भोपाल। राजधानी भोपाल में शिक्षक भर्ती को लेकर शुक्रवार को बड़ा हंगामा हो गया। वर्ग-2 और वर्ग-3 शिक्षक भर्ती में पद बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदेशभर से आए अभ्यर्थियों ने प्रदर्शन किया। हालात उस वक्त बिगड़ गए जब प्रदर्शनकारी सीएम हाउस की ओर बढ़ने लगे।
पुलिस ने रास्ते में बैरिकेडिंग कर अभ्यर्थियों को रोक दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच बहस हुई, जो देखते ही देखते धक्का-मुक्की में बदल गई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने सख्ती दिखाई और प्रदर्शनकारियों को खदेड़ दिया। मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
कार्रवाई के दौरान कई अभ्यर्थियों को बसों में भरकर मौके से हटाया गया और अलग-अलग थानों में ले जाया गया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि उन्हें जबरन हटाया गया, जबकि वे अपनी मांगों को शांतिपूर्ण तरीके से रखने आए थे।
इस झड़प में एक अभ्यर्थी के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है। उसे प्राथमिक उपचार दिया गया। घटना के बाद प्रदर्शन में शामिल अन्य अभ्यर्थियों में नाराजगी और बढ़ गई।
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिला अभ्यर्थी भी शामिल थीं। पुलिस कार्रवाई के बावजूद कई अभ्यर्थी बाद में फिर एकत्रित हुए और नारेबाजी जारी रखी।
अभ्यर्थियों की मुख्य मांग है कि शिक्षक भर्ती में पदों की संख्या बढ़ाई जाए। उनका कहना है कि प्रदेश में बड़ी संख्या में पद खाली हैं, लेकिन भर्ती सीमित पदों पर की जा रही है, जिससे योग्य अभ्यर्थियों को मौका नहीं मिल पा रहा।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम ने राजधानी में भर्ती प्रक्रिया और कानून-व्यवस्था दोनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।





