Monday, March 2, 2026

एमपी के किसान होंगे इस स्कीम से मालामाल

भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने राज्य में विकास कार्यों को गति देने के लिए बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने कुल 16 अहम योजनाओं पर लगभग 28 हजार करोड़ रुपये खर्च करने की स्वीकृति दी है। इन योजनाओं में सिंचाई, ग्रामीण विकास और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई प्रोजेक्ट शामिल हैं। इनमें से सबसे महत्वपूर्ण वरला-पानसेमल सिंचाई परियोजना को हरी झंडी मिल गई है। इस परियोजना के शुरू होने से क्षेत्र के किसानों को सिंचाई सुविधा का लाभ मिलेगा और कृषि उत्पादन में वृद्धि की उम्मीद है। सरकार का दावा है कि इससे हजारों किसानों को सीधा फायदा होगा। किसानों को मिलेगा बड़ा लाभ सरकारी सूत्रों के अनुसार नई योजनाओं का उद्देश्य खेती को मजबूत बनाना, जल प्रबंधन सुधारना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करना है। सिंचाई परियोजनाओं के विस्तार से खेती योग्य जमीन को पर्याप्त पानी मिल सकेगा, जिससे उत्पादन लागत घटेगी और आय बढ़ेगी। ये लाभ मिलेंगे *नागलवाड़ी किसान कैबिनेट में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय -* * किसान कल्याण से संबंधित 6 महत्वपूर्ण विभागों की 16 योजनाओं में अलग-अलग निर्णय लिए। * कुल योग 27 हज़ार 746 करोड़ की राशि किसान कल्याण के लिए हम खर्च करने वाले हैं। * कृषि -1, उद्यानिकी - 3, पशुपालन-4, मछुआ कल्याण-2, सहकारिता-4, नर्मदा घाटी विकास विभाग -2 प्रस्ताव इसमें शामिल हैं। * नर्मदा घाटी विभाग के अंतर्गत बरला उद्वहन माइक्रो सिंचाई परियोजना स्वीकृत की गई जिसमें इस तहसील के 33 गांव की 15500 हेक्टेयर में सिंचाई होगी। जिसकी लागत लगभग ₹861 करोड़ के आसपास की है। * कृषि एवं किसान कल्याण विभाग में 3 हजार 502.48 करोड़ की राशि खर्च होगी। * उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण की तीन योजनाए जिसमें 4 हजार 263.94 करोड रुपए की राशि खर्च होगी। * पशुपालन एवं डेयरी विकास विभाग की 4 योजनाओं में 9 हजार 508 करोड़ की खर्च होगी। * मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विभाग की 2 योजनाओं में 218.50 करोड़ की राशि खर्च होगी। * सहकारिता विभाग की 4 योजनाओं में 8 हजार 186 करोड़ की राशि का व्यय हमारे वित्त विभाग पर आएगा। * नर्मदा घाटी विकास विभाग के माध्यम से 2067.97 करोड़ की राशि खर्च होगी। * किसानों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता है। अपने किसान भाइयों को समृद्ध बनाकर राज्य को हम प्रगति के पथ पर ले जाएंगे। * बड़वानी को हम पर्यटन का केंद्र बनाने वाले हैं। भविष्य में ऐसे और कई अन्य कामों की भी मंजूरी दी जाएगी। * बड़वानी में खेतिया कृषि उपज मंडी को आदर्श उपज मंडी बनाया जाएगा। इसमें लगभग 10 करोड रुपए की लागत आएगी। * मध्य प्रदेश देश का एक ऐसा राज्य है जो प्राकृतिक खेती के लिए पूरे देश में जाना जाता है। * बड़वानी जिले के 25 किसानों को प्राकृतिक खेती का मास्टर ट्रेनर बना रहे हैं। * प्राकृतिक खेती को बढ़ावा मिले इसके लिए हम 25 किसानों को मास्टर ट्रेनर बनाने के लिए प्रदेश के बाहर प्रशिक्षण के लिए भेजा जाएगा। भगोरिया हाट में मुख्यमंत्री का अलग अंदाज मुख्यमंत्री मोहन यादव हाल ही में आदिवासी अंचल में आयोजित पारंपरिक भगोरिया हाट में पहुंचे। इस दौरान उन्होंने स्थानीय परंपराओं और संस्कृति को करीब से देखा। कार्यक्रम के दौरान ताड़ी को लेकर चर्चा हुई तो मुख्यमंत्री ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा, “मैं तो अनाड़ी हूं”। उनके इस बयान पर मौजूद लोगों के बीच मुस्कान और उत्साह देखने को मिला। विकास और संस्कृति दोनों पर फोकस सरकार जहां एक ओर बड़े बजट से विकास योजनाओं को अमलीजामा पहनाने की तैयारी में है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय परंपराओं और जनजातीय संस्कृति से जुड़ाव भी दिखा रही है। राज्य सरकार का कहना है कि आने वाले समय में इन परियोजनाओं से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे और आधारभूत संरचना मजबूत होगी।

