Friday, April 3, 2026

मध्यप्रदेश में आधी रात खुली विधानसभा, मचा बवाल

 


भोपाल। मध्यप्रदेश की राजनीति में गुरुवार देर रात उस समय हलचल मच गई जब अचानक विधानसभा सचिवालय खोला गया और देर रात ही एक अहम आदेश जारी कर दिया गया। इस कार्रवाई के बाद सियासी माहौल गरमा गया और विपक्ष ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। दरअसल, दतिया विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने सहकारी बैंक घोटाले के मामले में तीन साल की सजा और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। यह फैसला 2 अप्रैल 2026 को आया। कोर्ट से सजा मिलने के बाद कानून के तहत उनकी विधायकी स्वतः समाप्त हो गई, जिसके चलते विधानसभा सचिवालय ने तत्काल कार्रवाई करते हुए देर रात आदेश जारी कर दिया। सुप्रीम कोर्ट के 2013 के लिली थॉमस फैसले के अनुसार, यदि किसी विधायक या सांसद को दो साल या उससे अधिक की सजा होती है, तो उसकी सदस्यता तुरंत खत्म हो जाती है। इसी नियम के तहत राजेंद्र भारती की सदस्यता 2 अप्रैल 2026 से ही समाप्त मानी गई है। आदेश जारी होते ही दतिया विधानसभा सीट खाली हो गई है और अब यहां उपचुनाव की स्थिति बन गई है। हालांकि इस पूरे घटनाक्रम में सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की हो रही है कि विधानसभा सचिवालय को आधी रात में खोलकर इतनी तेजी से कार्रवाई क्यों की गई। विपक्ष ने इसे मुद्दा बनाते हुए सरकार पर सवाल उठाए हैं और कहा है कि इस तरह की जल्दबाजी कई सवाल खड़े करती है। वहीं सरकार का कहना है कि यह पूरी प्रक्रिया कानून के अनुसार की गई है और इसमें किसी तरह की देरी नहीं की जा सकती थी। इस फैसले के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल और तेज हो गई है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी बयानबाजी और बढ़ने के आसार हैं।

MP में शिक्षकों के वेतन पर सस्पेंस: सवा लाख में किसका बढ़ेगा पैसा?


भोपाल। मध्यप्रदेश में सवा लाख शिक्षकों के वेतन को लेकर इन दिनों भ्रम की स्थिति बनी हुई है। कई जगह यह चर्चा है कि शिक्षकों का वेतन नहीं बढ़ेगा, जबकि असल तस्वीर इससे थोड़ी अलग है। सरकार के फैसले और उसकी शर्तों को ठीक से समझना जरूरी है।

 क्या है पूरा मामला?

राज्य सरकार ने शिक्षकों के लिए वेतन बढ़ोतरी का प्रावधान किया है, लेकिन यह फायदा सभी को एक साथ नहीं मिलने वाला। यही वजह है कि “वेतन नहीं बढ़ेगा” जैसी बातें सामने आ रही हैं।

 किन शिक्षकों को मिलेगा फायदा?

सरकार का फैसला मुख्य रूप से उन शिक्षकों के लिए है जिन्होंने लंबी सेवा पूरी कर ली है। खास तौर पर:

30 से 35 साल या उससे अधिक सेवा पूरी करने वाले शिक्षक

पदोन्नति या क्रमोन्नति के पात्र शिक्षक

ऐसे शिक्षकों को उच्च वेतनमान का लाभ मिलेगा, जिससे उनकी सैलरी में हर महीने बढ़ोतरी होगी।

बाकी शिक्षक क्यों रह गए बाहर?

जो शिक्षक अभी इस सेवा अवधि तक नहीं पहुंचे हैं या जिनके केस लंबित हैं, उन्हें फिलहाल इस बढ़ोतरी का फायदा नहीं मिलेगा।

इसी वजह से बड़ी संख्या में शिक्षक इस फैसले से बाहर दिखाई दे रहे हैं।

कितना बढ़ सकता है वेतन?

पात्र शिक्षकों की सैलरी में हर महीने कुछ हजार रुपये तक का इजाफा हो सकता है। हालांकि यह बढ़ोतरी पद, सेवा अवधि और वेतनमान के हिसाब से अलग-अलग होगी।

सरकार क्या कर रही है?

सरकार की ओर से यह भी कहा गया है कि जिन शिक्षकों के वेतन या पदोन्नति से जुड़े मामले अटके हुए हैं, उन्हें सुलझाने की प्रक्रिया जारी है। इसके लिए विभागीय स्तर पर काम चल रहा है।

क्यों बना भ्रम?

