Saturday, February 14, 2026

इंदौर के एमवाय अस्पताल में हुई जमकर मारपीट, वीडियो हुआ वायरल


इंदौर। इंदौर के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल महाराजा यशवंतराव अस्पताल (एमवाय अस्पताल) में मेडिकल जांच के दौरान दो पक्षों के बीच विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। पुलिस द्वारा एमएलसी प्रक्रिया के लिए लाए गए दोनों पक्षों में पहले कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते लात-घूंसे चलने तक पहुंच गई। घटना का वीडियो सामने आने के बाद अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया।

मारपीट की यह घटना एमएलसी विभाग में हुई, जहां उस समय मरीज और उनके परिजन भी मौजूद थे। अचानक शुरू हुई हाथापाई से वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थिति बिगड़ती देख अस्पताल के सुरक्षाकर्मी और मौके पर तैनात पुलिसकर्मी तुरंत बीच-बचाव के लिए पहुंचे और दोनों पक्षों को अलग कराया।

हालांकि घटना के बाद किसी भी पक्ष ने औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई है, लेकिन पुलिस ने दोनों के बयान दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। संवेदनशील माने जाने वाले सरकारी अस्पताल में इस तरह की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।



सीएम के बुरहानपुर दौरे पर सियासत,, शिक्षकों की ड्यूटी परीक्षा के वक्त क्यों !

बुरहानपुर जिले में प्रस्तावित मुख्यमंत्री दौरे के दौरान बड़ी संख्या में शिक्षकों, प्राचार्यों तथा स्कूल कर्मचारियों को नेहरू स्टेडियम में ‘भीड़ प्रबंधन और बैठक व्यवस्था’ की ड्यूटी देने संबंधी आदेश बेहद चिंताजनक और निंदनीय है,प्रदेश कांग्रेस विचार विभाग अध्यक्ष भूपेन्द्र गुप्ता ने कहा कि शिक्षा जैसे संवेदनशील क्षेत्र से जुड़े लगभग 1200 से अधिक कर्मचारियों को एक साथ स्कूलों और छात्रावासों से हटाना बच्चों की पढ़ाई, सुरक्षा और अनुशासन पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है,बच्चों की परीक्षा निर्बाध करने की मांग को लेकर कांग्रेस सड़क पर उतरेगी, हम प्रशासन को आगाह करते हैं कि किसी भी राजनैतिक या सरकारी कार्यक्रम की व्यवस्थाएं शिक्षा व्यवस्था को बाधित किए बिना की जाएं,यदि अतिरिक्त मानव संसाधन की आवश्यकता है तो वैकल्पिक व्यवस्थाएं बनाई जाएं, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई और सुरक्षा से कोई समझौता न हो

धार में नसबंदी ऑपरेशन कैंप में भारी लापरवाही

धार आदिवासी क्षेत्र बाग़ में नसबंदी शिविर की शर्मनाक तस्वीरें सामने आई है,175 से ज्यादा महिलाओं के ऑपरेशन, बुनियादी सुविधाओं के अभाव में हुए हैं,ऑपरेशन के बाद महिलाओं को जमीन और धूप में लिटाया गया । “2 मिनट में एक नसबंदी” के दावे पर उठे गंभीर सवाल ।एक ही प्राइवेट डॉक्टर पर 180 ऑपरेशन की जिम्मेदारी दे दी गई,।शिविर के दौरान जिम्मेदार अधिकारी मौके से नदारद रहे,, ।सुबह 8 बजे से महिलाएं भूखी-प्यासी इंतजार करती रहीं । ये तस्वीरे आदिवासी इलाके में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर प्रश्नचिन्ह लगा रही हैं

*देर रात हुए आईएएस अधिकारियों के ट्रांसफर , मनीष सिंह होंगे नए आयुक्त जनसंपर्क

मध्य प्रदेश में देर रात बड़ी प्रशासनिक सर्जरी हुई है, देर रात हुए आईएएस अधिकारियों के ट्रांसफर में मनीष सिंह को आयुक्त जनसंपर्क बनाया गया है,इसके अलावा ये अधिकारी इधर से उधर हुए हैं
दीपक सक्सेना बनाए गए है आयुक्त आबकारी और संदीप यादव नए प्रमुख सचिव वन विभाग के होंगे, स्वास्थ की जिम्मेदारी एसीएस अशोक वर्णवाल को दी गई है, अभिजीत अग्रवाल प्रबंध संचालक मार्कफेड उमाशंकर भार्गव को राजभवन से वापस बुलाकर सौंपी कृषि विभाग में अहम जिम्मेदारी। अजय गुप्ता होंगे जबलपुर विद्युत वितरण कंपनी के नए एमडी। रिक्त पड़े सीईओ जिला पंचायत के पदों पर भी हुई पदस्थापना। देर रात राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के हुए ट्रांसफर भुरला सिंह सोलंकी को मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत, आगर मालवा मिलिंद कुमार नागदेवे को मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत, खरगोन वीर सिंह चौहान को मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत, भिंड राकेश शर्मा को मुख्य महाप्रबंधक, मध्यप्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, भोपाल बनाया गया।

Friday, February 13, 2026

आधी रात को महिलाओं और बच्चों पर छतरपुर में लाठीचार्ज!

