Tuesday, March 3, 2026

एमपी बीजेपी के नए संगठन महामंत्री की नियुक्ति का फार्मूला तय

एमपी बीजेपी में संगठन महामंत्री पद को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। हितानंद शर्मा की रवानगी के बाद अब सबकी नजर 13-14 मार्च को होने वाली राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की केंद्रीय टोली की बैठक पर टिकी है।खबर है कि संघ सीधे अपने प्रचारक को भेजने के बजाय किसी अनुषांगिक संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी को भाजपा में संगठन महामंत्री बनाकर नई रणनीति का संकेत दे सकता है। अगर ऐसा होता है तो यह संघ-भाजपा तालमेल की परंपरागत व्यवस्था में अहम बदलाव माना जायेगा | पूरे देश में भारतीय जनता पार्टी और संघ लगातार प्रयोग करते नजर आ रहा है और अब एक नए प्रयोग की बड़ी एमपी बीजेपी संगठन में है, माना जा रहा है की एमपी बीजेपी का नया प्रदेश संगठन महामंत्री संघ के आनुषंगिक संगठन से हो सकता है| ये चर्चाएं जोरो पर एमपी में बीजेपी संगठन महामंत्री की नियुक्ति को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है संघ 13-14 मार्च को केंद्रीय बैठक में नए संगठन महामंत्री पर चर्चा करेगा। इस बार संघ अनुषांगिक संगठन से किसी वरिष्ठ पदाधिकारी को चुन सकता है। संगठन महामंत्री भाजपा और संघ के बीच समन्वय बनाए रखता है। संघ इस वर्ष अपने 100 वर्ष पूरे करने जा रहा है। इसी के तहत संगठनात्मक ढांचे को और चुस्त-दुरुस्त करने पर मंथन चल रहा है।एमपी बीजेपी में हमने देखा है कि इस साल कई बदलाव हुए हैं,, प्रांत प्रचारक के पद को खत्म कर संभागीय प्रचारक नियुक्त किए गए हैं ये हुए बड़े बदलाव प्रांत प्रचारक की जगह संभाग प्रचारक की नई व्यवस्था पर विचार जिम्मेदारियों का विकेंद्रीकरण छोटे-छोटे क्षेत्र में बेहतर संपर्क और निगरानी 50-58 वर्ष आयु वर्ग के अनुभवी पदाधिकारियों को नई जिम्मेदारी संघ से वैचारिक रूप से जुड़े लगभग 40 से अधिक प्रमुख संगठन सक्रिय हैं, जिन्हें सामूहिक रूप से संघ परिवार या विचार परिवार कहा जाता है। माना जा रहा है कि अगला संगठन महामंत्री इन्हीं परिवारों में से किसी एक का सदस्य होगा संघ के प्रमुख अनुषांगिक संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद भारतीय मजदूर संघ भारतीय किसान संघ विश्व हिंदू परिषद सेवा भारती राष्ट्र सेविका समिति बीजेपी में बतौर राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की नियुक्ति के बाद ही हर स्तर पर नए प्रयोग की परंपरा शुरू हो गई है आने वाले दिनों में मध्य प्रदेश में इसका असर दिखना शुरू होने वाला है

प्रहलाद पटेल और विजयवर्गीय को लेकर सबसे बड़ा पोलिटिकल अपडेट

मध्य प्रदेश के दो बड़े नेताओं को लेकर बड़ा पोलिटिकल अपडेट आ रहा है,, खबर है कि दोनों नेताओं को अब सत्ता से संगठन में भेजने की तैयारी है,,प्रहलाद और कैलाश दोनों को केंद्रीय टीम में शामिल किया जा सकता है,, आपको बता दें कि दोनों ही नेताओं का मन मध्यप्रदेश में नहीं लग रहा था,, खासकर अपने से जूनियर कप्तान की कप्तानी में दोनों नेता खुलकर खेल नहीं पा रहे थे,,ऐसे में माना जा रहा है कि दोनों ने स्वयं ही मोहन कैबिनेट से अलग होने का फैसला ले लिया है,, दोनों नेताओं को जल्द ही चुनावी राज्यों की जिम्मेदारी दी जा सकती है. खबर ये भी है मार्च में ही मोहन कैबिनेट में बड़े बदलाव दिख सकते है,, इतना ही नहीं पार्टी पहली बार प्रदेश अध्यक्ष को मंत्रिमंडल में भी शामिल कर सकती है...इसके अलावा सीएम मोहन यादव भी अपने विभागों में कुछ बदलाव कर सकते हैं,, अब मंत्रिमंडल बदलाव के बाद ही निगम मंडल में नियुक्तियो की संभावना है यानी बीजेपी के सेकेंड कैडर का इंतजार और बढ़ गया है...

