भोपाल। जबलपुर के बरगी बांध में हुए दर्दनाक क्रूज हादसे के कई दिन बाद आखिरकार मध्यप्रदेश सरकार ने न्यायिक जांच आयोग के गठन का फैसला लिया है। हादसे में हुई जनहानि और सुरक्षा व्यवस्थाओं पर उठते सवालों के बीच अब सरकार ने हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति संजय द्विवेदी की अध्यक्षता में एकल सदस्यीय जांच आयोग गठित किया है। हालांकि बड़ा सवाल यही है कि क्या इस जांच के बाद हादसे के जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी या मामला सिर्फ जांच तक ही सीमित रह जाएगा।
सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के मुताबिक आयोग तीन महीने के भीतर अपनी जांच पूरी कर रिपोर्ट राज्य शासन को सौंपेगा। आयोग हादसे के कारणों, जिम्मेदार अधिकारियों और सुरक्षा व्यवस्थाओं में हुई लापरवाही की जांच करेगा। इसके साथ ही राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा भी की जाएगी।
सरकार ने जांच के लिए तय किए ये बड़े बिंदु
आयोग यह जांच करेगा कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और इसके लिए कौन जिम्मेदार था। साथ ही प्रदेश में संचालित सभी नौकाओं, क्रूज और जल क्रीड़ा गतिविधियों की सुरक्षा व्यवस्था का ऑडिट भी किया जाएगा। जांच में “इनलैंड वेसल एक्ट 2021” और “आईएमएस बोट सेफ्टी गाइडलाइंस 2017” के पालन की भी पड़ताल होगी। इसके अलावा सरकार प्रदेश में नाव और क्रूज संचालन के लिए एक समान SOP और क्विक रिस्पॉन्स टीम बनाने की तैयारी में भी है।
उठ रहे कई सवाल
हादसे के बाद लगातार यह सवाल उठ रहे थे कि आखिर सुरक्षा इंतजामों में इतनी बड़ी चूक कैसे हुई। क्या क्रूज संचालन के दौरान नियमों का पालन किया जा रहा था? क्या यात्रियों की सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम थे? और सबसे बड़ा सवाल—क्या इस हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई होगी? अब निगाहें न्यायिक आयोग की रिपोर्ट पर टिक गई हैं। देखना होगा कि यह जांच सिर्फ कागजों तक सीमित रहती है या फिर हादसे के जिम्मेदारों तक कार्रवाई की आंच भी पहुंचती है।








