Monday, March 30, 2026
जल्द आ जाएगी निगम मंडलों की बड़ी सूची ! सत्ता - संगठन और संघ में मंथन ..
Sunday, March 29, 2026
एमपी सरकार ने किया "बैंक ऑफ बड़ौदा" को ब्लैक लिस्ट
गांव-गांव दस्तक देगी बीजेपी, जनता से सीधा हिसाब-किताब
भोपाल। मध्य प्रदेश में संगठन को जमीनी स्तर तक और मजबूत करने के लिए बीजेपी ने बड़ा अभियान शुरू करने की तैयारी कर ली है। 7 से 12 अप्रैल के बीच प्रदेशभर में व्यापक स्तर पर सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे, जिनमें मंत्री, विधायक और सांसद सीधे गांव-बस्तियों में पहुंचकर लोगों से संवाद करेंगे। इस अभियान के तहत हर विधानसभा क्षेत्र के करीब 50 बड़े गांवों को चुना गया है, जहां बीजेपी के सम्मेलन आयोजित होंगे। इन सम्मेलनों का मुख्य उद्देश्य विभिन्न वर्गों के लोगों से सीधा संपर्क स्थापित करना और उन्हें पार्टी की विचारधारा तथा सरकार की योजनाओं से जोड़ना है। कार्यक्रम के दौरान गांवों के सार्वजनिक स्थलों पर स्वच्छता अभियान भी चलाया जाएगा, जिससे सामाजिक सहभागिता को बढ़ावा मिले। साथ ही चौपालों के जरिए केंद्र सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी, ताकि आम जनता तक सरकारी कामकाज की जानकारी सीधे पहुंचे। बीजेपी इस अभियान के जरिए न सिर्फ संगठनात्मक पकड़ मजबूत करना चाहती है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी पहुंच को और गहरा करने की रणनीति पर भी काम कर रही है। माना जा रहा है कि यह पहल आने वाले समय में पार्टी के लिए राजनीतिक रूप से भी अहम साबित हो सकती है।
बड़ी खबर! अब एक क्लिक में खत्म होगी पेंशन की परेशानी
भोपाल। मध्य प्रदेश के लाखों पेंशनर्स के लिए राहत भरी खबर है। राज्य सरकार ने पेंशन प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। नई व्यवस्था के लागू होने के बाद पेंशन से जुड़े काम अब डिजिटल माध्यम से “एक क्लिक” पर पूरे किए जा सकेंगे। सरकार के निर्देशानुसार 1 अप्रैल से पेंशन प्रकरणों का निपटारा सेंट्रलाइज्ड सेल के माध्यम से किया जाएगा। इससे अब पेंशनर्स को बार-बार जिला कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और उनकी फाइलों का निराकरण तेजी से हो सकेगा। नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक संभाग में अप्रूवल अधिकारी और क्रिएटर की नियुक्ति की गई है, जो पेंशन प्रकरणों की प्रोसेसिंग और स्वीकृति का काम देखेंगे। इससे कार्यप्रणाली में एकरूपता आएगी और अनावश्यक देरी पर रोक लगेगी। सरकार का उद्देश्य है कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों को समय पर पेंशन मिले और उन्हें किसी प्रकार की प्रशासनिक परेशानी का सामना न करना पड़े। इस डिजिटल और केंद्रीकृत सिस्टम से न सिर्फ पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि पेंशनर्स का समय और मेहनत भी बचेगी। नई पहल को प्रशासनिक सुधार की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है, जिससे प्रदेश के हजारों पेंशनर्स को सीधा लाभ मिलेगा।
एमपी बीजेपी के नेताओं को सौगात ,, एल्डरमैनो की घोषणा
Saturday, March 28, 2026
बड़ा फैसला, किसानों को बोनस देने जा रही सरकार
भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने किसानों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए गेहूं उपार्जन को लेकर अहम घोषणा की है। अब किसानों को समर्थन मूल्य (MSP) के साथ बोनस भी दिया जाएगा, जिससे उन्हें उनकी उपज का बेहतर दाम मिल सकेगा। सरकार के अनुसार, प्रदेश के भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग में 1 अप्रैल से गेहूं खरीदी शुरू होगी, जबकि बाकी जिलों में 7 अप्रैल से समर्थन मूल्य पर खरीदी की जाएगी। इस बार सरकार ने किसानों को राहत देते हुए प्रति क्विंटल 40 रुपए का बोनस देने का निर्णय लिया है। इससे किसानों की आमदनी में सीधा फायदा होने की उम्मीद है। बताया जा रहा है कि अब तक 19 लाख से ज्यादा किसान पंजीयन करा चुके हैं, जिससे साफ है कि इस बार बड़ी संख्या में किसान उपार्जन प्रक्रिया में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस फैसले को लेकर सोशल मीडिया पर लिखा कि “किसानों की मेहनत का सम्मान हमारी प्राथमिकता है” और सरकार हर संभव प्रयास कर रही है कि किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य मिल सके। सरकार के इस फैसले को किसानों के लिए बड़ी राहत और प्रोत्साहन के रूप में देखा जा रहा है। इससे न सिर्फ किसानों की आय बढ़ेगी, बल्कि कृषि क्षेत्र को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है। कुल मिलाकर, गेहूं उपार्जन के इस फैसले से प्रदेश के लाखों किसानों को सीधा लाभ मिलने वाला है और यह सरकार की किसान हितैषी नीति को दर्शाता है।