छतरपुर। केन-बेतवा लिंक परियोजना को लेकर जिले के बिजावर क्षेत्र में देर रात प्रदर्शन के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई। परियोजना से प्रभावित ग्रामीण बड़ी संख्या में एकत्र होकर मुआवजे और पुनर्वास को लेकर विरोध जता रहे थे। हालात बिगड़ने पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प की स्थिति बनी।

पुलिस ने किया लाठीचार्ज 

प्रशासन के अनुसार भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि उनकी मांगों पर सुनवाई नहीं की जा रही, जबकि प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई की गई। घटना के दौरान महिलाओं की मौजूदगी भी बताई जा रही है।

अतिरिक्त बल तैनात, नियंत्रण में हालात

फिलहाल क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। आधिकारिक तौर पर किसी गंभीर घायल होने की पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन का कहना है कि प्रभावित पक्षों से संवाद की प्रक्रिया जारी है ताकि मामले का समाधान निकाला जा सके।

कांग्रेस नेता ने की मुआवजे की मांग

मामले को लेकर कांग्रेस नेता अरुण यादव ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि छतरपुर के बिजावर में आधी रात महिलाओं और बच्चों पर लाठीचार्ज और वाटर कैनन चलाना निंदनीय और अमानवीय है। उन्होंने कहा कि परियोजना के नाम पर बड़ी संख्या में आदिवासी और दलित परिवारों को विस्थापित किया जा रहा है, जो अपने हक, सम्मानजनक पुनर्वास और न्यायपूर्ण मुआवजे की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी बात सुनने के बजाय दमन का रास्ता अपनाया गया। यादव ने मांग की कि विस्थापितों को पर्याप्त मुआवजा दिया जाए और कार्रवाई के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर तत्काल सख्त कदम उठाए जाएं।



जनगणना कांफ्रेंस में मुख्यमंत्री ने अफसरो के सामने रखी शर्त !

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कुशाभाऊ ठाकरे सभागार, भोपाल में आयोजित जनगणना कॉन्फ्रेंस में कहा कि,इस बार की जनगणना भले ही आठवीं है, लेकिन सबसे हटके है। कोविड के कठिन काल में स्वाभाविक रूप से जनगणना संभव नहीं थी, लेकिन अब हमें और अधिक शुद्धता और पारदर्शिता के साथ यह दायित्व निभाना है।गणनाओं की शुद्धता और बारीकियों के लिए प्रशिक्षण हुआ है, अब प्रतिबद्धता और निष्पक्षता सबसे पहली शर्त है। जनगणना के कई अर्थ निकाले जाएंगे, इसलिए स्पष्टता, पारदर्शिता और निष्पक्षता सर्वोपरि रहनी चाहिए।1931 के बाद सामाजिक स्तर की इस प्रकार की जनगणना पहली बार हो रही है, हम सब मिलकर एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाने जा रहे हैं।विकास का कारवां भी बढ़े और व्यवस्थाओं का नियंत्रण भी हाथ में रहे।किसी का मकान, जमीन या दुकान प्रभावित होती है तो उसके मन का लगाव भी समझना होगा, विकास के साथ संवेदनशीलता अनिवार्य है।होली और महाशिवरात्रि जैसे पर्वों पर प्रशासन हाई अलर्ट पर रहे।आदर्श होली ऐसे हो कि लोगों को कष्ट कम हो और सामाजिक समरसता की भावना प्रकट हो।दक्षता के आधार पर परस्पर सौहार्द के बेहतर उदाहरण प्रस्तुत होने चाहिए। * किसान कल्याण वर्ष के रूप में यह वर्ष घोषित है, कृषकों को किसी प्रकार की कठिनाई नहीं आनी चाहिए। नरवाई जलाने की समस्या को स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के आधार पर शून्य तक लाने का प्रयास करें।दलहन-तिलहन के उत्पादन को बढ़ाने की दिशा में ठोस प्रयास करें।