भविष्य पर बड़े फैसले होने जा रहे हैं,एक मंत्री ने दबी जुबान से आज की रात को सियासी कत्ल की रात करार दे दिया है,, माना जा रहा है होलाष्टक के बाद सीधे आधा दर्जन चेहरों की छुट्टी तय है... सीएम मोहन यादव दिल्ली में है ,,और आज उनकी बेहद महत्वपूर्ण बैठक है,, विधानसभा सत्र में हुए घटनाक्रम को मुख्यमंत्री दिल्ली को अवगत कराएंगे..अब देखना ये है कि होलाष्टक के बाद होने वाले मंत्रिमंडल बदलाव में कौन बचेगा और कौन हटेगा

एमपी विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चित काल के लिए स्थगित,,यहां जनता नहीं सरकार के लिए चलता है सदन !

विधायक जी का उल्टा होकर शीर्षासन करना,,संसदीय कार्यमंत्री का नेता प्रतिपक्ष को औकात दिखाना,, मंत्रीजी का अपने सीएम को ही मास्टर प्लान पर उलझाना,, उपनेता प्रतिपक्ष का इस्तीफा देकर अपने ही नेता प्रतिपक्ष पर सवाल खड़े करना... इसके अलावा एक ऐसा बजट पारित हो जाना जिसमें नयापन कम और कर्जे लेने की जरूरत ज्यादा नजर आती है,, कुछ इस तरह की कहानी रही है एमपी विधानसभा के बजट सत्र की... मध्यप्रदेश विधानसभा का इस बार का बजट सत्र कागज़ों में वित्तीय बहस का मंच था, लेकिन हकीकत में यह सियासी रंगमंच ज्यादा साबित हुआ। राज्यपाल के अभिभाषण से औपचारिक शुरुआत हुई, सरकार ने उपलब्धियों और योजनाओं का खाका पेश किया, पर सदन की असली गूंज आंकड़ों से नहीं, आरोपों और विरोध से सुनाई दी। सत्ता पक्ष विकास का दावा करता रहा, तो विपक्ष हर दावे की बुनियाद पर सवाल उठाता रहा। बहसें हुईं, बजट पारित भी हुआ, लेकिन इस सत्र को याद रखा जाएगा उसके प्रतीकों के लिए—मास्क, इस्तीफा और शीर्षासन। सत्र की शुरुआत से ही तेवर तल्ख थे। बेरोजगारी, किसानों का फसल भुगतान, लंबित भर्तियां, महंगाई और कानून-व्यवस्था—इन मुद्दों पर विपक्ष ने सरकार को लगातार घेरा। जब बजट पेश हुआ तो सत्ता पक्ष ने इसे “विकास का विजन डॉक्यूमेंट” बताया, वहीं विपक्ष ने इसे “कागजी उपलब्धियों का पुलिंदा” कहकर खारिज कर दिया। आंकड़ों की जंग चली, तर्कों के तीर चले और कई बार शोर-शराबे के बीच कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। इस सत्र को सबसे अलग बनाया विरोध के अनोखे अंदाज ने। एक दिन विपक्षी विधायकों ने डोनाल्ड ट्रंप और नरेंद्र मोदी के मास्क पहनकर सरकार पर निशाना साधा। यह प्रतीकात्मक संदेश था कि प्रदेश की नीतियां केंद्र से अलग नहीं हैं। तस्वीरें तेजी से वायरल हुईं और सदन के भीतर की राजनीति, सोशल मीडिया की सुर्खियों में बदल गई। सत्र के बीच एक और बड़ा सियासी मोड़ आया—उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे का इस्तीफा। वजहों पर आधिकारिक बयान सीमित रहे, लेकिन राजनीतिक हलकों में इसे विपक्ष की अंदरूनी रणनीति और समीकरणों से जोड़कर देखा गया। इससे विपक्ष की एकजुटता पर सवाल भी उठे और सियासी अटकलों का दौर शुरू हो गया। समापन के दिन विरोध ने नया दृश्य रच दिया। कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल ने शीर्षासन कर प्रदर्शन किया। उनका आरोप था कि उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर राजनीतिक दबाव का परिणाम हैं। सदन परिसर में किया गया यह शीर्षासन देखते ही देखते पूरे सत्र की सबसे चर्चित तस्वीर बन गया। इधर कटौती प्रस्तावों पर बहस हुई, विभागवार मांगें पारित हुईं और अंततः बहुमत के दम पर बजट पास हो गया। सत्ता पक्ष ने इसे ऐतिहासिक उपलब्धि बताया, तो विपक्ष ने इसे जमीनी सच्चाई से दूर करार दिया। आखिर में अध्यक्ष ने कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी। यह सत्र एक बार फिर यह संकेत दे गया कि अब विधानसभा की राजनीति सिर्फ भाषणों तक सीमित नहीं—यह प्रतीकों, प्रदर्शन और संदेशों की भी राजनीति बन चुकी है। अब असली फैसला सदन से बाहर, जनता की अदालत में होना है।

