Wednesday, March 18, 2026
किसानों को तोहफा देने जा रही सरकार, बोनस का ऐलान
भोपाल। मध्य प्रदेश में किसानों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य सरकार ने गेहूं खरीदी पर 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस देने को मंजूरी दे दी है। यह अहम फैसला मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया।
सरकार के इस निर्णय से किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के ऊपर अतिरिक्त लाभ मिलेगा, जिससे उनकी आय में बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। रबी सीजन में बड़ी मात्रा में गेहूं उत्पादन को देखते हुए सरकार ने यह कदम उठाया है।
कैबिनेट में यह भी तय किया गया कि खरीदी के बाद जो गेहूं सरप्लस बचेगा, उसे ओपन मार्केट (खुले बाजार) में बेचा जाएगा। इससे भंडारण का दबाव कम होगा और सरकार को भी आर्थिक संतुलन बनाए रखने में मदद मिलेगी।
सरकार का कहना है कि इस फैसले से किसानों को उनकी उपज का बेहतर दाम मिलेगा और वे अधिक मात्रा में सरकारी खरीदी केंद्रों पर गेहूं बेचने के लिए प्रोत्साहित होंगे।
इसके साथ ही खरीदी व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि किसानों को किसी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े।
राज्य सरकार के इस फैसले को किसानों के हित में बड़ा कदम माना जा रहा है, जो आने वाले समय में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देगा।
किसानों को बड़ी राहत: एमपी में खरीदी को लेकर बड़ा फैसला
भोपाल। मध्य प्रदेश में रबी सीजन की प्रमुख फसल गेहूं की सरकारी खरीदी 1 अप्रैल से शुरू होने जा रही है। राज्य सरकार ने इस बार खरीदी व्यवस्था को व्यवस्थित बनाने के लिए स्पष्ट टाइमिंग तय की है। सभी खरीदी केंद्र सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक संचालित किए जाएंगे, ताकि किसानों को अपनी उपज बेचने में किसी तरह की परेशानी न हो। प्रदेश के भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग में 1 अप्रैल से खरीदी प्रक्रिया शुरू होगी। वहीं अन्य संभागों में यह प्रक्रिया 7 अप्रैल से प्रारंभ की जाएगी। सरकार ने इस बार किसानों को आकर्षित करने के लिए समर्थन मूल्य के साथ अतिरिक्त बोनस देने का भी फैसला किया है। इससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर दाम मिल सकेगा और वे सीधे सरकारी खरीदी केंद्रों पर अपनी फसल बेचने के लिए प्रोत्साहित होंगे। खरीदी केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसमें बारदाना, तौल व्यवस्था, पेयजल और छाया जैसी सुविधाएं शामिल हैं, ताकि किसानों को लंबी कतारों या अव्यवस्था का सामना न करना पड़े। प्रशासन का कहना है कि खरीदी प्रक्रिया को पारदर्शी और सुचारू बनाने के लिए सभी स्तरों पर निगरानी रखी जाएगी। वहीं किसानों से अपील की गई है कि वे निर्धारित समय और पंजीयन के अनुसार ही केंद्रों पर पहुंचे, जिससे व्यवस्था बनी रहे। इस बार सरकार का लक्ष्य अधिक से अधिक किसानों से सीधे गेहूं की खरीदी कर उन्हें बेहतर लाभ दिलाना है।
Tuesday, March 17, 2026
मोहन कैबिनेट के बड़े फैसले: किसानों को राहत, कई बड़े प्रोजेक्ट्स को हरी झंडी
