Sunday, April 12, 2026

शिवराज, प्रहलाद और कैलाश को नई जिम्मेदारी

मध्य प्रदेश में भाजपा का नया कोर ग्रुप तैयार हो गया है इसकी पहली बैठक 14 अप्रैल को होगी... पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया,पूर्व मंत्री डॉ.नरोत्तम मिश्रा को भी इसमें शामिल किया गया है,साथ में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व के साथ ही दोनों डिप्टी सीएम,मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, प्रहलाद पटेल, राकेश सिंह वीडी शर्मा समेत अन्य नेताओं को इसमें शामिल किया गया है। 15 नेताओं का यह कोर ग्रुप है जिसकी जल्द ही अधिकृत घोषणा होगी।14 अप्रैल की शाम 7:00 बजे सीएम हाउस में बैठक रखी गई है कुछ अहम मुद्दों पर चर्चा की जाएगी पार्टी के कार्यों पर भी चर्चा होगी,, कुछ नए प्रोग्राम जो आने वाले हैं उस पर भी मंथन होगा...

MP में बढ़ सकती हैं राज्यसभा सीटें, 3 की जगह 4 पर चुनाव की चर्चा


भोपाल। मध्यप्रदेश में राज्यसभा चुनाव से पहले सियासी समीकरण तेजी से बदलते नजर आ रहे हैं। अब तक तीन सीटों पर चुनाव तय माना जा रहा था, लेकिन केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन को तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में उतारने के बाद एक और सीट खाली होने की संभावना ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है।

दरअसल, मुरुगन इस समय मध्यप्रदेश से राज्यसभा सदस्य हैं। अगर वे तमिलनाडु विधानसभा चुनाव जीतते हैं, तो उन्हें राज्यसभा से इस्तीफा देना होगा। ऐसे में प्रदेश में चौथी सीट खाली हो सकती है, जो सीधे तौर पर सत्ता संतुलन को प्रभावित करेगी।

बदलेगा पूरा चुनावी गणित

जून 2026 में मध्यप्रदेश की तीन राज्यसभा सीटें पहले ही खाली हो रही हैं, जिनमें दो भाजपा और एक कांग्रेस के पास है। लेकिन मुरुगन फैक्टर जुड़ने से सीटों की संख्या चार हो सकती है, जिससे चुनावी मुकाबला और दिलचस्प हो जाएगा।

भाजपा को बढ़त, कांग्रेस पर दबाव

विधानसभा में मजबूत बहुमत के चलते भाजपा अतिरिक्त सीट पर भी दावा मजबूत कर सकती है। ऐसे में पार्टी अपने संगठन या केंद्र के किसी बड़े चेहरे को राज्यसभा भेजने की रणनीति बना सकती है।

वहीं कांग्रेस के लिए यह स्थिति असहज हो सकती है। एक तरफ उसे अपनी सीट बचाने की चुनौती होगी, तो दूसरी तरफ संख्या बल की कमी उसके विकल्प सीमित कर सकती है।

क्यों अहम है यह बदलाव

राज्यसभा की अतिरिक्त सीट केवल संख्या का खेल नहीं है, बल्कि यह केंद्र और राज्य की राजनीति में भाजपा की पकड़ को और मजबूत कर सकती है। साथ ही, यह कांग्रेस के लिए राजनीतिक स्पेस और भी संकुचित करने वाला साबित हो सकता है।

अब निगाहें तमिलनाडु चुनाव के नतीजों पर टिकी हैं। अगर मुरुगन जीतते हैं, तो मध्यप्रदेश में राज्यसभा का समीकरण पूरी तरह बदल सकता है और भाजपा को एक और रणनीतिक बढ़त मिल सकती है।

Saturday, April 11, 2026

‘वंदे मातरम्’ गाने से इनकार पर बवाल, सीएम ने कांग्रेस को घेरा


इंदौर। इंदौर नगर निगम परिषद की बैठक के दौरान ‘वंदे मातरम्’ को लेकर विवाद खड़ा हो गया। जानकारी के मुताबिक, कांग्रेस पार्षद अनवर कादरी की पत्नी नाजिया कादरी (कांग्रेस पार्षद) ने परिषद की कार्यवाही के दौरान ‘वंदे मातरम्’ गाने से इंकार कर दिया।

बताया जा रहा है कि जैसे ही परिषद की बैठक की शुरुआत ‘वंदे मातरम्’ से की जा रही थी, उसी दौरान पार्षद नाजिया कादरी ने इसे गाने से मना कर दिया। इस पर भाजपा पार्षदों ने विरोध जताया और सदन में हंगामा शुरू हो गया। मामला बढ़ने पर बैठक का माहौल गर्मा गया और यह मुद्दा सियासी रंग ले गया।

सीएम मोहन यादव का बयान

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि कांग्रेस की पार्षद ने ‘वंदे मातरम्’ गाने से इंकार किया। उन्होंने कहा कि अगर इस पर कोई कार्रवाई नहीं होती है, तो कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और अन्य नेताओं को इस्तीफा दे देना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ देश का स्वाभिमान है और इसका अपमान किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।



महिलाओं को 33% आरक्षण, नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर BJP का जोर


 भोपाल। भाजपा प्रदेश कार्यालय में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को लेकर आयोजित पत्रकार-वार्ता में प्रदेश प्रवक्ता और पूर्व मंत्री अर्चना चिटनीस ने इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लाया गया यह कानून संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को 33% आरक्षण देकर उन्हें नीति-निर्धारण में मजबूत भागीदारी देगा। उन्होंने बताया कि यह बिल 2023 में संसद से पारित होकर कानून बन चुका है और इसे लागू करने की प्रक्रिया जनगणना व परिसीमन के बाद पूरी होगी। इसके लिए 16 से 18 अप्रैल तक संसद का विशेष सत्र भी प्रस्तावित है।