कैलाश विजयवर्गीय का हुआ हृदय परिवर्तन !

एमपी की सियासत में दिग्विजय सिंह और कैलाश विजयवर्गीय दो ऐसे नाम हैं जो हमेशा हलचल मचाते रहते है ,,अब कैलाश विजयवर्गीय का सोशल मीडिया पोस्ट जमकर चर्चाओं में है ,, उन्होंने अपने अकाउंट से कबीर का दोहा पोस्ट किया है और लिखा है "बुरा जो देखन मै चला मुझसे बुरा ना कोय " इस पोस्ट के कई मायने निकाले जा रहे है ,पिछले दिनों विजयवर्गीय के अधिकांश बयान अपने मुखिया के ही खिलाफ आ रहे थे ,ऐसे में अब ऐसा लग रहा है कि सफेद कबूतर उड़ गए है और दोनों में सुलह हो गई है। ,,चलिए अब ये कह सकते है "देर आए दुरुस्त आए "

विधानसभा में विधायक जी क्यों खड़े हुए सिर के बल

भोपाल मध्यप्रदेश विधानसभा में उस वक्त अजीब नज़ारा देखने को मिला जब कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल विरोध जताने के लिए सदन में ही शीर्षासन करने लगे। अपने ऊपर दर्ज एफआईआर के खिलाफ उन्होंने अनोखे अंदाज़ में प्रदर्शन किया और सरकार पर झूठे मुकदमे दर्ज कराने का आरोप लगाया।

विधायक बाबू जंडेल ने कहा कि उन्होंने केवल एक समारोह में पटाखा चलाया था, लेकिन उनके खिलाफ बंदूक चलाने का केस दर्ज कर दिया गया। उनका दावा है कि यह कार्रवाई राजनीतिक बदले की भावना से की गई है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा, “मैं सरकार से नहीं डरने वाला, सच के लिए लड़ता रहूंगा।”

सदन में विधायक के इस ‘उल्टे प्रदर्शन’ से सियासी पारा चढ़ गया। सत्ता पक्ष ने इसे नाटक करार दिया, तो वहीं कांग्रेस ने इसे लोकतांत्रिक विरोध बताया। अब यह मुद्दा विधानसभा से निकलकर प्रदेश की राजनीति में गर्म बहस का कारण बन गया है।



Thursday, February 26, 2026

एमपी टाइम्स की मुहिम का असर, अतिथि शिक्षकों के लिए आई खुशखबरी...जताया हमारा आभार


भोपाल।मध्यप्रदेश के लोक शिक्षण संचालनालय ने अतिथि शिक्षकों की लंबी अनुपस्थिति को लेकर पूर्व में जारी किए गए आदेश को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। इस संबंध में 26 फरवरी 2026 को नया आदेश जारी किया गया है।

