Thursday, April 9, 2026

प्रशासनिक सर्जरी: 14 जिलों में नए कलेक्टर, 26 IAS अधिकारियों का तबादला

 


भोपाल। मध्य प्रदेश में बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल करते हुए सामान्य प्रशासन विभाग ने 26 आईएएस अधिकारियों के तबादले किए हैं। इस बदलाव में 14 जिलों के कलेक्टर बदले गए हैं, जिससे प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।

प्रमुख नियुक्तियां और तबादले

प्रियंक मिश्रा – कलेक्टर, भोपाल

कौशलेन्द्र विक्रम सिंह – सचिव, मुख्यमंत्री

प्रतिभा पाल – कलेक्टर, सागर

संदीप जी.आर. – श्रम आयुक्त, इंदौर

नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी – कलेक्टर, रीवा

राजीव रंजन मीना – कलेक्टर, धार

सोमेश मिश्रा – कलेक्टर, नर्मदापुरम

अर्पित वर्मा – कलेक्टर, शिवपुरी

डॉ. सौरभ संजय सोनवणे – कलेक्टर, बैतूल

डॉ. योगेश तुकाराम भरसट – कलेक्टर, झाबुआ

नेहा मीना – कलेक्टर, सिवनी

प्रताप नारायण यादव – कलेक्टर, दमोह

राहुल नामदेव धोटे – कलेक्टर, मंडला

शीला दाहिमा – कलेक्टर, श्योपुर

बिदिशा मुखर्जी – कलेक्टर, मैहर

राखी सहाय – कलेक्टर, उमरिया

अन्य महत्वपूर्ण पदस्थापनाएं

अभिषेक सिंह – आयुक्त, लोक शिक्षण

शिल्पा गुप्ता – सचिव, गृह विभाग

श्रीकांत बनोठ – कमिश्नर, नर्मदापुरम संभाग

कृष्ण गोपाल तिवारी – आयुक्त, सामाजिक न्याय

रवीन्द्र कुमार चौधरी – अपर सचिव

सोनिया मीना – अपर सचिव


सरकार के इस बड़े फेरबदल को प्रशासनिक कसावट, बेहतर मॉनिटरिंग और जमीनी स्तर पर कामकाज को तेज करने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।






पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती का फाइनल रिजल्ट जारी, यहां देखें अपना रिजल्ट


 


भोपाल। मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन बोर्ड (MPESB) ने पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा 2025 का फाइनल रिजल्ट जारी कर दिया है। अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट esb.mp.gov.in पर जाकर अपना रिजल्ट और स्कोरकार्ड देख सकते हैं। इस भर्ती परीक्षा में सुनील मीना ने टॉप किया है। वहीं टॉप-5 में अंकित रघुवंशी, दीपक जाट, आदर्श सेन और सूरज मसीह ने भी जगह बनाई है। बोर्ड ने मेरिट सूची और उम्मीदवारों के स्कोरकार्ड वेबसाइट पर अपलोड कर दिए हैं। यह परीक्षा अक्टूबर से दिसंबर 2025 के बीच आयोजित की गई थी।

इतने पदों पर भर्ती

इस भर्ती प्रक्रिया के तहत कुल 7500 पदों पर नियुक्तियां की जानी थीं। परीक्षा में 9 लाख 78 हजार 59 अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया, जिनमें से योग्य उम्मीदवारों का चयन किया गया है।

आरक्षण के चलते कुछ पद होल्ड

बोर्ड ने फिलहाल 6525 पदों पर अंतिम परिणाम घोषित किया है, जबकि OBC आरक्षण से जुड़े मामले के चलते करीब 13% पदों को होल्ड पर रखा गया है।

रिजल्ट 87:13 फॉर्मूले के आधार पर जारी किया गया है।

 ऐसे देखें रिजल्ट

उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट esb.mp.gov.in पर जाकर अपना आवेदन नंबर और अन्य डिटेल्स दर्ज कर रिजल्ट चेक कर सकते हैं। यहां देखें अपना result