Monday, March 2, 2026

एमपी के किसान होंगे इस स्कीम से मालामाल

भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने राज्य में विकास कार्यों को गति देने के लिए बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने कुल 16 अहम योजनाओं पर लगभग 28 हजार करोड़ रुपये खर्च करने की स्वीकृति दी है। इन योजनाओं में सिंचाई, ग्रामीण विकास और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई प्रोजेक्ट शामिल हैं। इनमें से सबसे महत्वपूर्ण वरला-पानसेमल सिंचाई परियोजना को हरी झंडी मिल गई है। इस परियोजना के शुरू होने से क्षेत्र के किसानों को सिंचाई सुविधा का लाभ मिलेगा और कृषि उत्पादन में वृद्धि की उम्मीद है। सरकार का दावा है कि इससे हजारों किसानों को सीधा फायदा होगा। किसानों को मिलेगा बड़ा लाभ सरकारी सूत्रों के अनुसार नई योजनाओं का उद्देश्य खेती को मजबूत बनाना, जल प्रबंधन सुधारना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करना है। सिंचाई परियोजनाओं के विस्तार से खेती योग्य जमीन को पर्याप्त पानी मिल सकेगा, जिससे उत्पादन लागत घटेगी और आय बढ़ेगी। ये लाभ मिलेंगे *नागलवाड़ी किसान कैबिनेट में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय -* * किसान कल्याण से संबंधित 6 महत्वपूर्ण विभागों की 16 योजनाओं में अलग-अलग निर्णय लिए। * कुल योग 27 हज़ार 746 करोड़ की राशि किसान कल्याण के लिए हम खर्च करने वाले हैं। * कृषि -1, उद्यानिकी - 3, पशुपालन-4, मछुआ कल्याण-2, सहकारिता-4, नर्मदा घाटी विकास विभाग -2 प्रस्ताव इसमें शामिल हैं। * नर्मदा घाटी विभाग के अंतर्गत बरला उद्वहन माइक्रो सिंचाई परियोजना स्वीकृत की गई जिसमें इस तहसील के 33 गांव की 15500 हेक्टेयर में सिंचाई होगी। जिसकी लागत लगभग ₹861 करोड़ के आसपास की है। * कृषि एवं किसान कल्याण विभाग में 3 हजार 502.48 करोड़ की राशि खर्च होगी। * उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण की तीन योजनाए जिसमें 4 हजार 263.94 करोड रुपए की राशि खर्च होगी। * पशुपालन एवं डेयरी विकास विभाग की 4 योजनाओं में 9 हजार 508 करोड़ की खर्च होगी। * मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विभाग की 2 योजनाओं में 218.50 करोड़ की राशि खर्च होगी। * सहकारिता विभाग की 4 योजनाओं में 8 हजार 186 करोड़ की राशि का व्यय हमारे वित्त विभाग पर आएगा। * नर्मदा घाटी विकास विभाग के माध्यम से 2067.97 करोड़ की राशि खर्च होगी। * किसानों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता है। अपने किसान भाइयों को समृद्ध बनाकर राज्य को हम प्रगति के पथ पर ले जाएंगे। * बड़वानी को हम पर्यटन का केंद्र बनाने वाले हैं। भविष्य में ऐसे और कई अन्य कामों की भी मंजूरी दी जाएगी। * बड़वानी में खेतिया कृषि उपज मंडी को आदर्श उपज मंडी बनाया जाएगा। इसमें लगभग 10 करोड रुपए की लागत आएगी। * मध्य प्रदेश देश का एक ऐसा राज्य है जो प्राकृतिक खेती के लिए पूरे देश में जाना जाता है। * बड़वानी जिले के 25 किसानों को प्राकृतिक खेती का मास्टर ट्रेनर बना रहे हैं। * प्राकृतिक खेती को बढ़ावा मिले इसके लिए हम 25 किसानों को मास्टर ट्रेनर बनाने के लिए प्रदेश के बाहर प्रशिक्षण के लिए भेजा जाएगा। भगोरिया हाट में मुख्यमंत्री का अलग अंदाज मुख्यमंत्री मोहन यादव हाल ही में आदिवासी अंचल में आयोजित पारंपरिक भगोरिया हाट में पहुंचे। इस दौरान उन्होंने स्थानीय परंपराओं और संस्कृति को करीब से देखा। कार्यक्रम के दौरान ताड़ी को लेकर चर्चा हुई तो मुख्यमंत्री ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा, “मैं तो अनाड़ी हूं”। उनके इस बयान पर मौजूद लोगों के बीच मुस्कान और उत्साह देखने को मिला। विकास और संस्कृति दोनों पर फोकस सरकार जहां एक ओर बड़े बजट से विकास योजनाओं को अमलीजामा पहनाने की तैयारी में है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय परंपराओं और जनजातीय संस्कृति से जुड़ाव भी दिखा रही है। राज्य सरकार का कहना है कि आने वाले समय में इन परियोजनाओं से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे और आधारभूत संरचना मजबूत होगी।

