Thursday, April 2, 2026

एमपी में पेंशनर्स के लिए बड़ी खबर


भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य के लाखों पेंशनर्स और परिवार पेंशनर्स को बड़ी राहत दी है। सरकार ने महंगाई को देखते हुए पेंशनर्स को मिलने वाली महंगाई राहत (Dearness Relief) में 5 फीसदी की बढ़ोतरी कर दी है। इस संबंध में वित्त विभाग ने आदेश जारी कर दिया है। सरकार के फैसले के अनुसार अब पेंशनर्स को 53 फीसदी की जगह 58 फीसदी की दर से महंगाई राहत मिलेगी। यानी सीधे 5 फीसदी का फायदा मिलेगा। बढ़ी हुई महंगाई राहत 1 जनवरी 2026 से लागू मानी जाएगी। इसका मतलब है कि पेंशनर्स को जनवरी से अब तक का एरियर (बकाया) भी मिलेगा।

किन लोगों को मिलेगा लाभ?

राज्य सरकार के सभी पेंशनर्स

परिवार पेंशन पाने वाले लोग

7वें वेतनमान के अंतर्गत आने वाले पेंशनर्स

इसके अलावा 6वें वेतनमान वाले पेंशनर्स के लिए भी अलग दरों से राहत दी जाएगी।

पेंशनर्स को बढ़ी हुई राशि उनकी मासिक पेंशन के साथ ही दी जाएगी। साथ ही, जो अंतर की राशि है, वह एरियर के रूप में भी जोड़ी जाएगी।


सरकार का कहना है कि लगातार बढ़ रही महंगाई को देखते हुए पेंशनर्स को राहत देना जरूरी था। इसी कारण यह फैसला लिया गया है। इस फैसले से राज्य के लाखों पेंशनर्स और परिवार पेंशनर्स को सीधा फायदा मिलेगा। सरकार का यह फैसला पेंशनर्स के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। महंगाई के इस दौर में अतिरिक्त 5 फीसदी की बढ़ोतरी उनके खर्चों को संभालने में मदद करेगी।


खुशखबरी! बढ़ गया DA, अप्रैल में बढ़कर मिलेगी सैलरी


भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने राज्य के लाखों सरकारी कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए महंगाई भत्ता (DA) बढ़ाने का आदेश जारी कर दिया है। वित्त विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 3 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। अब तक कर्मचारियों को 55 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता मिल रहा था, जिसे बढ़ाकर 58 प्रतिशत कर दिया गया है। सरकार के इस फैसले को 1 जुलाई 2025 से प्रभावी माना जाएगा, हालांकि इसका वास्तविक भुगतान अप्रैल 2026 (मई माह के वेतन) से किया जाएगा।

एरियर का भी मिलेगा फायदा

महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी के चलते कर्मचारियों को जुलाई 2025 से मार्च 2026 तक का एरियर भी दिया जाएगा। सरकार ने तय किया है कि यह एरियर राशि एक साथ न देकर 6 समान किस्तों में दी जाएगी।

यह किस्तें मई, जून, जुलाई, अगस्त, सितंबर और अक्टूबर 2026 में कर्मचारियों के खाते में आएंगी।

रिटायर्ड और मृत कर्मचारियों के लिए खास प्रावधान

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन कर्मचारियों की इस अवधि (1 जुलाई 2025 से 31 मार्च 2026) के दौरान सेवानिवृत्ति हो चुकी है या उनका निधन हो गया है, उनके मामले में एरियर की राशि एकमुश्त दी जाएगी। यह भुगतान संबंधित कर्मचारी या उनके नामांकित सदस्य को मिलेगा।

महत्वपूर्ण बातें

महंगाई भत्ते की गणना में 50 पैसे या उससे अधिक राशि को अगले पूरे रुपये में जोड़ा जाएगा

50 पैसे से कम राशि को नजरअंदाज किया जाएगा

महंगाई भत्ते का कोई भी हिस्सा वेतन का हिस्सा नहीं माना जाएगा

इस बढ़ोतरी का खर्च संबंधित विभाग अपने स्वीकृत बजट से ही वहन करेंगे

सरकार के इस फैसले से प्रदेश के लाखों कर्मचारियों को सीधा फायदा मिलेगा। जहां एक ओर हर महीने मिलने वाली सैलरी में बढ़ोतरी होगी, वहीं एरियर के रूप में अतिरिक्त राशि भी कर्मचारियों के खाते में पहुंचेगी, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूती मिलेगी।

राज्यसभा चुनाव के पहले कांग्रेस के दो वोट खतरे में...