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में विकास कार्यों, बुनियादी ढांचे, जल प्रबंधन और किसानों से जुड़े कई अहम प्रस्तावों पर चर्चा करते हुए बड़े फैसले लिए गए।
बैठक के बाद जानकारी देते हुए एमएसएमई मंत्री चेतन कश्यप ने बताया कि आगामी सिंहस्थ को ध्यान में रखते हुए अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए करीब साढ़े पांच किलोमीटर लंबी सड़क निर्माण को मंजूरी दी गई है। इस परियोजना पर लगभग 945 करोड़ रुपये की लागत आएगी, जिससे श्रद्धालुओं और आम नागरिकों को बेहतर यातायात सुविधा मिल सकेगी।
कैबिनेट ने लोक निर्माण विभाग की विभिन्न अधूरी एवं प्रगतिरत परियोजनाओं को निरंतर जारी रखने की स्वीकृति भी प्रदान की। इन परियोजनाओं की कुल लागत करीब 4525 करोड़ रुपये है, जिससे प्रदेश में सड़क और अन्य निर्माण कार्यों को गति मिलेगी।
बैठक में प्रदेश में गैस आपूर्ति की स्थिति की भी समीक्षा की गई। सरकार ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में गैस की पर्याप्त उपलब्धता है। इसके साथ ही सभी जिला कलेक्टरों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, ताकि आम नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
कैबिनेट ने रीवा जिला में 228 करोड़ रुपये की लागत वाली एक सिंचाई परियोजना को भी मंजूरी दी है। इस परियोजना से क्षेत्र के किसानों को सिंचाई सुविधा में बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।
आगामी गर्मी को देखते हुए जल संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए “जल गंगा संवर्धन अभियान” को एक बार फिर शुरू करने का निर्णय लिया गया है। यह अभियान 19 मार्च से हिंदू नव वर्ष के अवसर पर प्रारंभ होगा। इसमें जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही जल महोत्सव के आयोजन को लेकर भी बैठक में चर्चा हुई।
किसानों के हित में कैबिनेट ने गेहूं पर 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। इसके अलावा प्रदेश के वित्तीय प्रबंधन पर विस्तार से चर्चा की गई और आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बनाए रखने के उपायों पर विचार किया गया।
बैठक में दिल्ली-मुंबई हाईवे से मध्य प्रदेश को जोड़ने के लिए केंद्र सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया गया। अंत में कैबिनेट ने प्रदेशवासियों को आगामी हिंदू नव वर्ष की शुभकामनाएं दीं।
कुल मिलाकर, इस कैबिनेट बैठक में विकास, बुनियादी सुविधाओं के विस्तार, जल संरक्षण और किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
राज्यसभा के पहले कांग्रेस को लग सकता है झटका
मध्य प्रदेश की राजनीति से जुड़ा एक अहम मामला अब सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के लिए तैयार है। कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा के निर्वाचन को शून्य घोषित किए जाने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर 19 मार्च को सुनवाई होगी।
दरअसल, मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने पहले ही मल्होत्रा का निर्वाचन निरस्त कर दिया था। कोर्ट ने पाया था कि उन्होंने चुनावी हलफनामे में अपने खिलाफ दर्ज दो अलग-अलग आपराधिक मामलों की जानकारी छिपाई थी, जो नियमों का उल्लंघन है।