एमपी में सरकारी कर्मचारियों का महंगाई भत्ता बढ़ा,,सीएम ने की घोषणा

भोपाल मध्य प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी आई है,होली पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राज्य के शासकीय कर्मचारियों को बड़ा तोहफा दिया है सीएम ने महंगाई भत्ते में तीन प्रतिशत की वृद्धि की घोषणा की है ,तीन प्रतिशत की वृद्धि के बाद 58 फीसदी महंगाई भत्ता मिलेगा, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को उल्लास एवं रंगों के त्यौहार होली की बधाई और मंगलकामनाएं देते हुए कहा कि प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों को होली के तोहफे के रूप में डीए में वृद्धि की सौगात दी जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (डीए) में 3 प्रतिशत की वृद्धि करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों और पेंशनर्स का महंगाई भत्ता 55 प्रतिशत से बढ़कर अब 58 प्रतिशत हो जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य के कर्मचारियों को भारत सरकार के समान माह अप्रैल 2026 पेड इन मई 2026 के वेतन पर 58 प्रतिशत महंगाई भत्ते का लाभ दिया जाएगा। इसमें जुलाई 2025 से मार्च 2026 तक के एरियर की राशि मई 2026 से प्रारंभ कर 6 समान किश्तों में भुगतान करने का निर्णय सरकार द्वारा लिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य के सभी पेंशनधारियों को भी जनवरी 2026 पेड इन फरवरी 2026 से 58 प्रतिशत महंगाई राहत का लाभ दिया जाएगा।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन में हमारी सरकार किसानों सहित सभी वर्गों के कल्याण के लिए काम कर रही है। किसान कल्याण वर्ष में सोमवार को ही पहली कृषि कैबिनेट बड़वानी जिले में हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि होली परस्पर आत्मीय प्रेम भाव बढ़ाने का त्यौहार है। हम सभी हर्ष और आनंद के साथ होली मनाएं और राज्य की बेहतरी के लिए मिल-जुलकर कार्य करें।

Sunday, March 1, 2026

भोजशाला के बाद भोजपुर मंदिर में विवाद, जानिए वजह...

भोपाल राजधानी से सटे ऐतिहासिक भोजपुर मंदिर में एक नवविवाहित युवक को वरमाला की रस्म निभाने से रोके जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। वीडियो में युवक खुद को भूपेंद्र शर्मा बताते हुए आरोप लगा रहा है कि शादी के बाद वह केवल दो मिनट के लिए मंदिर परिसर में वरमाला की रस्म और दर्शन करने पहुंचा था, लेकिन सुरक्षा कर्मियों ने उसे अनुमति लेने की बात कहकर रोक दिया। युवक का कहना है कि वह किसी बड़े आयोजन के लिए नहीं, बल्कि प्रतीकात्मक रूप से वरमाला की रस्म पूरी करने और भगवान के दर्शन के लिए आया था। उसका आरोप है कि बिना पूर्व सूचना के ही उसे प्रवेश से रोक दिया गया, जिससे वह और उसके परिजन आहत हुए। वहीं मंदिर के पुजारी अनूप गिरी ने स्पष्ट किया कि भोजपुर मंदिर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण यानी भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के अधीन संरक्षित स्मारक है। ऐसे में किसी भी प्रकार की रस्म या आयोजन के लिए संबंधित विभाग से पूर्व अनुमति आवश्यक होती है। उन्होंने कहा कि मंदिर ट्रस्ट की ओर से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन नियमों का पालन अनिवार्य है। पुरातत्व विभाग के अधिकारियों का भी यही कहना है कि संरक्षित स्मारक होने के कारण बिना अनुमति किसी भी तरह की धार्मिक या अन्य रस्म की इजाजत नहीं दी जा सकती।

एमपी में सरकारी कर्मचारियों के लिए आई बड़ी खुशखबरी

भोपाल। मध्यप्रदेश शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने 4 मार्च 2026 (बुधवार) को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। इस संबंध में मंत्रालय, वल्लभ भवन से संशोधित अधिसूचना जारी की गई है। आदेश के अनुसार, यह अवकाश नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट, 1881 के तहत लागू होगा। जारी अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि वर्ष 2026 के लिए घोषित अवकाशों की सूची में संशोधन करते हुए 4 मार्च को भी सार्वजनिक एवं सामान्य अवकाश के रूप में मान्यता दी गई है। यह निर्णय होली के पावन अवसर को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, राज्य शासन के सभी शासकीय कार्यालयों, संस्थानों और संबंधित विभागों में उक्त तिथि को अवकाश प्रभावी रहेगा। आदेश की प्रति सभी विभागों, आयोगों, जिला कलेक्टरों एवं संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित कर दी गई है।