भोपाल/दतिया। मध्य प्रदेश की सियासत में बड़ा झटका लगा है। दतिया से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने 25 साल पुराने जिला सहकारी बैंक घोटाले में दोषी ठहराते हुए 3 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। हालांकि, कोर्ट ने उन्हें तुरंत जमानत दे दी है, लेकिन इस फैसले ने उनकी विधायकी पर गंभीर संकट खड़ा कर दिया है। कोर्ट ने इस मामले में सह-आरोपी रघुवीर शरण प्रजापति को भी 3 साल की सजा और 2.5 लाख रुपये के जुर्माने से दंडित किया है। राजेंद्र भारती को 50 हजार रुपये के बॉन्ड पर राहत जरूर मिली है, लेकिन यह राहत फिलहाल अस्थायी मानी जा रही है।

क्या है पूरा मामला

यह मामला करीब ढाई दशक पुराने जिला सहकारी बैंक घोटाले से जुड़ा है, जिसमें वित्तीय अनियमितताओं, धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े के गंभीर आरोप लगे थे। लंबे समय तक चली सुनवाई के बाद कोर्ट ने सबूतों और गवाहों के आधार पर भारती को दोषी करार दिया।

किन धाराओं में दोषी

IPC 120B – आपराधिक साजिश, IPC 420 – धोखाधड़ी और IPC 467/468/471 – दस्तावेजों की जालसाजी करने के मामले में दोषी ठहराया गया है। 

दिल्ली कैसे पहुंचा मामला

यह केस पहले ग्वालियर की एमपी/एमएलए कोर्ट में चल रहा था, लेकिन खुद राजेंद्र भारती ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि बीजेपी नेता नरोत्तम मिश्रा के दबाव में निष्पक्ष सुनवाई संभव नहीं है। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने मामले को दिल्ली ट्रांसफर कर दिया था।

क्या जाएगी विधायकी?

यहीं से सियासी ड्रामा और दिलचस्प हो जाता है। ‘लिली थॉमस’ फैसले के मुताबिक, अगर किसी विधायक को 2 साल या उससे ज्यादा की सजा होती है, तो उसकी सदस्यता स्वतः समाप्त मानी जाती है। राजेंद्र भारती को 3 साल की सजा मिली है, यानी नियम सीधे उन पर लागू हो सकता है। हालांकि, उनके पास 30 दिन का समय है, जिसमें वे हाईकोर्ट से सजा पर रोक (स्टे) लेने की कोशिश करेंगे। अगर उन्हें स्टे नहीं मिला, तो दतिया सीट खाली घोषित हो सकती है।

सियासी पारा चढ़ा

इस फैसले के बाद प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। बीजेपी इसे भ्रष्टाचार पर बड़ी कार्रवाई बता रही है, जबकि कांग्रेस इसे कानूनी लड़ाई बताकर पलटवार की तैयारी में है। फिलहाल मामला अदालत से निकलकर सियासत के केंद्र में आ चुका है और सबकी नजर अब हाईकोर्ट के अगले फैसले पर टिकी हुई है, जो तय करेगा कि राजेंद्र भारती की कुर्सी बचती है या चली जाती है।

Wednesday, April 1, 2026

नौकरी के इंतजार में प्रदर्शन, भोपाल में शिक्षकों पर लाठीचार्ज


भोपाल। राजधानी भोपाल में माध्यमिक शिक्षक वर्ग-2 के चयनित अभ्यर्थियों का गुस्सा मंगलवार को सड़कों पर फूट पड़ा। प्रदेश के अलग-अलग जिलों से पहुंचे अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री निवास के सामने जोरदार प्रदर्शन करते हुए नियुक्ति पत्र जारी करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सरकार लंबे समय से नियुक्ति प्रक्रिया को टाल रही है, जिससे उनका भविष्य अधर में लटक गया है। अभ्यर्थियों ने नारेबाजी करते हुए कहा कि उन्हें सिर्फ आश्वासन मिल रहा है, लेकिन नियुक्ति को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा। अभ्यर्थियों के मुताबिक, भर्ती प्रक्रिया वर्ष 2022 में विज्ञापन जारी होने के साथ शुरू हुई थी। इसके बाद 2023 में पात्रता परीक्षा आयोजित की गई, अप्रैल 2025 में चयन परीक्षा हुई और सितंबर 2025 में परिणाम घोषित कर दिए गए। इसके बावजूद अब तक करीब 10,700 चयनित उम्मीदवारों को नियुक्ति नहीं मिली है। उन्होंने बताया कि नियमानुसार चयन के तीन महीने के भीतर नियुक्ति आदेश जारी होना चाहिए था, लेकिन 2026 तक भी यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई है। लगातार हो रही देरी से अभ्यर्थियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। प्रदर्शन के दौरान स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री निवास की ओर बढ़ने की कोशिश की। पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए बल प्रयोग किया और लाठीचार्ज किया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। फिलहाल पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित कर लिया है और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। वहीं, अभ्यर्थी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और जल्द से जल्द नियुक्ति पत्र जारी करने की मांग कर रहे हैं।