हाई कोर्ट के इस फैसले को चुनौती देते हुए मल्होत्रा ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। अब मामले की सुनवाई जस्टिस जे. बी. पारदीवाला और जस्टिस के. वी. विश्वनाथन की बेंच करेगी।
मामले की अगली तारीख 19 मार्च तय की गई है। ऐसे में सबकी नजरें सुप्रीम कोर्ट पर टिकी हैं, क्योंकि अगर 24 मार्च तक हाई कोर्ट के फैसले पर रोक नहीं मिलती है, तो मल्होत्रा का निर्वाचन औपचारिक रूप से शून्य घोषित हो जाएगा।
यह मामला न सिर्फ एक विधायक की कुर्सी पर संकट खड़ा कर रहा है, बल्कि चुनावी पारदर्शिता और हलफनामे में सही जानकारी देने की अनिवार्यता पर भी बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है।
एमपी में घर घर तक पहुंचा आरएसएस
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की वार्षिक बैठक हरियाणा में पानीपत के निकट समालखा में 13-15 मार्च को संपन्न हुई। बैठक में पूरे देशभर से 1438 प्रतिनिधि सम्मिलित हुए। अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा में अखिल भारतीय कार्यकारिणी, क्षेत्र और प्रांत टोली, कार्यविभागों के प्रांत और क्षेत्र प्रमुख, विभाग प्रचारक, विभागों से निर्वाचित प्रतिनिधि और विविध संगठनों के अखिल भारतीय स्तर के अध्यक्ष, सचिव एवं संगठन मंत्री सम्मिलित होते है।बैठक में संघ के कार्य विस्तार, कार्य दृढ़ीकरण के साथ ही संघ स्थापना के शताब्दी वर्ष में संपन्न हुए कार्यक्रमों की समीक्षा की गयी। शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों में समाज का अपार स्नेह और समर्थन संघ को प्राप्त हुआ।
*कार्यविस्तार*
वर्तमान में देश के 924 जिलों के 6602 खंडों में से 6127 खंड शाखायुक्त है। इस वर्ष शाखायुक्त मंडलों की संख्या में 1535 की वृद्धि हुई, वर्तमान में 32,305 मंडल तथा 2523 नगर शाखायुक्त है। देशभर में कुल 55,683 स्थानों पर 40,800 विद्यार्थी और महाविद्यालयीन शाखा सहित कुल 88,949 शाखा है। कार्यकर्ताओं द्वारा 32,606 साप्ताहिक मिलन एवं 13,211 संघ मंडली संचालित की जा रही है। देशभर में 38,081 सेवाबस्तियों में से 9576 शाखायुक्त सेवाबस्तियाँ है। *मालवा प्रांत में कुल 3,292 स्थानों पर 527 विद्यार्थी और महाविद्यालयीन शाखा सहित कुल 5,049 शाखा है। इस वर्ष प्रांत में 150 विद्यार्थी शाखाओं में वृद्धि हुई। प्रांत में 1961 साप्ताहिक मिलन चल रहे है। मालवा प्रांत में 672 सेवा कार्य युक्त एवं 299 शाखा युक्त सेवाबस्तियाँ है।*
*प्रशिक्षण वर्ग*
इस सत्र में कुल 919 प्राथमिक वर्गों में 40,392 स्वयंसेवक सम्मिलित हुए। इसी प्रकार देशभर में कुल 105 संघ शिक्षावर्ग और कार्यकर्ता विकास वर्गों में 21,526 कार्यकर्ताओं ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। *मालवा प्रांत में 25 प्राथमिक वर्गों में 1712 स्वयंसेवक सम्मिलित हुए और 331 स्थानों से 551 कार्यकर्ता संघ शिक्षा वर्गों में सम्मिलित हुए।*
*गृह संपर्क*