MSP पर खरीदी शुरू, पहले दिन नहीं पहुंचे किसान


भोपाल। मध्य प्रदेश में आज से समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूं खरीदी की प्रक्रिया शुरू हो गई है। पहले चरण में इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभागों में खरीदी की शुरुआत की गई है, जबकि बाकी संभागों में कल से प्रक्रिया शुरू होगी। सरकार ने इस बार किसानों को बड़ा फायदा देने के लिए गेहूं का समर्थन मूल्य 2625 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है, साथ ही 40 रुपये प्रति क्विंटल प्रोत्साहन राशि अलग से देने का निर्णय लिया है। यह प्रोत्साहन राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी। प्रदेशभर में इस बार 3627 उपार्जन केंद्र बनाए गए हैं और सरकार ने 78 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य रखा है, जो पिछले साल की तुलना में अधिक है। खरीदी के लिए अब तक 19 लाख 4 हजार 651 किसानों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। सरकार ने खरीदी केंद्रों पर किसानों के लिए पेयजल, छाया और बैठने की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए हैं। साथ ही भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा कई स्थानों पर किसानों का सम्मान कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं। लेकिन खरीदी के पहले ही दिन व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। भोपाल समेत कई केंद्रों पर किसान नहीं पहुंचे। बताया जा रहा है कि स्लॉट बुकिंग सिस्टम में तकनीकी दिक्कतों के कारण किसान अपनी बारी तय नहीं कर पा रहे हैं, जिससे वे केंद्रों तक नहीं पहुंच सके। किसानों का कहना है कि स्लॉट बुकिंग सही तरीके से काम नहीं कर रही है, जिसके चलते उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, प्रशासन का दावा है कि तकनीकी समस्याओं को जल्द ठीक कर लिया जाएगा और खरीदी प्रक्रिया सुचारू रूप से जारी रहेगी। अब देखना होगा कि सरकार इस शुरुआती अव्यवस्था को कितनी जल्दी सुधार पाती है, ताकि किसानों को किसी तरह की परेशानी न हो और खरीदी लक्ष्य समय पर पूरा किया जा सके।


छतरपुर से जीतू पटवारी का सरकार पर हमला

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने छतरपुर दौरे के दौरान सरकार पर किसानों को लेकर बड़ा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने गेहूं खरीदी की तारीख घोषित कर किसानों के साथ धोखा किया है। पटवारी ने कहा कि खरीदी 10 तारीख से शुरू करने की घोषणा के बावजूद उससे पहले ही लाखों क्विंटल गेहूं किसान औने-पौने दामों में बेचने को मजबूर हो गए। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या किसानों को 3100 रुपये प्रति क्विंटल धान का भाव मिल रहा है? क्या गेहूं 2700 रुपये में खरीदा जा रहा है? और क्या सोयाबीन का 6000 रुपये भाव किसानों को मिल रहा है? पटवारी ने सरकार पर आरोप लगाया कि घोषणाएं अलग हैं और जमीनी हकीकत अलग, जिससे किसान लगातार नुकसान झेल रहे हैं।



Wednesday, April 8, 2026

शिक्षकों का सरकार पर दबाव, TET अनिवार्यता हटाने की मांग


भोपाल। मध्यप्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। प्रदेश के करीब डेढ़ लाख शिक्षकों को प्रभावित करने वाला यह मामला अब तूल पकड़ता दिख रहा है। अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा ने इस मुद्दे पर सरकार और शिक्षा विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मोर्चे ने मुख्यमंत्री और लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) को ज्ञापन सौंपकर नॉन-TET पास शिक्षकों को अनिवार्यता से छूट देने की मांग की है। उनका कहना है कि हाल ही में जारी किए गए आदेश न केवल व्यवहारिक रूप से गलत हैं, बल्कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के भी विपरीत हैं। शिक्षक संगठनों का आरोप है कि 2 मार्च 2026 को DPI और 26 मार्च 2026 को जनजातीय कार्य विभाग द्वारा जारी आदेशों ने शिक्षकों में असमंजस और तनाव की स्थिति पैदा कर दी है। लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों के सामने अब अपनी नौकरी को लेकर चिंता बढ़ गई है। मोर्चे ने सेवा अवधि की गणना का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया है। उनका कहना है कि शिक्षकों की सेवा की गणना उनकी पहली नियुक्ति तिथि से की जानी चाहिए। इससे उन्हें पेंशन, ग्रेच्युटी और अन्य सेवा लाभ मिल सकेंगे, साथ ही पदोन्नति और क्रमोन्नति में भी उनका हक तय होगा। संगठन ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द ही इन आदेशों को वापस नहीं लिया और राहत नहीं दी, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। फिलहाल सरकार की ओर से कोई ठोस प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन जिस तरह से यह मुद्दा उठ रहा है, उससे साफ है कि आने वाले दिनों में यह बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक विषय बन सकता है।