“स्कूल चलें हम” से सजेगा भविष्य, हर बच्चे को शिक्षा से जोड़ने का संकल्प

 


भोपाल। मध्य प्रदेश में “स्कूल चलें हम” अभियान और राज्य स्तरीय प्रवेशोत्सव की आज से शुरुआत हो गई है। राजधानी भोपाल में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्वयं बच्चों का स्कूल में प्रवेश करवाकर अभियान का शुभारंभ किया। यह अभियान 1 अप्रैल से 4 अप्रैल तक पूरे प्रदेश में चलाया जाएगा, जिसमें अधिक से अधिक बच्चों को स्कूल से जोड़ने और नामांकन बढ़ाने पर विशेष फोकस रहेगा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में ड्रॉपआउट को शून्य करने का लक्ष्य रखा गया है और इस दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष नामांकन में करीब 19.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जो शिक्षा के प्रति बढ़ते विश्वास को दर्शाता है।सीएम ने यह भी कहा कि सरकारी स्कूलों में सुविधाओं के विस्तार के चलते अब बच्चों का रुझान बढ़ रहा है। “सांदीपनि” स्कूलों का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि बेहतर शिक्षा और आधुनिक सुविधाओं के कारण कई छात्र निजी स्कूल छोड़कर सरकारी स्कूलों में प्रवेश ले रहे हैं। प्रदेश में अब तक 369 सांदीपनि स्कूल स्थापित किए जा चुके हैं, जहां गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। सरकार द्वारा विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए साइकिल, किताबें, ड्रेस, लैपटॉप और स्कूटी जैसी योजनाएं भी संचालित की जा रही हैं। सीएम ने बताया कि 75% से अधिक अंक लाने वाले छात्रों को लैपटॉप दिए जाते हैं, वहीं उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को स्कूटी भी प्रदान की जा रही है। इसके लिए बजट में विशेष प्रावधान किया गया है। वहीं स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने बताया कि पूरे प्रदेश में इस अभियान को “प्रवेशोत्सव” के रूप में मनाया जा रहा है। अब तक करीब 1 करोड़ बच्चों का पंजीयन हो चुका है और सरकार ने 1 करोड़ 40 लाख नामांकन का लक्ष्य तय किया है। उन्होंने कहा कि अगले 4 महीनों में बच्चों को साइकिल, किताब और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। यदि गणवेश समय पर तैयार नहीं हो पाती है, तो डीबीटी के माध्यम से राशि सीधे विद्यार्थियों के खातों में दी जाएगी।

अभियान में क्या-क्या होगा?

घर-घर जाकर बच्चों का नामांकन

रैलियां और जागरूकता कार्यक्रम

स्कूलों में स्वागत समारोह

ड्रॉपआउट बच्चों को फिर से जोड़ने की कोशिश

जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी

“स्कूल चलें हम” अभियान सिर्फ एक नामांकन ड्राइव नहीं, बल्कि हर बच्चे को शिक्षा से जोड़ने का एक बड़ा सामाजिक संकल्प है। सरकार की कोशिश है कि प्रदेश का कोई भी बच्चा स्कूल से दूर न रहे और शिक्षा के जरिए उसका भविष्य मजबूत हो सके।

भोपाल में लाठीचार्ज, हंगामा और एनकाउंटर


भोपाल। राजधानी भोपाल में गौ-हत्या के विरोध में हिंदू संगठनों का प्रदर्शन जारी है और माहौल पहले से ही तनावपूर्ण बना हुआ है। इसी बीच मामले में एक बड़ा और नाटकीय घटनाक्रम सामने आया है। पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए मुख्य आरोपी आसिफ का शॉर्ट एनकाउंटर हो गया। जानकारी के अनुसार, पुलिस उसे पूछताछ के बाद थाने लेकर जा रही थी। इसी दौरान रातीबड़ इलाके में रास्ते में आरोपी ने अचानक पुलिसकर्मी से पिस्टल छीन ली और पुलिस पर फायरिंग कर दी। अचानक हुई इस घटना से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने तत्काल जवाबी कार्रवाई करते हुए फायरिंग की, जिसमें आसिफ को गोली लग गई और वह घायल हो गया। घटना के तुरंत बाद घायल आरोपी को कड़ी सुरक्षा के बीच हमीदिया अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज जारी है। पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

दरअसल, भोपाल में हाल ही में गौ-हत्या की एक घटना सामने आई थी, जिसके बाद शहर में आक्रोश फैल गया। हिंदू संगठनों ने इसके विरोध में प्रदर्शन शुरू कर दिए और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग तेज हो गई। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी आसिफ को हिरासत में लिया था। लेकिन थाने ले जाते समय हुए इस घटनाक्रम ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी के पास हथियार कैसे पहुंचा और सुरक्षा में कहां चूक हुई।