पूर्व आदेश में प्रावधान किया गया था कि यदि कोई अतिथि शिक्षक बिना सूचना लगातार 7 दिवस तक अनुपस्थित रहता है तो उसकी सेवा समाप्त की जा सकती है। इस प्रावधान को लेकर प्रदेश के विभिन्न जिलों में आपत्तियां और विरोध सामने आए थे। अतिथि शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुनील परिहार ने एमपी टाइम्स का आभार जताया है... और लिखा है #MP टाइम्स समाचार पत्र को हृदय से धन्यवाद। आपने भी अतिथि शिक्षकों के खिलाफ हुए शोषणकारी आदेश को निरस्त करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई । उम्मीद करते हैं इसी तरह से सहयोग करते रहेंगे । सुनील परिहार प्रदेश अध्यक्ष अतिथि शिक्षक समन्वय समिति



ताजा निर्देशों के अनुसार अब अतिथि शिक्षकों की उपस्थिति एवं अनुपस्थिति के संबंध में आगे की कार्रवाई एजुकेशन पोर्टल 3.0 पर आवश्यक तकनीकी व्यवस्था उपलब्ध होने के पश्चात की जाएगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस संबंध में पृथक दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।

आदेश की प्रतिलिपि सभी जिला शिक्षा अधिकारियों, कलेक्टरों तथा संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को प्रेषित कर दी गई है। फिलहाल पूर्व प्रावधान निरस्त होने से अतिथि शिक्षकों को अस्थायी राहत मिली है।



सरकारी कर्मचारियों को अलर्ट,, अब दफ्तर पर सीएम की नजर !

भोपाल। समय पर दफ्तर पहुंचने की आदत अब सिर्फ सलाह नहीं, बल्कि सख्त निर्देश बन चुकी है। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वल्लभ भवन स्थित मंत्रालय में अधिकारियों और कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए छापामार कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। खास बात यह है कि मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव भले ही भोपाल से बाहर दौरे पर रहेंगे, लेकिन मंत्रालय की घड़ी आज पूरी सख्ती से चलेगी। मुख्यमंत्री सचिवालय और सामान्य प्रशासन विभाग को सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक वल्लभ भवन, विंध्याचल और सतपुड़ा भवन—तीनों कार्यालयों में कर्मचारियों की उपस्थिति, आने-जाने का समय और अनाधिकृत अनुपस्थिति का ब्यौरा जुटाने के निर्देश दिए गए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग ने टीम गठित कर सभी भवनों में तैनाती भी कर दी है। यानी आज “लेट-लतीफी” पर सीधी नजर रहेगी। मंत्रालय के गलियारों में चर्चा है कि अब फाइलों से ज्यादा निगाहें हाज़िरी रजिस्टर पर होंगी। जो कर्मचारी अब तक ‘ट्रैफिक’, ‘मीटिंग’ या ‘फील्ड विज़िट’ के बहाने समय को लचीला मानते थे, उनके लिए यह दिन थोड़ा लंबा साबित हो सकता है। प्रशासनिक अनुशासन की इस कवायद को लेकर सख्ती साफ है—संदेश सीधा है, सरकार दौरे पर हो या न हो, दफ्तर समय पर ही खुलेगा।

मास्टर प्लान पर बयान ,लायेगा सियासी तूफान !

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीये के बीच चल रही तल्खी कोई नई बात नहीं है,,ये तल्खी मंत्रालय और मालवा से चलकर बजट सत्र में सदन तक पहुंच गई है,,आलम ये है कि ना मन मिल रहे है और ना ही मत,, जिस दिन बजट पेश हुआ उस दिन विजयवर्गीय ने ना तो मुख्यमंत्री और ना ही वित्त मंत्री से हाथ मिलाए ,, उसके बाद मास्टर प्लान पर भी कैलाश विजयवर्गीय ने अब एक ऐसा बयान दे दिया है सुनिए क्या कहा कैलाश विजयवर्गीय ने सदन में
,अगर इस बयान की चिंगारी ने सही आग पकड़ी होती तो इसकी सियासी लपटें बहुतों की छबि खाक कर देती,,असल में मास्टर प्लान को लेकर जयवर्धन सिंह के सवाल के जवाब में विजयवर्गीय ने कह दिया कि मास्टर प्लान तो तैयार हो गया है और सीएम को सौंप दिया गया है,, अब सवाल ये उठाने लगे है कि मास्टर प्लान फिर हॉल क्यों है सब जानते है,,, कमलनाथ सरकार गिर रही थी और जयवर्धन ने आननफानन में मास्टर प्लान लांच कर दिया था ,, लेकिन शिवराज सरकार ने उसे होल्ड कर दिया ,,, सब ये भी जानते है कि मास्टर प्लान में उद्योपतियों और बिल्डर्स की क्या भूमिका होती है,,अब बेचारे बेबस बिल्डर्स भीं हाथ खींचकर बैठ गए है आखिर मलाई मलाई खिला खिलाकर वो भी थक गए हैं,

