Wednesday, February 18, 2026

एमपी बजट: कर्ज की मजबूरी बनी घोषणाओं की दूरी!


भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश करते हुए विकास और सामाजिक योजनाओं पर बड़ा दांव लगाया है। राज्य के वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने विधानसभा में बजट प्रस्तुत किया, जिसमें महिलाओं, किसानों, शिक्षा, स्वास्थ्य और शहरी विकास को प्राथमिकता दी गई है। खास बात यह रही कि इस बार भी सरकार ने कोई नया कर नहीं लगाया।

बजट का आकार और विजन

सरकार ने लगभग 4.38 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया है। इसे विकास उन्मुख और दीर्घकालिक रणनीति वाला बजट बताया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसे “समावेशी विकास की दिशा में ठोस कदम” बताया। सरकार का लक्ष्य राज्य की अर्थव्यवस्था को आने वाले वर्षों में तेजी से आगे बढ़ाना है।

महिलाओं के लिए बड़ा प्रावधान

महिला सशक्तिकरण को ध्यान में रखते हुए लाड़ली बहना योजना के लिए भारी बजटीय प्रावधान किया गया है। सरकार का कहना है कि इससे लाखों महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

किसानों को राहत और ऊर्जा पर जोर

कृषि क्षेत्र के लिए विशेष पैकेज घोषित किया गया है। सिंचाई, सोलर पंप और कृषि अधोसंरचना पर निवेश बढ़ाया जाएगा। सरकार ने इसे “किसान कल्याण वर्ष” की दिशा में कदम बताया है।

शिक्षा और स्वास्थ्य में निवेश

स्कूल शिक्षा को मजबूत करने के लिए नए शिक्षकों की भर्ती का ऐलान किया गया है। साथ ही, सरकारी स्कूलों में बच्चों को पोषण कार्यक्रम के तहत दूध उपलब्ध कराने की योजना है। स्वास्थ्य क्षेत्र में नए अस्पतालों और मेडिकल सुविधाओं के विस्तार पर जोर दिया गया है।

शहरी विकास और रोजगार

बजट में मेट्रो विस्तार, ई-बस सेवा और आवास योजनाओं के लिए भी पर्याप्त धन का प्रावधान किया गया है। सरकार का दावा है कि इससे शहरी क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और बुनियादी ढांचा मजबूत होगा।

मध्यप्रदेश का यह बजट सामाजिक सुरक्षा और विकास परियोजनाओं के संतुलन के रूप में देखा जा रहा है। बिना नए कर लगाए बड़े खर्च का प्रावधान सरकार के लिए चुनौती भी रहेगा। अब निगाह इस बात पर होगी कि घोषणाओं को जमीन पर कितनी तेजी से लागू किया जाता है।

एमपी का ये वीडियो आपको चौंका देगा

यह वीडियो तहसील कुक्षी,मध्य प्रदेश का बताया जा रहा हैं जो बेहद चिंतजनक हैं, आदिवासियों के संसाधनों और प्रकृति खनिजो पर निजी क्षेत्र का कब्ज़ा कराने के कुछ लोग लिए तत्पर हैं मगर वो जन विरोध को भूल रहे हैं.जनता का उग्र प्रदर्शन, इन गतिविधियों का जनविरोधी होने का प्रमाणपत्र हैं..

बजट में हर वर्ग का पूरा ख्याल :हेमंंत खण्डेलवाल

भोपाल भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने बजट को सभी वर्गों के लिए बेहतरीन बताया है,, खंडेलवाल ने कहा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में वित्तमंत्री जगदीश देवड़ा द्वारा प्रस्तुत 4,38,317 करोड़ रुपये का यह बजट ऐतिहासिक है और अब तक का सबसे बड़ा बजट है, जो प्रदेश के समग्र विकास की दिशा में एक मजबूत कदम है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा पिछले दो वर्ष की तुलना में प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय ₹1,41,000 से बढ़कर ₹1,69,000 हो गई है, यह 19.25 प्रतिशत की वृद्धि सरकार की प्रभावी आर्थिक नीतियों का परिणाम है। यह बजट गरीब, युवा, किसान और महिलाओं के सशक्तिकरण पर विशेष फोकस करता है, जिससे समाज के हर वर्ग को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।बजट में गौशालाओं के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं तथा 1 लाख सोलर पंप किसानों को देने की तैयारी की गई है। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए 1 लाख हेक्टेयर क्षेत्र का लक्ष्य रखा गया है और फसल बीमा के लिए ₹1,300 करोड़ का प्रावधान किया गया है।महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में ‘लाड़ली बहना योजना’ के लिए 23,000 हजार करोड़ से अधिक की राशि निर्धारित की गई है। साथ ही कामकाजी महिलाओं के लिए 5,700 महिला हॉस्टल के निर्माण तथा उनकी सुरक्षा और पेंशन पर विशेष जोर दिया गया है।युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ₹25,000 करोड़ के ऋण प्रावधान किए गए हैं तथा खेलों के विकास के लिए ₹815 करोड़ की राशि निर्धारित की गई है। ग्रामीण क्षेत्रों के विकास हेतु मजरे-टोले की सड़कों के लिए ₹21,000 करोड़ से अधिक की राशि दी गई है। शिक्षा के क्षेत्र में 294 नए विद्यालय स्थापित करने की तैयारी है, जिससे प्रदेश में शैक्षणिक ढांचे को सुदृढ़ किया जाएगा। वीबीजी रामजी योजना के लिए ₹10,000 करोड़ से अधिक की राशि का प्रावधान किया गया है। अब गांवों को खुद निर्णय का अधिकार केन्द्र और राज्य सरकार दे रही है।पहली बार बच्चों को ट्रेटा दूध दिया जाएगा। उसके लिए बजट में प्रावधान किया गया है।स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए लगभग ₹23,000 करोड़ का प्रावधान कर चिकित्सा सुविधाओं को और बेहतर बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है। इसके साथ ही 472 नई ई-बस सेवाओं की शुरुआत कर शहरी परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाएगा। ₹1,00,000 करोड़ से अधिक का पूंजीगत व्यय प्रदेश में अधोसंरचना और विकास कार्यों को नई गति देगा। यह बजट वर्ष 2047 तक विकसित प्रदेश के विजन को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है और यह हर वर्ग को सशक्त बनाने वाला संतुलित, समावेशी एवं विकासोन्मुख बजट है।

