Sunday, April 19, 2026

संसद से उठी चिंगारी, MP में बनेगी सियासी आग, BJP का ऐक्शन प्लान

 


भोपाल। संसद में महिला आरक्षण और महिलाओं के सम्मान से जुड़े मुद्दे पर हुए हालिया विवाद ने सियासत को गरमा दिया है। इसी घटनाक्रम को आधार बनाकर मध्यप्रदेश बीजेपी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है और इसे महिलाओं की गरिमा का मुद्दा बताते हुए बड़े आंदोलन की तैयारी शुरू कर दी है।

प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी और उनके सहयोगियों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि महिलाओं के अधिकारों की बात आते ही कांग्रेस का असली चेहरा सामने आ जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस हमेशा इस मुद्दे पर अस्थिर और विरोधाभासी रुख अपनाती रही है। बीजेपी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रेखा वर्मा ने भी कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण को लेकर उसकी प्रतिबद्धता सिर्फ बयानबाजी तक सीमित है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी इस पूरे मुद्दे पर आक्रामक रुख दिखाया। उन्होंने कहा कि संसद में जो घटनाक्रम हुआ, वह बेहद संवेदनशील था और महिलाओं के सम्मान से जुड़ा हुआ था, लेकिन विपक्ष ने उसे गंभीरता से लेने के बजाय राजनीतिक मोड़ देने की कोशिश की। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि कुछ लोग इस पूरे घटनाक्रम को तमाशा बनाकर देखते रहे।

सीएम ने प्रियंका गांधी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग खुद को नारी सम्मान का पैरोकार बताते हैं, वही अपने आचरण और बयानों से नारी गरिमा को ठेस पहुंचा रहे हैं। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई है।

बीजेपी ने अब इस मुद्दे को जनआंदोलन का रूप देने के संकेत दिए हैं। मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि पार्टी प्रदेशभर में आक्रोश सभाएं आयोजित करेगी और बड़े स्तर पर प्रदर्शन करेगी। इसके साथ ही इस विषय पर विस्तृत चर्चा के लिए विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र बुलाने की भी तैयारी की जा रही है।

कुल मिलाकर, महिला आरक्षण और महिला सम्मान का मुद्दा अब प्रदेश की राजनीति में केंद्र में आ गया है। बीजेपी जहां इसे लेकर आक्रामक रणनीति के साथ मैदान में उतर चुकी है, वहीं आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी टकराव और तेज होने के पूरे आसार हैं।

मिनटों में ओरछा-चंदेरी पहुंचेंगे पर्यटक, टूरिज्म को नई उड़ान

 


भोपाल। मध्यप्रदेश में ‘पीएम श्री हेली पर्यटन सेवा’ का विस्तार करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को भोपाल-चंदेरी-ओरछा हेलीकॉप्टर सेवा की शुरुआत कर दी। स्टेट हैंगर से उन्होंने पहली उड़ान को हरी झंडी दिखाई, जिसके साथ ही चंदेरी और ओरछा अब हवाई मार्ग से सीधे भोपाल से जुड़ गए हैं।

यह सेवा सप्ताह में 5 दिन चलेगी। किराया भोपाल-चंदेरी के लिए ₹5,500 और भोपाल-ओरछा के लिए ₹6,500 तय किया गया है। यात्रियों के लिए ₹14,500 का पैकेज भी रखा गया है, जिसमें टैक्सी, वीआईपी दर्शन और प्रसाद जैसी सुविधाएं शामिल हैं। बुकिंग IRCTC और Flyola पोर्टल से की जा सकेगी।

सीएम ने कहा कि यह राज्य में हेली सेवा का तीसरा सेक्टर है और इससे धार्मिक व ऐतिहासिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। उनके मुताबिक, अब घंटों का सफर मिनटों में तय होगा और यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी।

गौरतलब है कि अब तक 2,648 से ज्यादा पर्यटक इस सेवा का लाभ ले चुके हैं। ओरछा और चंदेरी जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों के जुड़ने से प्रदेश में पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिलने की उम्मीद है।


Saturday, April 18, 2026

किसानों को राहत, खरीदी केंद्रों की क्षमता बढ़ी, बुकिंग डेट एक्सटेंड

 


भोपाल। मध्यप्रदेश के किसानों को गेहूं उपार्जन को लेकर बड़ी राहत मिली है। राज्य सरकार ने स्लॉट बुकिंग की अंतिम तारीख बढ़ाकर अब 30 अप्रैल कर दी है। पहले यह अवधि समाप्त होने वाली थी, लेकिन किसानों की सुविधा और बढ़ती आवक को देखते हुए सरकार ने इसे 6 दिन आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है।