Wednesday, February 25, 2026

जेपी अस्पताल में बवाल: प्रदर्शन के बीच बच्चे संग महिला बेहोश

 

भोपाल। भोपाल के जयप्रकाश अस्पताल में मंगलवार को आउटसोर्स स्वास्थ्यकर्मियों का प्रदर्शन उस समय उग्र हो गया, जब अपनी मांगों को लेकर धरना दे रहे कर्मचारियों ने अस्पताल परिसर में नारेबाजी शुरू कर दी। इसी दौरान एक महिला कर्मचारी अपने छोटे बच्चे के साथ अचानक बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ी, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद कर्मचारियों और सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत उसे संभाला और इलाज के लिए अंदर ले जाया गया।

बताया जा रहा है कि आउटसोर्स कर्मचारी वेतन वृद्धि, नियमितीकरण और लंबित भुगतान जैसी मांगों को लेकर विरोध जता रहे थे। प्रदर्शन के दौरान पुलिस मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों को हटाने की कोशिश की। इसी बीच पुलिस और कर्मचारियों के बीच तीखी बहस हुई, जो धक्का-मुक्की में बदल गई। घटना के वीडियो भी सामने आए हैं, जिनमें हंगामे का दृश्य देखा जा सकता है।

प्रदर्शनकारी कर्मचारियों का आरोप है कि लंबे समय से उनकी समस्याओं की अनदेखी की जा रही है, जिससे वे मजबूर होकर आंदोलन कर रहे हैं। वहीं पुलिस का कहना है कि अस्पताल की व्यवस्था और मरीजों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई की गई। घटना के बाद कुछ देर तक अस्पताल परिसर में तनाव का माहौल बना रहा, जबकि कर्मचारी अपनी मांगों पर अड़े रहे।

Tuesday, February 24, 2026

गौ-हत्या के आरोपों से बढ़ा आक्रोश, विशेष बैठक की मांग

भोपाल। राजधानी भोपाल के स्लॉटर हाउस में कथित तौर पर गोमांस मिलने के मुद्दे पर सियासत तेज हो गई है। बीजेपी के पार्षद ने इस मामले को गंभीर बताते हुए नगर निगम में विशेष सत्र बुलाने की मांग की है।

बीजेपी पार्षद विलास राव घाड़गे ने महापौर मालती राय को पत्र लिखकर कहा है कि यह मामला केवल धार्मिक आस्था और गो-संवर्धन से जुड़ा नहीं है, बल्कि कानून-व्यवस्था, सामाजिक सौहार्द और नगर प्रशासन की जवाबदेही से भी प्रत्यक्ष रूप से संबंधित है। उन्होंने पत्र में उल्लेख किया कि गौ-हत्या की घटना से नागरिकों में अत्यंत आक्रोश और चिंता व्याप्त है।

पार्षद ने महापौर से आग्रह किया है कि वे अपने विशेषाधिकार का प्रयोग करते हुए इस संवेदनशील विषय पर तत्काल नगर निगम का विशेष सत्र बुलाएं, ताकि मामले पर विस्तार से चर्चा हो सके और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

फिलहाल इस मुद्दे पर नगर निगम प्रशासन की ओर से औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन मामले को लेकर शहर में राजनीतिक और सामाजिक हलचल बढ़ गई है।





