Sunday, March 22, 2026

भोपाल नगर निगम की बैठक 23 मार्च को , इन मुद्दों में गरमाएगा सदन ..

भोपाल नगर निगम परिषद की मीटिंग 23 मार्च को होगी। इसमें 'शहर सरकार' बजट भी पेश करेगी। सूत्रों की माने तो अबकी बार बजट 3500 करोड़ रुपए का होगा। वहीं, मंत्री-विधायकों की आपत्ति के बाद प्रॉपर्टी या जल कर बढ़ाने की संभावना कम ही है। पिछली बार कुल 3611 करोड़ रुपए का बजट पेश किया गया था। बजट मीटिंग में गोमांस, नई बिल्डिंग और लोकायुक्त की हाल ही हुई कार्रवाई का मुद्दा भी उठेगा। निगम के स्लॉटर हाउस में 26 टन गोमांस मिलने के मामले में पिछली बैठक में भी कांग्रेस ने जमकर हंगामा किया था। वहीं, लिंक रोड नंबर-2 पर 40 करोड़ रुपए से बनी नई बिल्डिंग की अधूरी तैयारियों के बीच शुरुआत होने, बिल्डिंग से गिरकर एक बुजुर्ग की मौत होने का मामला भी गरमाएगा। पार्किंग का मुद्दा भी आएगा बैठक में 14 नई पार्किंग को लेकर प्रस्ताव आएगा। इनमें से 5 पार्किंग मेट्रो स्टेशन के नीचे प्रस्तावित की गई है। जहां 40 फोर व्हीलर और 250 टू व्हीलर्स खड़े किए जा सकेंगे। 16 मार्च को हुई मेयर इन कौंसिल की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई थी। अब परिषद में यह प्रस्ताव आएगा। पार्किंग को लेकर निगम ने पुलिस की भी सहमति ली है।

गुरुकुल में क्रूरता का काला सच: मामूली गलती पर मासूम की दर्दनाक पिटाई, Video हुआ वायरल



उज्जैन से एक ऐसा वीडियो सामने आया है, जिसने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया। जहां शिक्षा और संस्कारों की उम्मीद की जाती है, वहीं एक गुरुकुल में छात्र के साथ बेरहमी की सारी हदें पार कर दी गईं। महर्षि सांदीपनी राष्ट्रीय वेदविद्या संस्थान में एक वार्डन ने एक मासूम छात्र को डंडे से इस कदर पीटा कि उसकी दर्द भरी चीखें पूरे परिसर में गूंजती रहीं। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि छात्र दर्द से कराह रहा है, लेकिन वार्डन का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा। बताया जा रहा है कि छात्र की “गलती” सिर्फ इतनी थी कि वह दूसरे छात्र के बिस्तर पर सो गया था। इस छोटी सी बात पर इतनी क्रूर सजा—यह सवाल अब हर किसी के मन में उठ रहा है। यह घटना सिर्फ एक छात्र की पिटाई नहीं, बल्कि उस भरोसे पर भी चोट है जो माता-पिता अपने बच्चों को गुरुकुल भेजते समय करते हैं। जहां उन्हें संस्कार, अनुशासन और शिक्षा मिलने की उम्मीद होती है, वहीं इस तरह की बर्बरता ने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो सामने आने के बाद लोगों में गुस्सा है और जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और क्या उस मासूम को न्याय मिल पाएगा।