सभी शिक्षकों को एक साथ लाभ नहीं मिला

नियम और पात्रता स्पष्ट नहीं होने से गलतफहमी फैली

सोशल मीडिया पर अधूरी जानकारी तेजी से वायरल हुई

कमलनाथ के बयान से सियासी हलचल तेज,राज्यसभा चुनाव के पहले एमपी में कांग्रेस की चौतरफा मुश्किल

मध्य प्रदेश में आने वाले समय में कांग्रेस को राज्यसभा की अपनी एक सीट बचाना मुश्किल नजर आने लगा है,, कांग्रेस चौतरफा घिरती नजर आ रही है,, देर रात विधानसभा में हुई है हाई वोल्टेज ड्रामे के साथ-साथ कोई और ऐसे घटनाक्रम है जो बता रहे हैं कि कांग्रेस के लिए आने वाला समय और मुश्किल होने वाला है,, कांग्रेस मुकेश मल्होत्रा और राजेंद्र भारती के रूप में राज्यसभा चुनाव के लिए अपने दो वोट खो चुकी है,, वही अचानक कमलनाथ का सरकार के समर्थन में बयान देना सियासी हलचल मचा रहा है,, कमलनाथ ने एलपीजी के संदर्भ में भाजपा वाली भाषा बोली है.. कमलनाथ ने कहा है कि देश में एलपीजी की कमी नहीं है... विधानसभा सचिवालय ने दतिया विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता खत्म करने का आदेश जारी कर दिया है। गुरुवार देर रात रात करीब साढ़े दस बजे प्रमुख सचिव अरविंद शर्मा विधानसभा पहुंचे। इसके बाद सचिवालय खोलकर भारती की सीट रिक्त घोषित करने का पत्र चुनाव आयोग को भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई। हालांकि, स्पीकर नरेंद्र सिंह तोमर और प्रमुख सचिव शर्मा की ओर से इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

Thursday, April 2, 2026

एमपी में पेंशनर्स के लिए बड़ी खबर


भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य के लाखों पेंशनर्स और परिवार पेंशनर्स को बड़ी राहत दी है। सरकार ने महंगाई को देखते हुए पेंशनर्स को मिलने वाली महंगाई राहत (Dearness Relief) में 5 फीसदी की बढ़ोतरी कर दी है। इस संबंध में वित्त विभाग ने आदेश जारी कर दिया है। सरकार के फैसले के अनुसार अब पेंशनर्स को 53 फीसदी की जगह 58 फीसदी की दर से महंगाई राहत मिलेगी। यानी सीधे 5 फीसदी का फायदा मिलेगा। बढ़ी हुई महंगाई राहत 1 जनवरी 2026 से लागू मानी जाएगी। इसका मतलब है कि पेंशनर्स को जनवरी से अब तक का एरियर (बकाया) भी मिलेगा।

किन लोगों को मिलेगा लाभ?

राज्य सरकार के सभी पेंशनर्स

परिवार पेंशन पाने वाले लोग

7वें वेतनमान के अंतर्गत आने वाले पेंशनर्स

इसके अलावा 6वें वेतनमान वाले पेंशनर्स के लिए भी अलग दरों से राहत दी जाएगी।

पेंशनर्स को बढ़ी हुई राशि उनकी मासिक पेंशन के साथ ही दी जाएगी। साथ ही, जो अंतर की राशि है, वह एरियर के रूप में भी जोड़ी जाएगी।


सरकार का कहना है कि लगातार बढ़ रही महंगाई को देखते हुए पेंशनर्स को राहत देना जरूरी था। इसी कारण यह फैसला लिया गया है। इस फैसले से राज्य के लाखों पेंशनर्स और परिवार पेंशनर्स को सीधा फायदा मिलेगा। सरकार का यह फैसला पेंशनर्स के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। महंगाई के इस दौर में अतिरिक्त 5 फीसदी की बढ़ोतरी उनके खर्चों को संभालने में मदद करेगी।


खुशखबरी! बढ़ गया DA, अप्रैल में बढ़कर मिलेगी सैलरी


भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने राज्य के लाखों सरकारी कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए महंगाई भत्ता (DA) बढ़ाने का आदेश जारी कर दिया है। वित्त विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 3 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। अब तक कर्मचारियों को 55 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता मिल रहा था, जिसे बढ़ाकर 58 प्रतिशत कर दिया गया है। सरकार के इस फैसले को 1 जुलाई 2025 से प्रभावी माना जाएगा, हालांकि इसका वास्तविक भुगतान अप्रैल 2026 (मई माह के वेतन) से किया जाएगा।

एरियर का भी मिलेगा फायदा

महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी के चलते कर्मचारियों को जुलाई 2025 से मार्च 2026 तक का एरियर भी दिया जाएगा। सरकार ने तय किया है कि यह एरियर राशि एक साथ न देकर 6 समान किस्तों में दी जाएगी।