*नागलवाड़ी में कल बैठेगी मोहन की किसान सरकार*

मप्र में साल 2026..किसान कल्याण वर्ष के लिए समर्पित है..किसान हित में सभी वो कदम जो किसान और कृषि के लिए आश्यक हैं, पूर्ण योजना के साथ उठाए जा रहें हैं.. इसी सिलसिले में मार्च की दो तारीख को प्रदेश की पहली कृषि कैबिनेट वनवासी बाहुल्य बडवानी के नागलवाड़ी में होने जा रही है..सरकार बैठेगी और किसानों से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण निर्णयों पर हामी की अंतिम मुहर चस्पा होगी.. इस स्थान के चयन के पीछे भी एक गहरी मंशा है.. दरअसल निमाड़ क्षेत्र के विकास के लिए यह बैठक , मील का पत्थर साबित होगी..निमाड़ के जिले..खरगोन, खंडवा, बडवानी, बुरहानपुर के साथ साथ धार,झाबुआ अलीराजपुर जिले के लिए यह बैठक काफी अहम है.. उसके अतिरिक्त नागलवाड़ी स्थित आठ सौ वर्ष प्राचीन भिलट देव मंदिर का जनजातीय आस्था में विशेष महत्व है.. कैबिनेट में लिए जाने फैसलों से फायदा तो सम्पूर्ण प्रदेश के अन्नदाताओं का होगा ही. साथ ही अन्य कुछ ऐसे कदमों पर विचार एवं निर्णय लिया जाएगा जो किसानों और पशुपालकों के विकास में अहम भूमिका अदा करेंगे। इसके साथ साथ सीएम डॉ मोहन यादव जनजातीय समाज के जुलवानिया में आयोजित भगोरिया हाट की परम्परा का हिस्सा भी बनेंगे..कुल मिलाकर यह दो तारीख मध्यप्रदेश के विकास के लिए महत्वपूर्ण साबित होने वाली है।

Saturday, February 28, 2026

नितिन नवीन से मिले हेमंत और मोहन, बड़े राजनैतिक निर्णय की तैयारी..

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने आज बीजेपी की राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात की,, दोनों नेताओं की एक साथ राष्ट्रीय अध्यक्ष से मुलाकात के कईं मायने निकाले जा रहे हैं,, माना जा रहा है कि एमपी को लेकर लंबे समय से टल रहे कुछ बड़े राजनीतिक निर्णय जल्द हो सकते है ,कहा ये जा रहा है कि निगम मंडलों में नियुक्ति के पहले मंत्रिमंडल में बदलाव किया जा सकता है ,,हालांकि जो भी निर्णय होंगे वो तय भले ही पहले से हो लेकिन मूर्त रूप होलाष्टक के बाद लेंगे...

Friday, February 27, 2026

एमपी में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर बड़ी खबर !

मध्य प्रदेश में मोहन मंत्रिमंडल को लेकर बड़ी खबर है,, बड़वानी में होने वाली मोहन कैबिनेट की बैठक कुछ मंत्रियों के लिए उनकी आखिरी कैबिनेट हो सकती है ,, पुख्ता सूत्रों से खबर आ रही है आज कुछ बड़े चेहरों के सियासी भविष्य पर बड़े फैसले होने जा रहे हैं,एक मंत्री ने दबी जुबान से आज की रात को सियासी कत्ल की रात करार दे दिया है,, माना जा रहा है होलाष्टक के बाद सीधे आधा दर्जन चेहरों की छुट्टी तय है... सीएम मोहन यादव दिल्ली में है ,,और आज उनकी बेहद महत्वपूर्ण बैठक है,, विधानसभा सत्र में हुए घटनाक्रम को मुख्यमंत्री दिल्ली को अवगत कराएंगे..अब देखना ये है कि होलाष्टक के बाद होने वाले मंत्रिमंडल बदलाव में कौन बचेगा और कौन हटेगा

एमपी विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चित काल के लिए स्थगित,,यहां जनता नहीं सरकार के लिए चलता है सदन !

