भोपाल। मध्यप्रदेश में जनजातीय संस्कृति और परंपराओं को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार एक बार फिर बड़े आयोजन की तैयारी में है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल स्थित समत्व भवन में आयोजित बैठक में आगामी बैगा महोत्सव और जनजातीय सांस्कृतिक कार्यक्रमों को लेकर विस्तृत समीक्षा की। बैठक में जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह और मुख्य सचिव अनुराग जैन सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि बालाघाट में प्रस्तावित इस महोत्सव को भव्य और व्यवस्थित तरीके से आयोजित किया जाए, ताकि प्रदेश की समृद्ध जनजातीय विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल सके।
जनजातीय संस्कृति को मिलेगा मंच
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह के आयोजन न सिर्फ परंपराओं को सहेजने का माध्यम हैं, बल्कि जनजातीय समाज को मुख्यधारा से जोड़ने का भी महत्वपूर्ण जरिया हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि कार्यक्रम में स्थानीय कलाकारों, लोक नृत्य, पारंपरिक संगीत और हस्तशिल्प को प्रमुखता दी जाए।
बालाघाट बनेगा आयोजन का केंद्र
आगामी महीनों में बालाघाट में होने वाला यह महोत्सव प्रदेश के प्रमुख जनजातीय आयोजनों में शामिल होगा। इसमें विशेष रूप से बैगा जनजाति की परंपराओं, जीवनशैली और सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित किया जाएगा।
पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
सरकार का मानना है कि इस आयोजन से न सिर्फ जनजातीय कला और संस्कृति को पहचान मिलेगी, बल्कि पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे और हस्तशिल्प को नया बाजार मिलेगा।
तैयारियों पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आयोजन स्थल, व्यवस्थाओं और सुरक्षा के सभी पहलुओं पर समय रहते तैयारी सुनिश्चित की जाए, ताकि कार्यक्रम सफल और आकर्षक बन सके।








