भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार अब प्रशासनिक कामकाज को लेकर बड़े स्तर पर समीक्षा की तैयारी में जुट गई है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव 15 मई के बाद विभागवार हाई लेवल समीक्षा बैठकें करेंगे। पहले यह बैठक 6 मई के आसपास प्रस्तावित थी, लेकिन अब इसे आगे बढ़ाकर 15 मई के बाद आयोजित करने की तैयारी की गई है। सूत्रों के मुताबिक यह सिर्फ सामान्य समीक्षा बैठक नहीं होगी, बल्कि जनता से जुड़े 45 बड़े मुद्दों, लंबित योजनाओं और नीतिगत फैसलों को लेकर विस्तृत कार्ययोजना बनाई जाएगी। मुख्यमंत्री चुनिंदा विभागों के साथ अलग-अलग बैठक कर अगले एक साल के लक्ष्य तय करेंगे और काम की समय सीमा भी निर्धारित की जाएगी। सरकार का फोकस सिर्फ योजनाओं की प्रगति पर नहीं, बल्कि नीतियों में बदलाव, प्रशासनिक सुधार और दूरगामी फैसलों पर रहेगा। बताया जा रहा है कि किन विभागों के साथ किन विषयों पर चर्चा होगी, इसके लिए अलग से विस्तृत शेड्यूल तैयार किया गया है। बैठकों में आम जनता से जुड़े मुद्दों—जैसे बिजली, पानी, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, निवेश, कृषि और शहरी विकास—को प्राथमिकता दी जाएगी। मुख्यमंत्री विभागों से ग्राउंड रिपोर्ट भी मांग सकते हैं, ताकि योजनाओं के असर और कमियों की समीक्षा की जा सके। सरकारी सूत्रों का कहना है कि मोहन सरकार अगले एक साल के लिए प्रशासनिक रोडमैप तैयार करने की दिशा में काम कर रही है और यही वजह है कि इस समीक्षा प्रक्रिया को बेहद अहम माना जा रहा है।