भोपाल से गरजी कांग्रेस: भारत-अमेरिका ट्रेड डील के खिलाफ किसान महापंचायत में हुंकार

भोपाल। भोपाल के जवाहर चौक पर 24 फरवरी को आयोजित किसान महापंचायत में कांग्रेस ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोला। कार्यक्रम में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने हजारों किसानों को संबोधित किया। पार्टी ने इसे किसानों के हितों की रक्षा के लिए देशव्यापी अभियान की शुरुआत बताया।

सभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि लोकसभा में उन्हें अपनी बात रखने से रोका गया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा अमेरिका के साथ किया गया ट्रेड समझौता भारतीय किसानों के हितों के खिलाफ है और इससे कृषि क्षेत्र पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। राहुल ने सरकार की नीतियों को किसान विरोधी बताते हुए इसे बड़े आर्थिक जोखिम से जोड़ा।

वहीं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी केंद्र की नीतियों की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि यह समझौता किसानों के साथ अन्याय है और इससे देश के कृषि बाजार पर विदेशी प्रभाव बढ़ेगा।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भोपाल को इस महापंचायत के लिए चुनना कांग्रेस की रणनीतिक तैयारी का हिस्सा है। मध्यप्रदेश समेत हिंदी पट्टी के राज्यों में किसान वर्ग को साधने और ग्रामीण मतदाताओं को एकजुट करने के उद्देश्य से पार्टी इस मुद्दे को व्यापक आंदोलन का रूप देने की कोशिश में है। कांग्रेस का दावा है कि यदि यह डील लागू होती है तो अमेरिकी कृषि उत्पादों के लिए भारतीय बाजार खुल सकता है, जिससे स्थानीय किसानों की प्रतिस्पर्धा और आय पर असर पड़ सकता है।

मोहन कैबिनेट के बड़े फैसले

मोहन कैबिनेट की आज की बैठक किसानों के मुद्दे पर फोकस रही,, एक तरफ जहा मंगलवार को कांग्रेस किसान महाचौपाल लगा रही थी ,, वही विधानसभा में हुई मोहन कैबिनेट की बैठक में किसानों के लिए जमकर खुशखबरी आई.. ये रहे मोहन कैबिनेट के बड़े फैसले *मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक में लिए गए निर्णय-* * किसान कल्याण वर्ष में कृषकों के लिए लगभग 10 हजार 500 करोड़ रूपये की 5 योजनाओं की निरंतरता की स्वीकृति * पीएम राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के लिए 2,014 करोड़ 83 लाख रूपये की स्वीकृति * प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना में "पर ड्रॉप-मोर-क्रॉप" के लिए 2,393 करोड़ 97 लाख रूपये की स्वीकृति * राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन के लिए 3,285 करोड़ 49 लाख रूपये की स्वीकृति * नेशनल मिशन ऑन नेचरल फार्मिंग के लिए 1011 करोड़ 59 लाख रूपये की स्वीकृति * राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन ऑयल सीड के लिए 1,793 करोड़ 87 लाख रूपये स्वीकृत * भावांतर योजना में सरसों उपार्जन की स्वीकृति * खनिज अन्वेषण एवं विकास हेतु भवन निर्माण के लिए 34 करोड़ 2 लाख रूपये की स्वीकृति * मध्यप्रदेश प्रशासनिक पुनर्गठन आयोग के प्रावधानों के परिवर्तन की स्वीकृति

