भोपाल। शहर में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई को व्यवस्थित करने के लिए नई व्यवस्था लागू की गई है। अब अलग-अलग सेक्टर को तय प्रतिशत के आधार पर सिलेंडर आवंटित किए जाएंगे, ताकि जरूरी सेवाओं को प्राथमिकता मिल सके और जमाखोरी पर रोक लगाई जा सके।nई व्यवस्था के तहत सबसे ज्यादा प्राथमिकता शैक्षणिक और चिकित्सा संस्थानों को दी गई है। इन्हें कुल आवंटन का 30 प्रतिशत हिस्सा मिलेगा और उनकी जरूरत के अनुसार पूरी आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। इसके बाद 35 प्रतिशत हिस्सा आवश्यक सेवाओं के लिए तय किया गया है, जिसमें पुलिस, सुरक्षा बल, सरकारी सेवाएं, महिला एवं बाल विकास संस्थान और आश्रय स्थल शामिल हैं। होटल, रेस्टोरेंट, कैंटीन, ढाबा और स्ट्रीट फूड कारोबारियों को तीसरी प्राथमिकता में रखा गया है। इनमें होटल और रेस्टोरेंट को 9-9 प्रतिशत, जबकि ढाबा और स्ट्रीट फूड को 7 प्रतिशत गैस मिलेगी। उद्योगों के लिए भी अलग प्रावधान किया गया है। फूड प्रोसेसिंग, पॉल्ट्री और डेयरी जैसे उद्योगों को 5 प्रतिशत आवंटन मिलेगा, जबकि अन्य उद्योग और उपयोगकर्ताओं के लिए भी 5 प्रतिशत हिस्सा तय किया गया है। सप्लाई के लिए 5 किलो, 19 किलो, 47.5 किलो और 425 किलो के सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही जमाखोरी रोकने के लिए सख्त नियम लागू किए गए हैं। अब उपभोक्ताओं को पिछले तीन महीनों की खपत के आधार पर ही सिलेंडर मिलेंगे। ऑनलाइन बुकिंग और रिकॉर्ड रखना अनिवार्य कर दिया गया है, और तय सीमा से अधिक सिलेंडर नहीं दिए जाएंगे। Nई व्यवस्था का उद्देश्य जरूरी सेवाओं को बिना बाधा गैस उपलब्ध कराना और बाजार में संतुलन बनाए रखना है।