Tuesday, February 17, 2026

मप्र में मुख्य बजट से पहले 19 हजार करोड़ का अनुपूरक बजट पेश


भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025–26 के लिए अनुपूरक बजट पेश किया। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने सदन में 19 हजार 200 करोड़ रुपये से ज्यादा का अनुपूरक बजट रखा।

सरकार ने बताया कि यह अतिरिक्त बजट अलग-अलग विभागों की बढ़ी हुई जरूरतों को पूरा करने के लिए लाया गया है। इसमें विकास कार्य, सड़क-पुल, सामाजिक योजनाएं और अन्य जरूरी खर्च शामिल हैं।

बजट पेश होते ही विपक्ष ने कुछ मुद्दों पर सवाल भी उठाए। इस अनुपूरक बजट पर 23 फरवरी को सदन में विस्तार से चर्चा होगी। चर्चा के बाद इसे मंजूरी के लिए आगे बढ़ाया जाएगा।

अनुपूरक बजट तब लाया जाता है जब साल के बीच में पहले से तय बजट से ज्यादा पैसे की जरूरत पड़ती है। अब सबकी नजर 23 फरवरी की चर्चा पर रहेगी।

एमपी विधानसभा की दूसरे दिन की कार्रवाई में जमकर हंगामा

एमपी विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन की शुरुआत हंगामेदार रही,, कांग्रेस विधायक खराब पानी की बोतल लेकर प्रदर्शन करते नजर आए, नेता प्रतिपक्ष की अगुवाई में विधायकों ने कैलाश विजयवर्गीय के इस्तीफे की मांग की मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दौरान विपक्ष के हंगामे और इंदौर दूषित पानी से मौतों के मामले में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के इस्तीफा की मांग पर भाजपा विधायक उमाकांत शर्मा ने कहा कि कांग्रेस को पहले अपने इतिहास पर नजर डालनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि अर्जुन सिंह के कार्यकाल में हुए गैस कांड में हजारों लोगों की जान गई थी, तब किसने इस्तीफा दिया था इसी तरह दिग्विजय सिंह के शासनकाल में किसानों की हत्या के मामलों में किसने जिम्मेदारी ली थीभाजपा विधायक ने आरोप लगाया कि कांग्रेस आज नैतिकता की बात कर रही है, जबकि उसके अपने शासनकाल में गंभीर घटनाएं हुईं, लेकिन किसी ने जवाबदेही तय नहीं की।उमाकांत शर्मा ने कांग्रेस के अंदरूनी हालात पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी में नेतृत्व को लेकर भ्रम की स्थिति है। उन्होंने दावा किया कि कमलनाथ और दिग्विजय सिंह के बीच खींचतान चल रही है, वहीं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी को भी पूरी स्वीकार्यता नहीं मिल रही है।उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेता एक-दूसरे का कुर्ता फाड़ने में लगे हैं और जनता के मुद्दों से भटकाने के लिए विधानसभा में हंगामा कर रहे हैं। भाजपा विधायक ने दावा किया कि प्रदेश की जनता कांग्रेस की आंतरिक कलह को देख रही है और समय आने पर जवाब देगी। मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दौरान इंदौर की घटना को लेकर पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह ने सरकार पर तीखा हमला बोला जयवर्धन सिंह ने कहा कि इंदौर की इस घटना से सिर्फ इंदौर ही नहीं बल्कि पूरा मध्य प्रदेश कलंकित हुआ है। उन्होंने कहा कि एक ओर इंदौर देश की सबसे साफ-सुथरी नगरी के रूप में पहचाना जाता है लेकिन इस घटना ने पूरे देश में शहर की छवि को धूमिल किया है। पूर्व मंत्री ने आरोप लगाया कि इंदौर नगर निगम में अधिकांश ठेके भाजपा पार्षदों से जुड़े लोगों को दिए जा रहे हैं समय पर पानी की पाइपलाइन नहीं डाली गई जिससे यह गंभीर स्थिति बनी।उन्होंने सवाल उठाया कि इस पूरे मामले में वरिष्ठ भाजपा नेता और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की क्या जिम्मेदारी बनती है। उन्होंने कहा कि इस घटना के नैतिक आधार पर महापौर, एमआईसी सदस्य और मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए। मध्य प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के प्रदर्शन को लेकर भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने कांग्रेस पर निशाना साधा है।शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री ने इंदौर की घटना को गंभीरता से लेते हुए स्वयं कई बार दौरे किए हैं और संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि नगर पालिका नगर निगम और पंचायत स्तर तक स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं कि आम नागरिकों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाए और समय-समय पर पानी की गुणवत्ता की जांच सुनिश्चित की जाए।उन्होंने कहा कि यदि इस मामले में कोई भी अधिकारी या कर्मचारी लापरवाही करता पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर निलंबन से लेकर सेवा से बर्खास्तगी तक की कार्रवाई भी की जा सकती है। वरिष्ठ अधिकारियों को स्पष्ट रूप से कहा गया है कि पानी जैसे गंभीर मुद्दे पर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।कांग्रेस पर हमला बोलते हुए शर्मा ने कहा कि विपक्ष के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है, इसलिए वह केवल विधानसभा में हंगामा कर रहा है। कांग्रेस के पास कोई काम है नहीं अभी यहां हंगामा कर रहे है विधानसभा से फ्री होने के बाद कांग्रेसी जीतू पटवारी और उमंग सिंघार से इस्तीफा की मांग करेंगे। - मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दौरान विपक्ष ने इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित जल से हुई मौतों के मुद्दे पर स्थगन प्रस्ताव लाने की तैयारी में है। इस संबंध में नेता प्रतिपक्ष ने विधानसभा अध्यक्ष से चर्चा के लिए स्थगन प्रस्ताव स्वीकार करने की मांग की है।नेता प्रतिपक्ष का आरोप है कि इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में लोगों को मल-मूत्र से दूषित पानी पीने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है, जिसके कारण कई लोगों की मौत हो चुकी है और अनेक लोग बीमार हैं। उन्होंने कहा कि यह गंभीर जनस्वास्थ्य का मामला है और सरकार को इस पर तुरंत जवाब देना चाहिए।उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार इस मुद्दे पर सदन में चर्चा से क्यों बच रही है। पार्टी इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाती रहेगी। कांग्रेस विधायक आतिफ अकील ने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने और गाय की मौत होने पर उसका विधिवत अंतिम संस्कार किए जाने की मांग की है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि गाय को लेकर चिंता जताना अच्छी बात है लेकिन सिर्फ बयान देने से काम नहीं चलेगा। उन्होंने कहा कि आतिफ अकील और सभी मुस्लिम समाज के लोगों को मस्जिदों में जाकर अपील करनी चाहिए कि किसी भी कीमत पर गाय की हत्या न होने दी जाए।रामेश्वर शर्मा ने आगे कहा कि गाय को काटने वाला कसाई कौन है इस पर भी स्पष्ट बात होनी चाहिएसमाज के बीच जाकर जागरूकता अभियान चलाया जाना चाहिए। कुत्तों की नसबंदी को लेकर भी सत्तापक्ष और विपक्ष में जमकर नोंकझोंक हुई!

Monday, February 16, 2026

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का विपक्ष पर निशाना

भोपाल - सीएम डॉ.मोहन यादव ने विपक्ष परा निशाना साधा है सीएम ने कहा है कि बड़े नादान है वो कांग्रेसी ये कांग्रेसी समझने में गलती करते हैं,कांग्रेस इसी कारण से अपनी विश्वसनीयता खो रही है..बजट का अभिभाषण सरकार का आईना होता है..आगे जाकर के पूरे सदन में इस पर चर्चा होती है..चर्चा में भाग ले अच्छी बात है तो सरकार की प्रशंसा करे..विपक्ष में हो तो सरकार की कमजोरी बताओ..मर्यादा के पार जाकर के राज्यपाल के अभिभाषण का विरोध करते है तो अच्छी बात नहीं है.. नाच न जाने आंगन टेडा जैसे हालत है कांग्रेस के ,,सीएम ने कहा जनता कांग्रेस की बात नहीं मान रही है.. सीएम ने आश्वस्त किया कि कल से सकारात्मक रूप से सदन में इस पर चर्चा होगी..सरकार सभी बातों का जवाब देने के लिए तैयार है..