प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी और उनके सहयोगियों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि महिलाओं के अधिकारों की बात आते ही कांग्रेस का असली चेहरा सामने आ जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस हमेशा इस मुद्दे पर अस्थिर और विरोधाभासी रुख अपनाती रही है। बीजेपी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रेखा वर्मा ने भी कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण को लेकर उसकी प्रतिबद्धता सिर्फ बयानबाजी तक सीमित है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी इस पूरे मुद्दे पर आक्रामक रुख दिखाया। उन्होंने कहा कि संसद में जो घटनाक्रम हुआ, वह बेहद संवेदनशील था और महिलाओं के सम्मान से जुड़ा हुआ था, लेकिन विपक्ष ने उसे गंभीरता से लेने के बजाय राजनीतिक मोड़ देने की कोशिश की। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि कुछ लोग इस पूरे घटनाक्रम को तमाशा बनाकर देखते रहे।
सीएम ने प्रियंका गांधी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग खुद को नारी सम्मान का पैरोकार बताते हैं, वही अपने आचरण और बयानों से नारी गरिमा को ठेस पहुंचा रहे हैं। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई है।
बीजेपी ने अब इस मुद्दे को जनआंदोलन का रूप देने के संकेत दिए हैं। मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि पार्टी प्रदेशभर में आक्रोश सभाएं आयोजित करेगी और बड़े स्तर पर प्रदर्शन करेगी। इसके साथ ही इस विषय पर विस्तृत चर्चा के लिए विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र बुलाने की भी तैयारी की जा रही है।
कुल मिलाकर, महिला आरक्षण और महिला सम्मान का मुद्दा अब प्रदेश की राजनीति में केंद्र में आ गया है। बीजेपी जहां इसे लेकर आक्रामक रणनीति के साथ मैदान में उतर चुकी है, वहीं आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी टकराव और तेज होने के पूरे आसार हैं।