अधिकाधिक घरों तक संघ की सौ वर्षों की यात्रा, संघ कार्य का परिचय और पंचपरिवर्तन के विषय को पहुँचाने हेतु गृहसम्पर्क अभियान चलाया गया। अभी तक 37 प्रांतों के 3,89,465 ग्रामों और 31,143 बस्तियों के 10 करोड़ से अधिक घरों पर संपर्क हो चुका है। अभी 11 प्रांतों में गृह संपर्क चल रहा है। *मालवा प्रांत में 1359 मंडलों और 969 बस्तियों में लगभग 82 हज़ार से अधिक कार्यकर्ताओं की टोलियों ने 32 लाख परिवारों में संपर्क किया। मालवा प्रांत के सभी 12246 गांवों और शत प्रतिशत मोहल्लों में कार्यकर्ता गृह संपर्क के लिए पहुंचे।* गृह संपर्क में नगरीय क्षेत्रों में संघ की सौ वर्ष की यात्रा और समाज परिवर्तन में अपनी भूमिका से संबंधित पत्रक और पुस्तक तथा ग्रामीण क्षेत्रों में भारत माता के चित्र और पत्रक का वितरण भी किया। सरकार्यवाह श्री दत्तात्रेय होसबालेजी इंदौर में गृह संपर्क में सम्मिलित हुए।
*विशेष संपर्क*
देशभर में और मालवा प्रांत में विशेष संपर्क अभियान आगे भी जारी रहेगा। संघ से सहमत और असहमत दोनों तरह के महानुभावों से भेंट होगी। जिन विषयों पर वे सहमत होंगे, हम मिलकर काम करेंगे।
*हिंदू सम्मेलन*
हिंदू समाज की सांस्कृतिक एकता व संगठित शक्ति, धर्म जागरण और पंच परिवर्तन को आचरण में लाने के उद्देश्य से स्थानीय समाज की आयोजन समितियों के द्वारा 37 प्रांतों 37,048 मंडल और बस्तियों में आयोजित हिंदू सम्मेलनों में साढ़े तीन करोड़ लोग सम्मिलित हुए। *मालवा प्रांत में हिंदू सम्मेलनों के पूर्व 3762 स्थानों पर प्रभात फेरियां प्रारंभ हुई, 2867 महिलाओं की बैठकों 8689 मोहल्ला बैठकों और 3129 कलश यात्रा, रामधुन और सुंदरकांड के आयोजन संपन्न हुए। मालवा प्रांत में 1355 मंडल और 940 बस्तियों में आयोजित हिंदू सम्मेलनों में 70 लाख से अधिक समाजजन सम्मिलित हुए।* नागालैंड, मणिपुर, अंडमान-निकोबार तथा बस्तर जैसे चुनौतीपूर्ण स्थानों में भी हिंदू सम्मेलनों के कार्यक्रम संपन्न हुए।
*सामाजिक सद्भाव बैठक*
सामाजिक और धार्मिक नेतृत्व में सामंजस्य एवं परस्पर सहयोग, दुर्बल समूहों के अभाव के निराकरण के उद्देश्य से सामाजिक सद्भाव बैठकों आयोजन खंड एवम नगर स्तर पर किया गया। *मालवा प्रांत में 181 सामाजिक सद्भाव बैठकों में 10,840 समाज प्रमुख सम्मिलित हुए।* इन बैठकों में बड़ी संख्या में महिलायें भी सम्मिलित हुई। अगस्त माह में मालवा प्रांत के 111 समाजों के 284 समाज प्रमुखों से पूजनीय सरसंघचालकजी का संवाद हुआ।
*प्रमुख जन गोष्ठी*
संघकार्य, हिंदुत्व, वर्तमान परिस्थिति में अपनी भूमिका तथा पंच परिवर्तन आदि विषयों की वैचारिक स्पष्टता और दायित्व जागरण की दृष्टि से प्रमुख जन गोष्ठियों का आयोजन आगामी अप्रैल माह किया जावेगा। इसी क्रम में पूजनीय सरसंघचालकजी के दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और बेंगलुरु में व्याख्यानमाला और जिज्ञासा समाधान के कार्यक्रम संपन्न हुए। इन कार्यक्रमों में 40 से अधिक देशों के राजनयिकों सहित समाज की विभिन्न श्रेणियों के 4777 प्रभावी जन सम्मिलित हुए। इंदौर में नवंबर माह में प्रमुख जन गोष्ठी आयोजित की गयी थी, जिसमे मालवा प्रांत के 800 से अधिक समाजजनों को सरकार्यवाह श्री दत्तात्रेय होसबाले का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। *मालवा प्रांत में आगामी अप्रैल माह में नगर एवं खण्ड स्तर पर 135 प्रमुख जन गोष्ठियां आयोजित की जावेंगी।*
*युवा कार्यक्रम*