सरकार के इस फैसले से उन किसानों को राहत मिलेगी जो अब तक स्लॉट बुक नहीं कर पाए थे या किसी कारण से अपनी उपज बेचने के लिए समय नहीं निकाल सके थे। अब वे निर्धारित तिथि तक आसानी से स्लॉट बुक कर उपार्जन केंद्रों पर गेहूं बेच सकेंगे।

इस बीच उपार्जन व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए केंद्रों की क्षमता भी बढ़ा दी गई है। अब प्रत्येक उपार्जन केंद्र पर 1500 क्विंटल तक खरीदी की क्षमता तय की गई है, ताकि किसानों को लंबा इंतजार न करना पड़े और खरीदी प्रक्रिया तेज हो सके।

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, अब तक प्रदेश में 1,30,655 किसानों से 57,13,640 क्विंटल गेहूं की खरीदी की जा चुकी है। वहीं किसानों को भुगतान की प्रक्रिया भी लगातार जारी है। अब तक करीब 355 करोड़ रुपये का भुगतान किसानों के खातों में ट्रांसफर किया जा चुका है।

सरकार का कहना है कि खरीदी प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित रखने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो और भुगतान समय पर किया जाए।

कुल मिलाकर, स्लॉट बुकिंग की तारीख बढ़ने और खरीदी क्षमता में इजाफा होने से किसानों को राहत मिली है और गेहूं उपार्जन प्रक्रिया को और गति मिलने की उम्मीद है।

भोपाल में शिक्षक आंदोलन तेज, TET के खिलाफ खुला मोर्चा


भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में शनिवार (18 अप्रैल 26) को हजारों शिक्षकों ने TET (टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट) की अनिवार्यता के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन किया। ‘मुख्यमंत्री अनुरोध यात्रा’ के तहत प्रदेशभर से आए शिक्षक दशहरा मैदान में जुटे और सरकार के फैसले के खिलाफ जमकर विरोध जताया। प्रदर्शन अध्यापक-शिक्षक संयुक्त मोर्चा के बैनर तले किया गया, जिसमें भर्ती नियमों में बदलाव और TET की अनिवार्यता खत्म करने की मांग उठाई गई।

प्रदर्शन में शामिल शिक्षकों का कहना है कि TET को अनिवार्य करने का फैसला पहले से कार्यरत और लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों के भविष्य पर असर डाल रहा है। उनका आरोप है कि नई शर्तों के कारण हजारों शिक्षकों की नौकरी पर खतरा मंडरा सकता है। इसी मुद्दे को लेकर पहले ब्लॉक और जिला स्तर पर भी विरोध प्रदर्शन किए जा चुके हैं, लेकिन मांगें पूरी नहीं होने पर अब राजधानी में बड़ा आंदोलन किया जा रहा है।

हाल ही में सरकार द्वारा इस मामले में रिव्यू पिटीशन दाखिल किए जाने के बाद विवाद और गहरा गया है। शिक्षकों का कहना है कि इससे उनकी आशंकाएं और बढ़ गई हैं और अब वे आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

दशहरा मैदान में चल रहे इस प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे और प्रशासन की ओर से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। पूरे घटनाक्रम के बाद सरकार पर दबाव बढ़ता नजर आ रहा है।

क्या है TET (Teacher Eligibility Test)?

TET यानी टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट एक पात्रता परीक्षा होती है, जिसे पास करने के बाद ही उम्मीदवार को शिक्षक बनने के लिए योग्य माना जाता है। यह परीक्षा केंद्र और राज्य स्तर पर आयोजित की जाती है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होता है कि स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों की गुणवत्ता बेहतर हो और वे न्यूनतम शैक्षणिक मानकों को पूरा करें।

क्यों बढ़ रहा है विरोध?