Monday, February 23, 2026

सीएम मोहन यादव की किसानों के लिए बड़ी घोषणा

*भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वर्तमान में चल रहे विधानसभा सत्र के दौरान सोमवार को सदन में कृषक कल्याण वर्ष 2026 पर वक्तव्य दिया। उन्होंने कहा कि किसानों का सशक्तिकरण ही हमारे प्रदेश के सर्वांगीण विकास की आधारशिला है। इसी संकल्प के साथ हमारी सरकार ने वर्ष 2026 को "कृषक कल्याण वर्ष" के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कृषक कल्याण वर्ष में हम किसानों को 'अन्नदाता' के साथ-साथ 'ऊर्जादाता' और 'उद्यमी' भी बनाने की दिशा में बढ़ रहे हैं। किसान खुशहाल होंगे, तभी "समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश" का सपना साकार होगा। सरकार की यह पहल न केवल मध्यप्रदेश को देश का खाद्य भंडार बनाए रखेगी, वरन् इसे एक वैश्विक एग्री-एक्सपोर्ट हब (ग्लोबल एग्री-एक्सपोर्ट हब) के रूप में भी स्थापित करेगी। *भावान्तर योजना-सरसों वर्ष 2026* मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सदन को बताया कि इस वर्ष सरसों के रकबे में पूर्व वर्ष की तुलना में लगभग 28 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और द्वितीय अग्रिम अनुमान अनुसार अनुमानित उत्पादन 15.71 लाख मीट्रिक टन है। कृषि उपजों के लिए सरकार की मूल्य नीति का उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करना है, ताकि प्रदेश में सरसों के उत्पादन को प्रोत्साहन मिल सके। उन्होंने कहा कि वर्तमान में सरसों की माह जनवरी की औसत मण्डी दरें 6000 रूपए प्रति क्विंटल हैं तथा सरसों का भारत सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 6200 रूपए प्रति क्विंटल हैं। इसी तारतम्य में सरसों का उपार्जन भारत सरकार की प्राइस डिफिसिट पेमेंट स्कीम (भावांतर योजना) के नियत प्रावधानों अनुसार एवं पात्रता के अनुसार कृषकों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने का निर्णय हमारी सरकार ने लिया है। इसी संदर्भ में भारत सरकार को विधिवत् प्रस्ताव भी भेज दिया गया है। इस योजना अंतर्गत एफएक्यू सरसों को न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम राशि मिलने की प्रतिपूर्ति के लिए एक योजना प्रस्तावित की गई है। भावांतर योजना अन्तर्गत पंजीकृत किसानों के सरसों के रकबे एवं राज्य की औसत उत्पादकता के मान से उनकी पात्रतानुसार भुगतान किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि पूरे देश में भावांतर योजना- सोयाबीन का सफल क्रियान्वयन एकमात्र मध्यप्रदेश सरकार द्वारा ही किया गया है। भावांतर योजना सोयाबीन के अंतर्गत लगभग 6.86 लाख किसानों के बैंक खातों में लगभग 1492 करोड़ रूपए डीबीटी के जरिए सीधे हस्तांतरित किए गए हैं। सरसों की फसल में भावांतर की राशि भी किसानों के बैंक खातों में डीबीटी के जरिए मंडी बोर्ड द्वारा अंतरित किए जाएंगे। इस राशि की प्रतिपूर्ति प्रथमतः राज्य मूल्य स्थिरीकरण कोष से की जायेगी। *उड़द प्रोत्साहन योजना-वर्ष 2026* मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सदन को बताया कि हम किसानों को मूंग के स्थान पर उड़द का उत्पादन बढ़ाने की दिशा में प्रयासरत हैं। मध्यप्रदेश में दलहनी फसलों के संतुलित उत्पादन, किसानों की आय में वृद्धि, फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने एवं ग्रीष्मकालीनमूंग फसल का अधिक उत्पादन के कारण उत्पन्न उपार्जन तथा विपणन समस्याओं के निराकरण की चुनौतियों के दृष्टिगत उड़द की ग्रीष्मकालीन फसल पर हमारी सरकार द्वारा प्रति किसान 600 रूपए प्रति क्विंटल बोनस के रूप में देने का निर्णय लिया जा रहा है। मूंग की जगह उड़द उगाने को प्रोत्साहित करने के लिए यह प्रोत्साहन राशि न्यूनतम समर्थन मूल्य के अतिरिक्त दी जायेगी। *चना, मसूर एवं तुअर का उपार्जन प्रस्ताव* मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सदन में कहा कि प्रदेश में चना एवं मसूर की फसल का प्राइस सपोर्ट स्कीम के अंतर्गत चने के लिए 6.49 लाख मीट्रिक टन एवं मसूर के लिए 6.01 लाख मीट्रिक टन उपार्जन का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा गया है। उन्होंने बताया कि तय न्यूनतम समर्थन मूल्य पर चना एवं मसूर के उपार्जन के लिए 24 मार्च से 30 मई 2026 तक की अवधि प्रस्तावित की गई है। इसके लिए 20 फरवरी से 16 मार्च 2026 तक किसानों के पंजीयन की कार्यवाही फिलहाल प्रचलन में है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में खरीफ फसल तुअर का प्राइस सपोर्ट स्कीम अंतर्गत केन्द्रीय एजेंसियों (नाफेड एवं एनसीसीएफ) द्वारा सीधे उपार्जन के लिए 1.31 लाख मीट्रिक टन का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार किसानों की बेहतरी के लिए हर जरूरी कदम उठा रही है। किसानों को सिंचाई के लिए भरपूर मात्रा में बिजली, पानी और कृषि ऋण मुहैया कराने के साथ-साथ उन्हें फसल विविधीकरण अपनाने के लिए भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।