Saturday, March 21, 2026

बीजेपी महिला मोर्चा और पिछड़ा वर्ग की प्रदेश कार्यकारिणी घोषित

कार्यकारिणी घोषित कांग्रेस के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ चुकीं मोना सुस्तानी महामंत्री बनीं उपाध्यक्ष नीलिमा शिंदे (ग्वालियर) आशा गुप्ता (पन्ना) माया पटेल (देवास) शालिनी सरावगी (शहडोल) एड़. अंजना पटेल (बड़वानी) विभा श्रीवास्तव (अशोकनगर) डॉ याकृति जाड़िया (सागर) प्रदेश मंत्री शशि पटेल (मंडला) खुशबू गुप्ता (ग्वालियर) रीना दंडोतिया (मुरैना) ममता मालवीय (बैतूल) डॉ. अंजली रायजादा (ग्वालियर) चारुलता यादव (खंडवा) सीमा जायसवाल (सिंगरौली) प्रमिला यादव (उज्जैन) कोषाध्यक्ष एवं कार्यालय प्रभार कोषाध्यक्ष: CA निधि बंग (इंदौर) सह कोषाध्यक्ष: अर्चना अग्रवाल (जबलपुर) , पूर्णिमा तिवारी (रीवा) कार्यालय मंत्री: भावना सिंह (भोपाल) सह कार्यालय मंत्री: विमला तिवारी (भोपाल) , ललिता पुर्तिया (नर्मदापुरम) भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा की प्रदेश कार्यकारिणी भी घोषित की गई है इसमें सुरजीत सिंह चौहान को उपाध्यक्ष और अतीत पवार को मंत्री बनाया गया है ...

भोपाल में ईद बनी ग़म का दिन, जानें काली पट्टी बांधकर किस चीज का जताया विरोध

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में ईद के मौके पर इस बार एक अलग ही तस्वीर देखने को मिली। जहां आमतौर पर ईद खुशियों और जश्न का त्योहार होता है, वहीं शहर के शिया समुदाय ने इसे शोक और विरोध के रूप में मनाया। ईद की नमाज के बाद कई इलाकों में “अमेरिका-इजराइल मुर्दाबाद” के नारे लगाए गए। यह विरोध मौजूदा अंतरराष्ट्रीय तनाव और मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है, खासतौर पर ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच बढ़ते टकराव के संदर्भ में।

  काली पट्टी और सादगी में अदा की नमाज 
 शिया समुदाय के लोग ईद की नमाज के लिए काली पट्टी बांधकर पहुंचे। कई लोगों ने नए कपड़े पहनने के बजाय पुराने कपड़ों में ही नमाज अदा की। समुदाय के लोगों का कहना था कि यह समय जश्न का नहीं बल्कि ग़म का है।नमाज के दौरान अयातुल्ला अली खामेनेई की तस्वीरें भी देखी गईं। कुछ लोगों ने दावा किया कि हालिया हमलों में उनकी “शहादत” हुई है, जिसके चलते वे शोक मना रहे हैं। 

  ईरान के समर्थन में दुआएं 
 नमाज के दौरान ईरान की जीत के लिए विशेष दुआएं की गईं। समुदाय के लोगों ने कहा कि वैश्विक स्तर पर हो रहे संघर्ष में वे ईरान के साथ खड़े हैं। 

  त्योहार पर नहीं बना कोई पकवान 
 शिया समुदाय के कई परिवारों ने इस बार ईद पर कोई विशेष पकवान नहीं बनाया। न तो सेवइयां बनाई गईं और न ही मिठाइयां बांटी गईं। लोगों का कहना था कि ग़म के माहौल में जश्न मनाना उचित नहीं है।

  युद्ध के माहौल का स्थानीय असर 
 मध्य पूर्व में चल रहे तनाव और संभावित युद्ध जैसी स्थिति का असर अब भारत के शहरों तक भी दिखाई देने लगा है। भोपाल में हुआ यह विरोध इसी बात का संकेत है कि अंतरराष्ट्रीय घटनाएं स्थानीय समाज को भी प्रभावित कर रही हैं। प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है, हालांकि फिलहाल माहौल शांतिपूर्ण बताया जा रहा है।

राज्यसभा के लिए दिग्विजय और अरुण यादव की दावेदारी हुई मजबूत !