यह किस्तें मई, जून, जुलाई, अगस्त, सितंबर और अक्टूबर 2026 में कर्मचारियों के खाते में आएंगी।

रिटायर्ड और मृत कर्मचारियों के लिए खास प्रावधान

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन कर्मचारियों की इस अवधि (1 जुलाई 2025 से 31 मार्च 2026) के दौरान सेवानिवृत्ति हो चुकी है या उनका निधन हो गया है, उनके मामले में एरियर की राशि एकमुश्त दी जाएगी। यह भुगतान संबंधित कर्मचारी या उनके नामांकित सदस्य को मिलेगा।

महत्वपूर्ण बातें

महंगाई भत्ते की गणना में 50 पैसे या उससे अधिक राशि को अगले पूरे रुपये में जोड़ा जाएगा

50 पैसे से कम राशि को नजरअंदाज किया जाएगा

महंगाई भत्ते का कोई भी हिस्सा वेतन का हिस्सा नहीं माना जाएगा

इस बढ़ोतरी का खर्च संबंधित विभाग अपने स्वीकृत बजट से ही वहन करेंगे

सरकार के इस फैसले से प्रदेश के लाखों कर्मचारियों को सीधा फायदा मिलेगा। जहां एक ओर हर महीने मिलने वाली सैलरी में बढ़ोतरी होगी, वहीं एरियर के रूप में अतिरिक्त राशि भी कर्मचारियों के खाते में पहुंचेगी, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूती मिलेगी।

राज्यसभा चुनाव के पहले कांग्रेस के दो वोट खतरे में...


भोपाल/दतिया। मध्य प्रदेश की सियासत में बड़ा झटका लगा है। दतिया से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने 25 साल पुराने जिला सहकारी बैंक घोटाले में दोषी ठहराते हुए 3 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। हालांकि, कोर्ट ने उन्हें तुरंत जमानत दे दी है, लेकिन इस फैसले ने उनकी विधायकी पर गंभीर संकट खड़ा कर दिया है। कोर्ट ने इस मामले में सह-आरोपी रघुवीर शरण प्रजापति को भी 3 साल की सजा और 2.5 लाख रुपये के जुर्माने से दंडित किया है। राजेंद्र भारती को 50 हजार रुपये के बॉन्ड पर राहत जरूर मिली है, लेकिन यह राहत फिलहाल अस्थायी मानी जा रही है।

क्या है पूरा मामला

यह मामला करीब ढाई दशक पुराने जिला सहकारी बैंक घोटाले से जुड़ा है, जिसमें वित्तीय अनियमितताओं, धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े के गंभीर आरोप लगे थे। लंबे समय तक चली सुनवाई के बाद कोर्ट ने सबूतों और गवाहों के आधार पर भारती को दोषी करार दिया।

किन धाराओं में दोषी

IPC 120B – आपराधिक साजिश, IPC 420 – धोखाधड़ी और IPC 467/468/471 – दस्तावेजों की जालसाजी करने के मामले में दोषी ठहराया गया है। 

दिल्ली कैसे पहुंचा मामला

यह केस पहले ग्वालियर की एमपी/एमएलए कोर्ट में चल रहा था, लेकिन खुद राजेंद्र भारती ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि बीजेपी नेता नरोत्तम मिश्रा के दबाव में निष्पक्ष सुनवाई संभव नहीं है। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने मामले को दिल्ली ट्रांसफर कर दिया था।

क्या जाएगी विधायकी?

यहीं से सियासी ड्रामा और दिलचस्प हो जाता है। ‘लिली थॉमस’ फैसले के मुताबिक, अगर किसी विधायक को 2 साल या उससे ज्यादा की सजा होती है, तो उसकी सदस्यता स्वतः समाप्त मानी जाती है। राजेंद्र भारती को 3 साल की सजा मिली है, यानी नियम सीधे उन पर लागू हो सकता है। हालांकि, उनके पास 30 दिन का समय है, जिसमें वे हाईकोर्ट से सजा पर रोक (स्टे) लेने की कोशिश करेंगे। अगर उन्हें स्टे नहीं मिला, तो दतिया सीट खाली घोषित हो सकती है।

सियासी पारा चढ़ा

इस फैसले के बाद प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। बीजेपी इसे भ्रष्टाचार पर बड़ी कार्रवाई बता रही है, जबकि कांग्रेस इसे कानूनी लड़ाई बताकर पलटवार की तैयारी में है। फिलहाल मामला अदालत से निकलकर सियासत के केंद्र में आ चुका है और सबकी नजर अब हाईकोर्ट के अगले फैसले पर टिकी हुई है, जो तय करेगा कि राजेंद्र भारती की कुर्सी बचती है या चली जाती है।