युवा पीढ़ी में राष्ट्र बोध, संगठन स्वभाव एवं समाज परिवर्तन के प्रयत्न की वृद्धि के उद्देश्य से युवा संगम कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। *मालवा प्रांत में शताब्दी वर्ष में 311 परिसर व्याख्यान और 179 युवा संगम सहित अन्य युवा केंद्रित कार्यक्रमों में 1,88,144 युवाओं की सहभागिता रही।* युवा आयाम ने इस वर्ष समर्थ राष्ट्र दौड़, युवा महोत्सव, युवा संसद, जिला युवा शिविर और यंग थिंकर्स कॉन्फ्लुएंस और यंग एंटरप्रेन्योर फोरम के माध्यम से युवा नेतृत्व, युवा उद्यमी, अध्ययनशील युवाओं के बीच संघ और राष्ट्रीय विषयों पर विचार-विमर्श किया।
*विजयादशमी उत्सव*
अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक में शताब्दी वर्ष में संपन्न कार्यक्रमों की संख्यात्मक और अनुभूति की दृष्टि से समीक्षा हुई। देशभर में संपन्न 62,555 उत्सवों में 32,45,141 स्वयंसेवक पूर्ण गणवेश में सम्मिलित हुए। *मालवा प्रांत में 1489 विजयदशमी उत्सवों मे गणवेश में 4,05,075 स्वयंसेवक सम्मिलित हुए।*
*भौगोलिक रचना परिवर्तन*
कार्यविस्तार के फलस्वरूप कार्य संचालन और निर्णय प्रक्रिया के विकेंद्रीकरण के उद्देश्य से संघ की भौगोलिक रचना में कुछ परिवर्तन किए गए है। नई भौगोलिक रचना में देश में *नौ क्षेत्र और 85 संभाग होंगे। वर्तमान प्रांत व्यवस्था के स्थान मार्च 2027 से संभाग रचना कार्यरूप में प्रभावी होगी। मार्च 2027 तक वर्तमान प्रांत व्यवस्था यथावत कार्य करती रहेगी।* संभाग और क्षेत्र रचना के बीच विविध आवश्यक सामाजिक विषयों और समस्या के चिंतन, योजना और कार्यान्वयन हेतु प्रदेश कार्यसमिति रहेगी। *वर्तमान मालवा प्रांत के स्थान पर मार्च 2027 से दो संभाग उज्जैन और इंदौर संभाग की रचना रहेगी।* अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा का अधिवेशन अब से प्रति तीन वर्ष में एक बार आयोजित किया जावेगा।
*संत शिरोमणि सद्गुरु श्री रविदासजी के 650वें प्राकट्य वर्ष के अवसर पर सरकार्यवाहजी का वक्तव्य*
प्रतिनिधि सभा में संत शिरोमणि रविदासजी महाराज जी के प्राकट्य के 650 वें वर्ष में माननीय सरकार्यवाह जी ने वक्तव्य जारी किया। वक्तव्य में संघ की ओर से संत शिरोमणि सद्गुरु रविदासजी को श्रद्धासुमन अर्पित कराते हुए भक्ति जागरण, सात्विक आचरण, सामाजिक कुरीतियों और भेदभाव उन्मूलन तथा समरस समाज के
दृढ़ीकरण में उनके कृतित्व का स्मरण किया गया है। संघ ने श्री रविदासजी के जीवन संदेश के मर्म को समझ कर, देश की एकता और समरसता के कार्य के संकल्प का आह्वान किया है।
*स्वयंसेवकों द्वारा समाज परिवर्तन के सकारात्मक प्रयास*
पंजाब में पिछले तीन वर्ष से नशा मुक्ति के लिये एक लाख से अधिक विद्यालय और महाविद्यालयों में नशा-मुक्ति का संकल्प कराया गया। धार्मिक नेतृत्व, साधु-संतों, कथावाचकों और डेरा प्रमुखों के साथ मिलकर व्यक्तिगत और सामाजिक समस्या नशे के विरुद्ध जनजागरण चल रहा है।
कर्नाटक में हिंदू जागरण मंच द्वारा नशा मुक्ति के लिये 23 जिलों में 281 स्थानों पर रथयात्रा निकाली गयी। लड़कियों में नशे के विरुद्ध चेतना जागृत करने के उद्देश्य से मणिकर्णिका दौड़ का आयोजन किया गया। बजरंग दल ने नशा मुक्ति के लिये खिलाड़ियों, स्वास्थ्य अधिकारियों और नारकोटिक्स अधिकारियों और संतों के मिलकर 5600 से अधिक जनजागरण के कार्यक्रम किये।