छात्राओं की सुरक्षा पर सवाल, भोपाल में ABVP का हंगामा

भोपाल। राजधानी भोपाल में छात्राओं की सुरक्षा को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं ने पॉलिटेक्निक चौराहे के पास जमकर प्रदर्शन किया। कॉलेज और छात्रावास के नजदीक संचालित हो रही शराब दुकान के विरोध में कार्यकर्ताओं ने सड़क पर बैठकर चक्काजाम कर दिया, जिससे काफी देर तक यातायात प्रभावित रहा। प्रदर्शन के दौरान माहौल उस वक्त तनावपूर्ण हो गया जब कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। इस बीच कुछ प्रदर्शनकारियों ने आक्रोश में आकर शराब दुकान पर पत्थरबाजी की और दुकान के बोर्ड को उखाड़कर फेंक दिया। प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं का कहना है कि पॉलिटेक्निक कॉलेज और छात्रावास के पास शराब दुकान संचालित होने से छात्राओं की सुरक्षा पर खतरा बना हुआ है। उनका आरोप है कि इस संबंध में कई बार प्रशासन को शिकायत दी गई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी के विरोध में उन्हें सड़क पर उतरना पड़ा। प्रदर्शन के बाद कार्यकर्ताओं ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर शराब दुकान हटाने की मांग रखी। प्रशासन की ओर से उन्हें 15 दिन के भीतर कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि तय समय में कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। फिलहाल पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है और इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। कुल मिलाकर, छात्राओं की सुरक्षा से जुड़ा यह मुद्दा अब तूल पकड़ता नजर आ रहा है, जिस पर आने वाले दिनों में प्रशासन की कार्रवाई अहम होगी।






Tuesday, April 7, 2026

नरोत्तम - हेमंत की मुलाकात के सियासी मायने


भोपाल। मध्यप्रदेश की सियासत में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। दतिया से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को 27 साल पुराने मामले में सजा मिलने के बाद अब इस सीट पर उपचुनाव की सुगबुगाहट खुलकर सामने आ गई है। विधानसभा सचिवालय द्वारा सीट को शून्य घोषित किए जाने के बाद यह लगभग तय माना जा रहा है कि दतिया में जल्द ही उपचुनाव होगा।

लेकिन असली कहानी सिर्फ उपचुनाव की नहीं, बल्कि बीजेपी के अगले बड़े दांव की है। सियासी संकेत साफ हैं- दतिया सीट के लिए बीजेपी के पास सबसे मजबूत और भरोसेमंद चेहरा एक ही है, और वो हैं पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा।

कोर्ट के फैसले के बाद से ही नरोत्तम मिश्रा का बंगला एक बार फिर सियासत का पावर सेंटर बनता नजर आ रहा है। मंगलवार सुबह से ही नेताओं का वहां पहुंचना शुरू हुआ। भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष जयपाल सिंह चावड़ा और विधायक शैलेन्द्र जैन की मुलाकात के बाद जब बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल खुद उनके निवास पहुंचे और बंद कमरे में चर्चा हुई, तो सियासी हलचल और तेज हो गई। इसके तुरंत बाद पूर्व मंत्री रामपाल सिंह का पहुंचना इस बात का संकेत देता है कि अंदरखाने कुछ बड़ा पक रहा है।

हालांकि तस्वीर इतनी सीधी भी नहीं है। नरोत्तम मिश्रा को लेकर पार्टी के भीतर दो रास्तों की चर्चा है- एक, दतिया उपचुनाव में उन्हें मैदान में उतारकर सीट पक्की करना, और दूसरा, उन्हें राज्यसभा भेजकर केंद्रीय स्तर पर बड़ी भूमिका देना। विधानसभा चुनाव हारने के बाद से पार्टी उनके लिए उपयुक्त मंच तलाश रही है और अब यह मौका उस तलाश का जवाब बन सकता है।

दिलचस्प यह भी है कि जो चेहरे चुनाव हारने के बाद दूरी बना चुके थे, वे अब फिर से सक्रिय होकर नरोत्तम मिश्रा के करीब नजर आने लगे हैं। यानी सियासत में रिश्तों की वापसी भी इस पूरे खेल का हिस्सा बन चुकी है।

कुल मिलाकर, दतिया सीट सिर्फ एक उपचुनाव नहीं, बल्कि बीजेपी के लिए रणनीतिक फैसले की परीक्षा बन गई है। सवाल सिर्फ इतना नहीं कि उम्मीदवार कौन होगा, बल्कि यह भी है कि पार्टी नरोत्तम मिश्रा पर कौन सा बड़ा दांव खेलने जा रही है।

अब नजर इस बात पर है कि बीजेपी उन्हें मैदान में उतारकर दतिया की सीट साधती है या फिर बड़ा खेल खेलते हुए उन्हें नई राजनीतिक पारी के लिए दिल्ली भेजती है। लेकिन इतना तय है, नरोत्तम मिश्रा की वापसी अब सिर्फ चर्चा नहीं, बल्कि तय मानी जा रही है और वो भी दमदार अंदाज में।