इस बात से नाराज है उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे! इस्तीफा देने की बताई वजह

भोपाल। मध्यप्रदेश की सियासत में उस वक्त हलचल तेज हो गई जब उप नेता प्रतिपक्ष पद से इस्तीफे को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे ने खुलकर अपनी बात रखी। कटारे ने दो टूक कहा कि उन्होंने अपना इस्तीफा संगठन को भेजा था और अब तक वापस नहीं लिया है। उन्होंने बताया कि त्यागपत्र कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को भेजा गया है और पार्टी जो भी फैसला करेगी, वह उन्हें मंजूर होगा। उनके इस बयान के बाद सियासी गलियारों में चर्चाओं का दौर और तेज हो गया है।

सदन में ठुकराया गया स्थगन प्रस्ताव

कटारे ने अपनी नाराजगी भी जाहिर की। उन्होंने कहा कि सदन में स्थगन प्रस्ताव लाने के लिए उन्होंने रातभर तैयारी की, लेकिन जब वक्त आया तो प्रस्ताव को स्वीकार ही नहीं किया गया। उन्होंने तल्ख अंदाज में सवाल उठाया—क्या सदन सरकार के इशारे पर चलेगा? क्या विपक्ष की आवाज को दबाया जा रहा है? हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि नेता प्रतिपक्ष से उनका कोई विवाद नहीं है और वे उन्हें अपना बड़ा भाई मानते हैं।

बीजेपी विधायक को कांग्रेस ज्वाइन की कही बात

बीजेपी से ऑफर की चर्चाओं पर भी कटारे ने चुटीला अंदाज अपनाया। उन्होंने बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा पर तंज कसते हुए कहा कि पहले वे कहते थे पार्टी में वैकेंसी है, अब कह रहे हैं कि कोई वैकेंसी नहीं है। कटारे ने पलटवार करते हुए कहा—अगर शर्मा चाहें तो कांग्रेस के दरवाजे खुले हैं, उनका स्वागत है। यहां तक कि 2028 में उन्हें कांग्रेस मंत्री भी बनाया जा सकता है।

कटारे के इस बयान ने साफ कर दिया है कि मामला सिर्फ इस्तीफे तक सीमित नहीं, बल्कि इसके पीछे सियासी संदेश भी छिपा है। अब सबकी नजरें पार्टी नेतृत्व के अगले कदम पर टिकी हैं।

30 सेकेंड का खूनी खेल: 27 वार कर नाबालिगों ने मचाई सनसनी

भोपाल। राजधानी में नाबालिगों की बढ़ती हिंसा एक बार फिर चिंता का विषय बन गई है। टीला जमालपुरा थाना क्षेत्र में 16 फरवरी को स्नूकर क्लब के भीतर दो नाबालिगों ने 10वीं कक्षा के एक छात्र पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। अब इस वारदात का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जिसमें दिख रहा है कि महज 30 सेकेंड के भीतर छात्र पर 27 वार किए गए।