पहले से कार्यरत शिक्षकों पर नई शर्त लागू होने का विरोध

नौकरी पर संकट और सेवा निरंतरता को लेकर चिंता

भर्ती नियमों में बार-बार बदलाव से नाराजगी

सरकार की रिव्यू पिटीशन के बाद अनिश्चितता बढ़ी

लंबे समय से मांगों पर निर्णय न होने से असंतोष

कुल मिलाकर, TET अनिवार्यता को लेकर शिक्षकों और सरकार के बीच टकराव बढ़ता जा रहा है। राजधानी में हुए इस बड़े प्रदर्शन के बाद अब नजर सरकार के अगले कदम पर टिकी है कि वह शिक्षकों की मांगों पर क्या फैसला लेती है।



Friday, April 17, 2026

भोपाल में अभ्यर्थियों का उग्र प्रदर्शन, बसों में भरकर ले गई पुलिस


भोपाल। राजधानी भोपाल में शिक्षक भर्ती को लेकर शुक्रवार को बड़ा हंगामा हो गया। वर्ग-2 और वर्ग-3 शिक्षक भर्ती में पद बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदेशभर से आए अभ्यर्थियों ने प्रदर्शन किया। हालात उस वक्त बिगड़ गए जब प्रदर्शनकारी सीएम हाउस की ओर बढ़ने लगे।

पुलिस ने रास्ते में बैरिकेडिंग कर अभ्यर्थियों को रोक दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच बहस हुई, जो देखते ही देखते धक्का-मुक्की में बदल गई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने सख्ती दिखाई और प्रदर्शनकारियों को खदेड़ दिया। मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

कार्रवाई के दौरान कई अभ्यर्थियों को बसों में भरकर मौके से हटाया गया और अलग-अलग थानों में ले जाया गया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि उन्हें जबरन हटाया गया, जबकि वे अपनी मांगों को शांतिपूर्ण तरीके से रखने आए थे।

इस झड़प में एक अभ्यर्थी के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है। उसे प्राथमिक उपचार दिया गया। घटना के बाद प्रदर्शन में शामिल अन्य अभ्यर्थियों में नाराजगी और बढ़ गई।

प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिला अभ्यर्थी भी शामिल थीं। पुलिस कार्रवाई के बावजूद कई अभ्यर्थी बाद में फिर एकत्रित हुए और नारेबाजी जारी रखी।

अभ्यर्थियों की मुख्य मांग है कि शिक्षक भर्ती में पदों की संख्या बढ़ाई जाए। उनका कहना है कि प्रदेश में बड़ी संख्या में पद खाली हैं, लेकिन भर्ती सीमित पदों पर की जा रही है, जिससे योग्य अभ्यर्थियों को मौका नहीं मिल पा रहा।

प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम ने राजधानी में भर्ती प्रक्रिया और कानून-व्यवस्था दोनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।





नासिक कांड पर भोपाल में बवाल, बजरंग दल का उग्र प्रदर्शन

 


भोपाल। महाराष्ट्र के नासिक में स्थित एक मल्टीनेशनल आईटी कंपनी में सामने आए कथित ‘लव जिहाद’, यौन शोषण और धार्मिक उत्पीड़न के आरोपों को लेकर राजधानी भोपाल में शुक्रवार को बजरंग दल ने उग्र प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एमपी नगर स्थित डीबी मॉल के सामने एकत्रित हुए, जहां से उन्होंने पैदल मार्च निकाला और जोरदार नारेबाजी करते हुए आरोपियों का पुतला दहन किया। इस दौरान कुछ समय के लिए इलाके में यातायात भी प्रभावित रहा।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नासिक की एक आईटी कंपनी में कार्यरत 9 युवतियों और एक युवक ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में टीम लीडर्स और एचआर मैनेजर पर मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न, धार्मिक दबाव बनाने और पहचान बदलने के कथित प्रयास जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पीड़ितों का कहना है कि उन्हें लंबे समय तक प्रताड़ित किया गया और विरोध करने पर नौकरी से निकालने की धमकी दी जाती थी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए महाराष्ट्र पुलिस ने अब तक 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं राज्य सरकार ने पूरे प्रकरण की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है, जो मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है।

भोपाल में प्रदर्शन कर रहे बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि सभी दोषियों को सख्त सजा दी जाए और पीड़ितों को सुरक्षा व न्याय सुनिश्चित किया जाए। साथ ही ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त कानून लागू करने की भी मांग उठाई गई।

संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द और सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। यह मामला सामाजिक और राजनीतिक स्तर पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है और ‘लव जिहाद’ जैसे संवेदनशील मुद्दे को लेकर बहस फिर से तेज हो गई है। हालांकि जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं माना जा रहा है।

भोपाल में हुआ यह प्रदर्शन इस बात का संकेत है कि नासिक की घटना का असर अब दूसरे राज्यों तक पहुंचने लगा है। फिलहाल सभी की नजर SIT की जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई पर टिकी है, जिससे आरोपों की सच्चाई सामने आ सके।