भोपाल। मध्यप्रदेश की सियासत में बयानबाजी तेज होती जा रही है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष Jitu Patwari ने भाजपा सरकार पर बड़ा हमला बोलते हुए दावा किया है कि अगर आज प्रदेश में सर्वे कराया जाए तो सिर्फ 10% लोग भाजपा को चुनेंगे, जबकि 90% जनता कांग्रेस के साथ खड़ी नजर आएगी। पटवारी ने कहा कि प्रदेश में मौजूदा सरकार से जनता का भरोसा तेजी से कम हुआ है और अब बदलाव का माहौल बन चुका है। उन्होंने इसे भाजपा सरकार के लिए “उलटी गिनती की शुरुआत” करार दिया। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने सरकार की नीतियों और फैसलों पर सवाल उठाते हुए कहा कि किसान, युवा और आम जनता सभी वर्ग आज परेशान हैं, जिसका असर सीधे जनसमर्थन पर दिख रहा है। उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले समय में कांग्रेस को इसका सीधा फायदा मिलेगा। हालांकि, भाजपा की ओर से इस बयान पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे लेकर चर्चा तेज हो गई है। कुल मिलाकर, पटवारी के इस दावे ने मध्यप्रदेश की सियासत में नया तापमान बढ़ा दिया है और आने वाले दिनों में इस पर सियासी घमासान और तेज होने के आसार हैं।
Saturday, May 2, 2026
राजनैतिक नियुक्तियों में सीएम समर्थकों की भरमार,, कई बड़े नेता हुए दरकिनार
Friday, May 1, 2026
एमपी में मंत्रिमंडल विस्तार की सुगबुगाहट
Wednesday, April 29, 2026
बीजेपी प्रदेश कार्यसमिति में जगह दिलवाने बड़े नेताओं का लगा अध्यक्ष के घर जमावड़ा
भोपाल। प्रदेश भाजपा में नई कार्यसमिति के गठन से पहले अंदरूनी हलचल अब खुलकर सामने आने लगी है। प्रदेश अध्यक्ष Hemant Khandelwal से मुलाकात के लिए बड़े नेताओं, मंत्रियों और पदाधिकारियों का तांता लगा हुआ है। सूत्रों की मानें तो ये मुलाकातें महज औपचारिक नहीं, बल्कि संगठन में अपनी “लाइन सेट” करने की कोशिश के तौर पर देखी जा रही हैं। कई नेता अपने समर्थकों को कार्यसमिति में जगह दिलाने के लिए लॉबिंग में जुटे हैं, तो कुछ खुद के लिए अहम जिम्मेदारी की तलाश में सक्रिय हैं। पार्टी दफ्तर से लेकर निजी मुलाकातों तक—हर स्तर पर सक्रियता बढ़ गई है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि संगठन में जगह पाने के लिए नेता अपने समीकरण मजबूत करने, नजदीकियां बढ़ाने और प्रभाव दिखाने में लगे हैं। बताया जा रहा है कि प्रदेश कार्यसमिति की सूची लगभग फाइनल हो चुकी है और कभी भी इसका ऐलान हो सकता है। ऐसे में आखिरी दौर की यह हलचल काफी अहम मानी जा रही है, जहां हर नेता अपनी स्थिति मजबूत करने में जुटा है। कुल मिलाकर, कार्यसमिति गठन से पहले भाजपा में अंदरखाने सियासी सेटिंग और संतुलन साधने की कवायद तेज हो गई है, जो आने वाले समय में संगठन की दिशा तय करेगी।
Tuesday, April 28, 2026
कैबिनेट खत्म होते ही बड़ा फैसला: MP के किसानों को डबल राहत
भोपाल। मुख्यमंत्री Mohan Yadav की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में प्रदेश के विकास, कृषि, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े कई अहम फैसलों पर मुहर लगाई गई। बैठक के निर्णयों की जानकारी MSME मंत्री Chaitanya Kumar Kashyap ने दी।
