Monday, February 16, 2026
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का विपक्ष पर निशाना
सदन में सीधा टकराव: मौतों पर चुप्पी क्यों? मंत्रियों को हटाओ, श्वेत पत्र लाओ
भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा का बजट सत्र पहले ही दिन सियासी संग्राम में बदल गया। राज्यपाल मंगूभाई पटेल के अभिभाषण के दौरान कांग्रेस विधायकों ने जोरदार हंगामा किया और इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौतों का मुद्दा उठाया। विपक्ष का आरोप था कि इतने गंभीर मामले को भाषण में जगह तक नहीं दी गई।
राज्यपाल ने अपने संबोधन में सरकार की उपलब्धियों, निवेश, कृषि वर्ष 2026 और 2047 तक 2 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य जैसे दावों का जिक्र किया। लेकिन विपक्ष का कहना था कि जमीनी हकीकत और भाषण के दावों में बड़ा अंतर है।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने नल-जल योजना और दूषित पानी से हुई मौतों को सरकार की नाकामी बताते हुए कर्ज पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग दोहराई। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी सरकार को सीधे कठघरे में खड़ा किया। हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।
तीन मंत्रियों की बर्खास्तगी की मांग, विपक्ष ने खोला मोर्चा
कांग्रेस ने साफ कहा है कि हाल की घटनाओं और विवादित बयानों की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। विपक्ष ने तीन मंत्रियों की बर्खास्तगी की मांग करते हुए सरकार पर नैतिक जवाबदेही से बचने का आरोप लगाया। कांग्रेस का कहना है कि जब तक कार्रवाई नहीं होती, सदन से सड़क तक आंदोलन जारी रहेगा।
वहीं सत्ता पक्ष ने विपक्ष के प्रदर्शन को राजनीतिक ड्रामा करार दिया है। लेकिन साफ है कि बजट सत्र की शुरुआत ही टकराव और तीखे हमलों के साथ हो चुकी है।
बाल-बाल बचे मुख्यमंत्री! टेकऑफ के दौरान हुआ ऐसा कि थम गईं सांसें
खंडवा। खंडवा जिले के पंधाना में मुख्यमंत्री मोहन यादव का हेलीकॉप्टर टेकऑफ के दौरान कुछ सेकंड के लिए लड़खड़ा गया। हेलीकॉप्टर आगे बढ़ने के बजाय हल्का पीछे की ओर गया और कुछ पल हवा में ठहर सा गया। करीब 36 सेकंड तक मौके पर मौजूद लोगों की सांसें थमी रहीं।
मुख्यमंत्री राज्य स्तरीय कार्यक्रम के बाद भोपाल लौट रहे थे। टेकऑफ के दौरान उठी धूल और दिशा बदलने की प्रक्रिया में यह स्थिति बनी। हालांकि पायलट ने तुरंत नियंत्रण संभाल लिया और हेलीकॉप्टर सुरक्षित रूप से उड़ान भर गया।
खंडवा के एसपी मनोज कुमार राय के अनुसार इसमें कोई तकनीकी खराबी नहीं थी। उनके मुताबिक टेकऑफ के समय दिशा समायोजन और धूल कम करने के लिए स्पीड धीमी की गई थी। कुछ पलों के सस्पेंस के बाद उड़ान सामान्य हो गई और मुख्यमंत्री सुरक्षित भोपाल पहुंच गए।
बजट सत्र की शुरुआत, कर्ज पर श्वेत पत्र की मांग से सियासत गर्म
भोपाल। मध्य प्रदेश का विधानसभा का बजट सत्र शुरू हो गया है। राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने औपचारिक भाषण दे दिया, अब असली मुकाबला 18 फरवरी को होगा, जब वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा 4.8 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश करेंगे। आंकड़ा बड़ा है, लेकिन जनता के हिस्से क्या आएगा—यह हर साल की तरह बड़ा सवाल है।
इस बार विपक्ष खाली हाथ नहीं आया है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने साफ कहा है—सरकार कर्ज पर कर्ज ले रही है, तो जनता को हिसाब भी देना होगा। श्वेत पत्र की मांग दरअसल उस खाते की पड़ताल है, जिसमें उधार तो बढ़ता जा रहा है, लेकिन विकास का बैलेंस उतना साफ नजर नहीं आता।
सिंघार ने याद दिलाया कि किसान आयात नीति से परेशान हैं, युवा आत्मनिर्भरता के वादों का इंतजार कर रहे हैं, महिलाएं सुरक्षा को लेकर सवाल पूछ रही हैं, दूषित पानी से मौतें हो रही हैं और गर्मी से पहले ही जल संकट दस्तक दे रहा है। ऐसे में सवाल यह है कि बजट में राहत की बारिश होगी या फिर आंकड़ों की आतिशबाज़ी?
अब देखना दिलचस्प होगा कि 4.8 लाख करोड़ के इस बजट में आम जनता को कितनी राहत मिलती है और विपक्ष के सवालों का जवाब सरकार कितनी मजबूती से दे पाती है। फिलहाल बजट सत्र की शुरुआत के साथ ही सियासी तापमान बढ़ना तय माना जा रहा है।