केरल में महामाघ महोत्सव, तमिलनाडु में कार्तिकदीपम और त्रिपुरा में जनजातीय समुदाय में जन्माष्टमी रथयात्रा द्वारा समाज में धार्मिक चेतना जागरण के कार्य में भी स्वयंसेवक लगे है। उत्तराखंड में परंपरागत कार्य करने वाले एवं श्रमजीवी कार्य करने वाली जातियों जैसे ढोल-सागर बजाने वाले, औषधियों की पहचान करने वाले, डोली-उपासक, मंत्रोपासक आदि का सम्मान एवं सम्मेलन द्वारा परंपरागत कौशल के सरंक्षण के अभिनव प्रयास किये जा रहे है। देशभर में इस वर्ष सवा लाख कुटुंब मित्र तथा लगभग ढाई लाख हरित घर बनाये गये। जनजाति क्षेत्र, नशा मुक्ति, शैक्षिक परिसर, घुमंतू जातियों, उद्योग, शिक्षा आदि क्षेत्रों में स्वयंसेवकों और विविध संगठनों द्वारा सकारात्मक और परिश्रमपूर्ण कार्य किए जा रहे है।
प्रतिनिधि सभा में मणिपुर की स्थिति में तेजी से होते सुधार, नक्सलवाद से मुक्त होते बस्तर के साथ ही पड़ोसी देशों नेपाल और बांग्लादेश की वर्तमान स्थिति पर भी चर्चा हुई। *श्री गुरुतेग बहादुरजी के बलिदान के 350 वें वर्ष में पूरे देश में स्वयंसेवकों ने दो हज़ार से अधिक कार्यक्रम आयोजित किये, जिनमें सात लाख से अधिक लोग सम्मिलित हुए।* अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा के समक्ष विभिन्न प्रांतों में संगठन एवं समाज परिवर्तन की दृष्टि से किए गए सफल और अनुपम प्रयोगों तथा समाज जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय 38 संगठनों के विशेष कार्यों का वृत्त निवेदन भी हुआ।
*कार्यकारी मंडल बैठक*
इस वर्ष की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक आगामी अक्टूबर-नवंबर माह में इंदौर में होगी। इस बैठक में अखिल भारतीय कार्यकारिणी सहित देश के सभी प्रांतों से 450 कार्यकर्ता आयेंगे।
Monday, March 16, 2026
गीता भवन से गुलजार होंगे छोटे शहर, बैतूल, रीवा, देवास में बनेंगे गीता भवन
मध्य प्रदेश सरकार प्रदेश के शहरों में धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए बड़ा कदम उठाने जा रही है। सरकार ने प्रदेश के कुल 414 शहरों में गीता भवन बनाने की योजना तैयार की है। इसके लिए वर्ष 2026-27 के बजट में 60 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
सरकार की योजना है कि इन गीता भवनों का निर्माण इंदौर और जबलपुर में बने गीता भवन की तर्ज पर किया जाए। यहां धार्मिक कार्यक्रम, प्रवचन, सांस्कृतिक आयोजन और सामाजिक गतिविधियां आयोजित की जा सकेंगी।
जानकारी के मुताबिक प्रदेश के करीब 100 नगरीय निकायों में गीता भवन बनाने के लिए जमीन भी उपलब्ध है। जहां जमीन मिल चुकी है, वहां जल्द निर्माण प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।
इसके अलावा चार शहरों में ब्राउनफील्ड प्रोजेक्ट के तहत भी गीता भवन बनाने की मंजूरी दी गई है। यानी जहां पहले से सरकारी जमीन या भवन उपलब्ध हैं, उन्हें ही विकसित कर गीता भवन बनाया जाएगा।
सरकार का मानना है कि इस योजना से शहरों में धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और लोगों को कार्यक्रमों के लिए बेहतर जगह मिल सकेगी।
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