हमले में छात्र के एक हाथ की दो उंगलियां कट गईं, जबकि दूसरे हाथ में भी गंभीर चोट आई है। जानकारी के मुताबिक, कुछ दिन पहले छात्र और आरोपियों के बीच विवाद हुआ था, जिसका बदला लेने के लिए इस घटना को अंजाम दिया गया। घायल छात्र का इलाज जारी है और उसकी हालत पर डॉक्टर नजर बनाए हुए हैं।

वारदात के बाद आरोपियों ने फिल्मी गाना लगाकर अपना वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, जिससे साफ है कि वे इलाके में अपना खौफ जमाना चाहते थे। पुलिस ने दोनों नाबालिगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है, लेकिन परिजनों का आरोप है कि केस मामूली धाराओं में दर्ज किया गया है। फिलहाल पुलिस सीसीटीवी के आधार पर आगे की जांच कर रही है।

Sunday, February 22, 2026

Good News नन्हे कदमों की आहट से कूनो में गूंजी दहाड़


श्योपुर। मध्यप्रदेश के कूनो नेशनल पार्क से एक बार फिर बड़ी खुशखबरी सामने आई है। दक्षिण अफ्रीका से लाई गई मादा चीता गामिनी ने तीन शावकों को जन्म दिया है। पार्क प्रबंधन के अनुसार तीनों शावक पूर्ण रूप से स्वस्थ हैं और लगातार निगरानी में रखे गए हैं।

यह उपलब्धि एक बार फिर देश में चीतों के पुनर्वास अभियान को मजबूती देती नजर आ रही है। ताजा जन्म के बाद कूनो में शावकों की संख्या बढ़कर 27 हो गई है। वहीं कूनो में कुल चीतों की संख्या अब 35 हो गई है। गांधीसागर सहित पूरे भारत में चीतों का आंकड़ा बढ़कर 38 तक पहुंच गया है।

वन विभाग के अधिकारियों ने इसे संरक्षण की दिशा में सकारात्मक संकेत बताया है। कूनो में लगातार बढ़ती संख्या से यह स्पष्ट है कि यहां का वातावरण चीतों के अनुकूल साबित हो रहा है।




बदलते एमपी की बदलती सियासत,, फूलों की जगह पत्थर फेंकते नेता

सियासत की ये नई अदा तो देखिए फूल नहीं अब पत्थर फेंकिए.. कहते है कि वक्त के साथ साथ रीत भी बदलती है,, लेकिन इस तरह बदलती है ,ये किसी ने भी नहीं सोचा होगा,, भारतीय जनता युवा मोर्चा के नए अध्यक्ष बने हैं श्याम टेलर ,,और इनकी अगुवाई में कल जो पीसीसी कार्यालय पर हुआ वो बता रहा है कि अनुशासन की मिसाल देने वाली पार्टी की युवा तरुणाई किस दिशा में जा रही है,, ये भूल रहे हैं कि हम एमपी में रहते हैं,, बिहार और यूपी में नहीं...एमपी पुलिस भी अजब गजब नहीं है,, कांग्रेसी प्रदर्शन करने निकले तो पीसीसी के आसपास ही बैरिकेटिंग करके रोक दिया जाता है लेकिन बीजेपी कार्यकर्ताओं को कांग्रेस दफ्तर तक पहुंचने ही नहीं दिया गया ,बल्कि वो उत्पात करते रहे,और पुलिस तमाशबीन बनी रही,, वैसे कमजोर होती कांग्रेस को भी जागना होगा क्योंकि अब उनकी घर में घुसकर पिटाई हो रही है... तुम्हारे कदमों के नीचे जमीन नहीं कमाल है तुम्हे अब भी यकीन नहीं मैं इन बेपनाह अंधेरों को सुबह कैसे कहूं मैं इन नजारों का अंधा तमाशबीन नहीं अनुराग @highlight Indian National Congress - Madhya Pradesh BJP Madhya Pradesh