चिटनीस ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि दशकों तक सत्ता में रहने के बावजूद उसने महिला आरक्षण लागू नहीं किया, बल्कि अटल बिहारी वाजपेयी के समय भी इसका विरोध किया गया। उन्होंने शाहबानो केस का जिक्र करते हुए कांग्रेस की नीतियों को महिला विरोधी बताया।

उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने उज्ज्वला, जनधन और मुद्रा जैसी योजनाओं के जरिए महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत किया है, वहीं मध्यप्रदेश में नगरीय निकायों में 50% आरक्षण देकर महिला भागीदारी पहले ही बढ़ाई गई है। बैठक में मंत्री विजय शाह, संपतिया उइके, सांसद लता वानखेड़े समेत कई नेता मौजूद रहे।

भाजपा इसे महिलाओं के लिए ऐतिहासिक बदलाव बता रही है, जबकि विपक्ष पर निशाना साधते हुए इसे राजनीतिक मुद्दा भी बनाया जा रहा है। आने वाले समय में इस कानून के लागू होने पर महिलाओं की राजनीति में भागीदारी बढ़ने की उम्मीद है।

Friday, April 10, 2026

एमपी में बैगा महोत्सव की तैयारी तेज, सीएम ने दिए अहम निर्देश



भोपाल। मध्यप्रदेश में जनजातीय संस्कृति और परंपराओं को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार एक बार फिर बड़े आयोजन की तैयारी में है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल स्थित समत्व भवन में आयोजित बैठक में आगामी बैगा महोत्सव और जनजातीय सांस्कृतिक कार्यक्रमों को लेकर विस्तृत समीक्षा की। बैठक में जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह और मुख्य सचिव अनुराग जैन सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि बालाघाट में प्रस्तावित इस महोत्सव को भव्य और व्यवस्थित तरीके से आयोजित किया जाए, ताकि प्रदेश की समृद्ध जनजातीय विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल सके।

जनजातीय संस्कृति को मिलेगा मंच

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह के आयोजन न सिर्फ परंपराओं को सहेजने का माध्यम हैं, बल्कि जनजातीय समाज को मुख्यधारा से जोड़ने का भी महत्वपूर्ण जरिया हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि कार्यक्रम में स्थानीय कलाकारों, लोक नृत्य, पारंपरिक संगीत और हस्तशिल्प को प्रमुखता दी जाए।

बालाघाट बनेगा आयोजन का केंद्र

आगामी महीनों में बालाघाट में होने वाला यह महोत्सव प्रदेश के प्रमुख जनजातीय आयोजनों में शामिल होगा। इसमें विशेष रूप से बैगा जनजाति की परंपराओं, जीवनशैली और सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित किया जाएगा।

पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

सरकार का मानना है कि इस आयोजन से न सिर्फ जनजातीय कला और संस्कृति को पहचान मिलेगी, बल्कि पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे और हस्तशिल्प को नया बाजार मिलेगा।

तैयारियों पर विशेष जोर

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आयोजन स्थल, व्यवस्थाओं और सुरक्षा के सभी पहलुओं पर समय रहते तैयारी सुनिश्चित की जाए, ताकि कार्यक्रम सफल और आकर्षक बन सके।

भोपाल में तालाब किनारे अवैध निर्माण पर सख्ती


भोपाल। राजधानी भोपाल में अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन का अभियान तेज हो गया है। नगर निगम, राजस्व, पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने बड़ा तालाब के कैचमेंट एरिया में बने अवैध निर्माणों पर कार्रवाई करते हुए बुलडोजर चलाया। कार्रवाई के दौरान करीब 8 हजार वर्गफीट में बने एक अवैध फार्महाउस को ध्वस्त किया गया। प्रशासन ने कुल 4 स्थानों को चिन्हित कर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की है।

कैचमेंट एरिया में बड़े पैमाने पर अतिक्रमण

तहसीलदार हर्ष विक्रम सिंह के मुताबिक, भोज वेटलैंड एक रामसर साइट है, जिसके लिए एफटीएल (फुल टैंक लेवल) निर्धारित किया गया है। इसी आधार पर 50 मीटर के दायरे को चिन्हित कर कार्रवाई की जा रही है। जांच में अब तक 63 अवैध निर्माण पाए गए हैं, जिनमें 44 निजी भूमि पर 19 शासकीय भूमि पर निर्माण शामिल हैं। इसके अलावा 121 झुग्गियां भी अवैध रूप से बनी पाई गईं।

तय शेड्यूल के तहत कार्रवाई

प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने के लिए चरणबद्ध योजना बनाई है। 10-11 अप्रैल को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई। 15-16 अप्रैल को शासकीय भूमि पर कार्रवाई प्रस्तावित। आज की कार्रवाई में करीब 3 अतिक्रमण हटाए गए, जिनमें प्रमुख रूप से फार्महाउस शामिल है।

शहरभर में चलेगा अभियान

अतिक्रमण प्रभारी महेश गौड़ ने बताया कि कैचमेंट एरिया में अवैध निर्माण किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। लालघाटी क्षेत्र में ही आज 10 स्थानों पर कार्रवाई की गई है और आने वाले दिनों में शहर के अन्य हिस्सों में भी अभियान जारी रहेगा।