कैबिनेट ने महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर बड़ा कदम उठाते हुए नारी शक्ति वंदन के आरक्षण संकल्प को पारित किया, जिससे मध्यप्रदेश इस दिशा में पहल करने वाला अग्रणी राज्य बन गया है।
कृषि क्षेत्र में सरकार ने गेहूं उपार्जन का लक्ष्य बढ़ाकर 100 लाख टन करने का फैसला लिया है। इसके साथ ही अब सप्ताह में छह दिन खरीदी होगी और शनिवार को अवकाश नहीं रहेगा। अब तक 29.31 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा चुका है और किसानों के खातों में ₹2546 करोड़ ट्रांसफर किए जा चुके हैं।
वन्यजीव संरक्षण के तहत असम से 16 जंगली भैंसों को लाने की योजना पर काम शुरू हो गया है, जिनकी पहली खेप को कन्हा टाइगर रिजर्व में छोड़ा गया।
विकास कार्यों को गति देने के लिए कैबिनेट ने स्वास्थ्य, शिक्षा और सिंचाई क्षेत्रों में ₹26,800 करोड़ की स्वीकृति दी है। शाजापुर के लखनदार बांध परियोजना के जरिए 9,000 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई के लिए ₹155 करोड़ की योजना मंजूर की गई है, जिससे कई गांवों को लाभ मिलेगा।
इसके अलावा लोक निर्माण विभाग के पांच बड़े प्रोजेक्ट्स को निरंतरता देते हुए अगले पांच वर्षों में ₹26,311 करोड़ खर्च किए जाएंगे।
शिक्षा के क्षेत्र में दिल्ली में अध्ययनरत OBC छात्रों की छात्रवृत्ति ₹1,550 से बढ़ाकर ₹10,000 प्रतिमाह कर दी गई है। वहीं 38,901 आंगनबाड़ी भवनों के विद्युतीकरण के लिए ₹80 करोड़ की मंजूरी दी गई है।
स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए गांधी मेडिकल कॉलेज के अधोसंरचना विकास हेतु ₹80 करोड़ और श्याम शाह मेडिकल कॉलेज में सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के लिए ₹174 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं।
कुल मिलाकर, कैबिनेट के इन फैसलों को प्रदेश में बुनियादी ढांचे, कृषि और सामाजिक क्षेत्रों को मजबूती देने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
हेमंत खंडेलवाल के अध्यक्ष बनने के बाद पहली कार्यसमिति की बैठक रामराजा के दरबार में
भोपाल। मध्यप्रदेश में सियासी हलचल के बीच भारतीय जनता पार्टी ने अपनी अगली बड़ी रणनीतिक बैठक का स्थान तय कर लिया है। पार्टी की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक मई में ऐतिहासिक नगरी ओरछा में आयोजित की जाएगी। इसकी जानकारी प्रदेश अध्यक्ष Hemant Khandelwal ने दी। खास बात यह है कि उनके अध्यक्ष बनने के बाद यह पहली प्रदेश कार्यसमिति बैठक होगी, जिससे इसके राजनीतिक मायने और भी बढ़ गए हैं। ओरछा, जिसे भगवान राम के “राजा राम” स्वरूप के लिए जाना जाता है, वहां इस बैठक का आयोजन पार्टी की रणनीति और संदेश दोनों को दर्शाता है। राजनीतिक जानकार इसे संगठन और सरकार के बीच समन्वय के साथ-साथ आगामी योजनाओं की रूपरेखा तय करने वाली अहम बैठक मान रहे हैं। बैठक में प्रदेश की राजनीतिक स्थिति, संगठनात्मक विस्तार, आगामी चुनावी रणनीति और सरकार के कामकाज को लेकर चर्चा होने की संभावना है। साथ ही बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने पर भी फोकस रहेगा। कुल मिलाकर, धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व वाले ओरछा में होने जा रही यह बैठक सिर्फ संगठनात्मक नहीं, बल्कि प्रतीकात्मक रूप से भी काफी अहम मानी जा रही है—जहां “राम राजा” की नगरी में अब बीजेपी अपनी सियासी दिशा तय करती नजर आएगी।