विधायक जी का उल्टा होकर शीर्षासन करना,,संसदीय कार्यमंत्री का नेता प्रतिपक्ष को औकात दिखाना,, मंत्रीजी का अपने सीएम को ही मास्टर प्लान पर उलझाना,, उपनेता प्रतिपक्ष का इस्तीफा देकर अपने ही नेता प्रतिपक्ष पर सवाल खड़े करना... इसके अलावा एक ऐसा बजट पारित हो जाना जिसमें नयापन कम और कर्जे लेने की जरूरत ज्यादा नजर आती है,, कुछ इस तरह की कहानी रही है एमपी विधानसभा के बजट सत्र की... मध्यप्रदेश विधानसभा का इस बार का बजट सत्र कागज़ों में वित्तीय बहस का मंच था, लेकिन हकीकत में यह सियासी रंगमंच ज्यादा साबित हुआ। राज्यपाल के अभिभाषण से औपचारिक शुरुआत हुई, सरकार ने उपलब्धियों और योजनाओं का खाका पेश किया, पर सदन की असली गूंज आंकड़ों से नहीं, आरोपों और विरोध से सुनाई दी। सत्ता पक्ष विकास का दावा करता रहा, तो विपक्ष हर दावे की बुनियाद पर सवाल उठाता रहा। बहसें हुईं, बजट पारित भी हुआ, लेकिन इस सत्र को याद रखा जाएगा उसके प्रतीकों के लिए—मास्क, इस्तीफा और शीर्षासन। सत्र की शुरुआत से ही तेवर तल्ख थे। बेरोजगारी, किसानों का फसल भुगतान, लंबित भर्तियां, महंगाई और कानून-व्यवस्था—इन मुद्दों पर विपक्ष ने सरकार को लगातार घेरा। जब बजट पेश हुआ तो सत्ता पक्ष ने इसे “विकास का विजन डॉक्यूमेंट” बताया, वहीं विपक्ष ने इसे “कागजी उपलब्धियों का पुलिंदा” कहकर खारिज कर दिया। आंकड़ों की जंग चली, तर्कों के तीर चले और कई बार शोर-शराबे के बीच कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। इस सत्र को सबसे अलग बनाया विरोध के अनोखे अंदाज ने। एक दिन विपक्षी विधायकों ने डोनाल्ड ट्रंप और नरेंद्र मोदी के मास्क पहनकर सरकार पर निशाना साधा। यह प्रतीकात्मक संदेश था कि प्रदेश की नीतियां केंद्र से अलग नहीं हैं। तस्वीरें तेजी से वायरल हुईं और सदन के भीतर की राजनीति, सोशल मीडिया की सुर्खियों में बदल गई। सत्र के बीच एक और बड़ा सियासी मोड़ आया—उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे का इस्तीफा। वजहों पर आधिकारिक बयान सीमित रहे, लेकिन राजनीतिक हलकों में इसे विपक्ष की अंदरूनी रणनीति और समीकरणों से जोड़कर देखा गया। इससे विपक्ष की एकजुटता पर सवाल भी उठे और सियासी अटकलों का दौर शुरू हो गया। समापन के दिन विरोध ने नया दृश्य रच दिया। कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल ने शीर्षासन कर प्रदर्शन किया। उनका आरोप था कि उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर राजनीतिक दबाव का परिणाम हैं। सदन परिसर में किया गया यह शीर्षासन देखते ही देखते पूरे सत्र की सबसे चर्चित तस्वीर बन गया। इधर कटौती प्रस्तावों पर बहस हुई, विभागवार मांगें पारित हुईं और अंततः बहुमत के दम पर बजट पास हो गया। सत्ता पक्ष ने इसे ऐतिहासिक उपलब्धि बताया, तो विपक्ष ने इसे जमीनी सच्चाई से दूर करार दिया। आखिर में अध्यक्ष ने कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी। यह सत्र एक बार फिर यह संकेत दे गया कि अब विधानसभा की राजनीति सिर्फ भाषणों तक सीमित नहीं—यह प्रतीकों, प्रदर्शन और संदेशों की भी राजनीति बन चुकी है। अब असली फैसला सदन से बाहर, जनता की अदालत में होना है।

कैलाश विजयवर्गीय का हुआ हृदय परिवर्तन !

एमपी की सियासत में दिग्विजय सिंह और कैलाश विजयवर्गीय दो ऐसे नाम हैं जो हमेशा हलचल मचाते रहते है ,,अब कैलाश विजयवर्गीय का सोशल मीडिया पोस्ट जमकर चर्चाओं में है ,, उन्होंने अपने अकाउंट से कबीर का दोहा पोस्ट किया है और लिखा है "बुरा जो देखन मै चला मुझसे बुरा ना कोय " इस पोस्ट के कई मायने निकाले जा रहे है ,पिछले दिनों विजयवर्गीय के अधिकांश बयान अपने मुखिया के ही खिलाफ आ रहे थे ,ऐसे में अब ऐसा लग रहा है कि सफेद कबूतर उड़ गए है और दोनों में सुलह हो गई है। ,,चलिए अब ये कह सकते है "देर आए दुरुस्त आए "