एमपी में सरकारी कर्मचारियों का महंगाई भत्ता बढ़ा,,सीएम ने की घोषणा

भोपाल मध्य प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी आई है,होली पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राज्य के शासकीय कर्मचारियों को बड़ा तोहफा दिया है सीएम ने महंगाई भत्ते में तीन प्रतिशत की वृद्धि की घोषणा की है ,तीन प्रतिशत की वृद्धि के बाद 58 फीसदी महंगाई भत्ता मिलेगा, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को उल्लास एवं रंगों के त्यौहार होली की बधाई और मंगलकामनाएं देते हुए कहा कि प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों को होली के तोहफे के रूप में डीए में वृद्धि की सौगात दी जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (डीए) में 3 प्रतिशत की वृद्धि करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों और पेंशनर्स का महंगाई भत्ता 55 प्रतिशत से बढ़कर अब 58 प्रतिशत हो जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य के कर्मचारियों को भारत सरकार के समान माह अप्रैल 2026 पेड इन मई 2026 के वेतन पर 58 प्रतिशत महंगाई भत्ते का लाभ दिया जाएगा। इसमें जुलाई 2025 से मार्च 2026 तक के एरियर की राशि मई 2026 से प्रारंभ कर 6 समान किश्तों में भुगतान करने का निर्णय सरकार द्वारा लिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य के सभी पेंशनधारियों को भी जनवरी 2026 पेड इन फरवरी 2026 से 58 प्रतिशत महंगाई राहत का लाभ दिया जाएगा।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन में हमारी सरकार किसानों सहित सभी वर्गों के कल्याण के लिए काम कर रही है। किसान कल्याण वर्ष में सोमवार को ही पहली कृषि कैबिनेट बड़वानी जिले में हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि होली परस्पर आत्मीय प्रेम भाव बढ़ाने का त्यौहार है। हम सभी हर्ष और आनंद के साथ होली मनाएं और राज्य की बेहतरी के लिए मिल-जुलकर कार्य करें।

Sunday, March 1, 2026

भोजशाला के बाद भोजपुर मंदिर में विवाद, जानिए वजह...

भोपाल राजधानी से सटे ऐतिहासिक भोजपुर मंदिर में एक नवविवाहित युवक को वरमाला की रस्म निभाने से रोके जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। वीडियो में युवक खुद को भूपेंद्र शर्मा बताते हुए आरोप लगा रहा है कि शादी के बाद वह केवल दो मिनट के लिए मंदिर परिसर में वरमाला की रस्म और दर्शन करने पहुंचा था, लेकिन सुरक्षा कर्मियों ने उसे अनुमति लेने की बात कहकर रोक दिया। युवक का कहना है कि वह किसी बड़े आयोजन के लिए नहीं, बल्कि प्रतीकात्मक रूप से वरमाला की रस्म पूरी करने और भगवान के दर्शन के लिए आया था। उसका आरोप है कि बिना पूर्व सूचना के ही उसे प्रवेश से रोक दिया गया, जिससे वह और उसके परिजन आहत हुए। वहीं मंदिर के पुजारी अनूप गिरी ने स्पष्ट किया कि भोजपुर मंदिर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण यानी भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के अधीन संरक्षित स्मारक है। ऐसे में किसी भी प्रकार की रस्म या आयोजन के लिए संबंधित विभाग से पूर्व अनुमति आवश्यक होती है। उन्होंने कहा कि मंदिर ट्रस्ट की ओर से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन नियमों का पालन अनिवार्य है। पुरातत्व विभाग के अधिकारियों का भी यही कहना है कि संरक्षित स्मारक होने के कारण बिना अनुमति किसी भी तरह की धार्मिक या अन्य रस्म की इजाजत नहीं दी जा सकती।

एमपी में सरकारी कर्मचारियों के लिए आई बड़ी खुशखबरी

भोपाल। मध्यप्रदेश शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने 4 मार्च 2026 (बुधवार) को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। इस संबंध में मंत्रालय, वल्लभ भवन से संशोधित अधिसूचना जारी की गई है। आदेश के अनुसार, यह अवकाश नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट, 1881 के तहत लागू होगा। जारी अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि वर्ष 2026 के लिए घोषित अवकाशों की सूची में संशोधन करते हुए 4 मार्च को भी सार्वजनिक एवं सामान्य अवकाश के रूप में मान्यता दी गई है। यह निर्णय होली के पावन अवसर को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, राज्य शासन के सभी शासकीय कार्यालयों, संस्थानों और संबंधित विभागों में उक्त तिथि को अवकाश प्रभावी रहेगा। आदेश की प्रति सभी विभागों, आयोगों, जिला कलेक्टरों एवं संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित कर दी गई है।