मध्य प्रदेश में राज्यसभा के लिए सबसे ज्यादा मजबूत दावेदारी कांग्रेस में दिग्विजय सिंह और अरुण यादव की नजर आ रही है इसका सबसे बड़ा कारण कांग्रेस को क्रॉस वोटिंग का डर है असल में मध्य प्रदेश में कांग्रेस को दिग्विजय सिंह की खाली होने वाली सीट पर फिलहाल तो जीत नजर आ रही है,, लेकिन कांग्रेस के पास जरूरी 58 वोटो से सिर्फ पांच ज्यादा है,, ऐसे में कांग्रेस ऐसी उम्मीदवार की तलाश में है जिससे कांग्रेस को अन्य राज्यों की तरह नुकसान ना उठाना पड़े,, पिछले दिनों हुए राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस अपनों से ही धोखा खा चुकी है,, ऐसे में मध्य प्रदेश में कांग्रेस की तैयारी है कि उसे मजबूत चेहरे को मैदान में लाया जाए जो क्रॉस वोटिंग को रोक सके,, मध्य प्रदेश में वर्तमान के कांग्रेस विधायकों में सबसे ज्यादा समर्थक दिग्विजय सिंह और उसके बाद अरुण यादव के हैं,, यही कारण है कि अब दिग्विजय सिंह और अरुण यादव की दावेदारी मजबूत मानी जा रही है हालांकि अरुण यादव के साथ अगर उमंग सिंघार खड़े होते हैं तो यादव और आगे निकल सकते हैं, क्योंकि वह पिछड़ा वर्ग का प्रतिनिधित्व भी करते हैं पिछड़ा वर्ग से ही कमलेश्वर पटेल भी अपनी उम्मीदवारी जाता रहे हैं, इनके साथ-साथ कमलनाथ के नाम की भी अटकलें लगातार लगाई जा रही हैं,दिल्ली में जोर आजमाइश करने वालों में सज्जन सिंह वर्मा और मुकेश नायक जैसे नाम भी शामिल है...

Friday, March 20, 2026

मेहनत पर मौसम की मार, खेतों में बिखरे सपने

देशभर में मौसम की मार से जूझ रहे किसानों को लेकर केंद्र सरकार अलर्ट मोड में आ गई है। बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने कई राज्यों में खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है—वो फसलें, जिनके सहारे किसान पूरे साल की उम्मीदें जोड़कर बैठे थे। इसी स्थिति को देखते हुए नरेंद्र मोदी ने देश के कृषि परिदृश्य की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने खास तौर पर उन इलाकों पर ध्यान देने के निर्देश दिए, जहां असमय बारिश और ओलावृष्टि से फसलें बर्बाद हुई हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि जिन क्षेत्रों में फसलें पककर तैयार थीं, वहां अचानक बारिश और ओलों ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। कई जगह फसलें जमीन पर गिर गई हैं, जिससे नुकसान और बढ़ गया है। सरकार ने राज्यों के साथ तुरंत समन्वय बनाने के निर्देश दिए हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहां-कहां कितना नुकसान हुआ है। साथ ही, फसल बीमा योजना से जुड़े अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे तेजी से क्रॉप कटिंग एक्सपेरिमेंट कराएं और वैज्ञानिक तरीके से नुकसान का सही आकलन करें। सरकार का फोकस इस बात पर है कि जिन किसानों की फसलें खराब हुई हैं, उन्हें बीमा का पैसा समय पर और सही तरीके से मिल सके, ताकि उनकी आर्थिक परेशानी कुछ कम हो सके। इस बीच मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में दो और पश्चिमी विक्षोभ की संभावना जताई है, जिससे हालात और चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। ऐसे में किसानों को सतर्क रहने और जरूरी सलाह देने पर भी जोर दिया गया है। कुल मिलाकर, यह वक्त किसानों के लिए बेहद कठिन है—एक तरफ मौसम की मार, तो दूसरी तरफ फसल की चिंता। अब नजर इस बात पर है कि राहत और मुआवजा कितनी जल्दी और कितनी प्रभावी तरीके से किसानों तक पहुंच पाता है।