Sunday, February 8, 2026

भारत–अमेरिका ट्रेड डील पर BJP–Congress आमने-सामने, किसानों को लेकर सियासी घमासान

 

भोपाल। भारत–अमेरिका ट्रेड डील को लेकर मध्यप्रदेश में सियासत लगातार गरमाती जा रही है। इस अंतरराष्ट्रीय समझौते को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए हैं। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बीच तीखी जुबानी जंग छिड़ गई है, जिसमें दोनों नेता किसानों के हितों को लेकर एक-दूसरे पर सवाल उठा रहे हैं। जहां कांग्रेस इस डील को किसान विरोधी बता रही है, वहीं बीजेपी इसे राष्ट्रहित और कृषि क्षेत्र के लिए फायदेमंद कदम बता रही है। इस मुद्दे पर प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और बयानबाजी का दौर लगातार जारी है।

ये डील किसान विरोधी- पटवारी

जीतू पटवारी ने इस समझौते को किसान विरोधी बताते हुए कहा कि अमेरिका में किसानों को भारी सब्सिडी मिलती है, जबकि भारतीय किसानों को कम सहायता मिलती है। ऐसे में यह डील भारतीय किसानों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है। उन्होंने सरकार से टैरिफ सूची, नॉन-टैरिफ शर्तें और प्रभाव रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की। पटवारी ने आशंका जताई कि सोयाबीन तेल और पोल्ट्री फीड के जरिए आयात बढ़ने से मध्य प्रदेश के किसानों की आमदनी प्रभावित होगी। उन्होंने MSP की सुरक्षा की लिखित गारंटी भी मांगी और विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी।

कृषि मंत्री ने बताया राष्ट्रहित और संतुलित सौदा

वहीं केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह समझौता राष्ट्रहित में संतुलित तरीके से किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सोयाबीन, मक्का, गेहूं, चावल, डेयरी और दालों जैसे संवेदनशील उत्पादों को डील से बाहर रखा गया है। शिवराज ने कहा कि अमेरिका से अनाज और डेयरी उत्पाद भारत में नहीं आएंगे, जबकि भारतीय चाय, कॉफी, फल और मसालों को अमेरिकी बाजार में शून्य शुल्क पर निर्यात की सुविधा मिलेगी। उन्होंने बताया कि इस समझौते से MSME, टेक्सटाइल, जेम्स एंड ज्वेलरी और ऑटो सेक्टर को नए अवसर मिलेंगे। कृषि मंत्री ने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की दूरदर्शी नीति से उनके आरोप टिक नहीं पाए। 

सियासी बहस के बीच किसानों की चिंता

फिलहाल भारत–अमेरिका ट्रेड डील को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच सियासी टकराव लगातार तेज होता जा रहा है। एक तरफ सरकार इसे किसानों और देश के विकास के लिए जरूरी कदम बता रही है, तो वहीं विपक्ष इसे अन्नदाता के हितों के खिलाफ समझौता करार दे रहा है। दोनों पक्ष अपने-अपने दावे और तर्क रख रहे हैं, लेकिन अब तक सरकार की ओर से सभी सवालों के स्पष्ट जवाब सामने नहीं आए हैं। ऐसे में आने वाला वक्त ही तय करेगा कि यह डील वास्तव में किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें वैश्विक बाजार से जोड़ने में मददगार साबित होगी या फिर इसका बोझ देश के अन्नदाता को उठाना पड़ेगा। फिलहाल किसान, विशेषज्ञ और राजनीतिक दल सभी इस समझौते के असर पर नजर बनाए हुए हैं।

अलकेश आर्य बने नर्मदा पुरम भारतीय जनता पार्टी के जिला प्रभारी

भारतीय जनता पार्टी ने बैतूल के पूर्व विधायक अलकेश आर्य पर फिर भरोसा जताया है,,अलकेश बीजेपी संगठन में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके है,, आर्य बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के करीबी माने जाते है,, अलकेश की नियुक्ति पर नर्मदापुरम के शीर्ष नेताओं ने खुशी जताई है,, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष सीतासरन शर्मा ने कहा है कि अलकेश आर्य जैसे अनुभवी नेता का लाभ नर्मदापुरम के कार्यकर्ताओं को भरपूर मिलेगा

किसी के आगे पीछे घूमने की जरूरत नहीं:हेमंत खंडेलवाल

एमपी बीजेपीं के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल का बड़ा बयान आया है ,,उन्होंने बीजेपी कार्यकर्ताओं को सीधा संदेश दिया है उन्होंने कहा है कि किसी को किसी के आगे पीछे घूमने की जरूरत नहीं है,,उन्होंने पूरे प्रदेश के कार्यकर्ताओं को कहा है कि भोपाल के चक्कर लगाने की भी आवश्यकता नहीं है,, सभी की अपनी अहमियत है और उसके अनुसार सभीं को जिम्मेदारियां दी जाएंगी

भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व की सख्ती और मोहन - शिवराज की बढ़ती नजदीकियों के मायने !

मध्य प्रदेश भारतीय जनता पार्टी में इन दिनों सब कुछ बदला बदला सा नजर आ रहा है ,, भारतीय जनता पार्टी के दिग्गज अचानक बेहद सक्रिय हो गए है,, सत्ता और संगठन पहले जिस तरह सिर्फ एक चेहरे के आसपास घूम रहा था अब वो तस्वीर बदली है,, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की सक्रियता के साथ केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान भी एमपी में बेहद सक्रिय नजर आ रहे है,, अजय जामवाल भी लगातार बैठके ले रहे है,, धड़ाधड़ निर्णय लिए जा रहे हैं,, इसी बीच वर्तमान सीएम डॉ मोहन यादव और पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान के बीच बैठकों का दौर जारी है,,माना जा रहा है थर्ड एजेंसियों की फीड बैक रिपोर्ट के बाद एमपी को लेकर केंद्रीय नेतृत्व सख्त हुआ है,,,एक बेहद विश्वसनीय संस्थान की रिपोर्ट के अनुसार एमपी में वर्तमान में चुनाव होते है तो बीजेपी की सीटें कम हो सकती है और उसी के बाद ये तस्वीर बदली बदली नजर आने लगी है..

Saturday, February 7, 2026

एमपी में बीजेपी ने की जिला प्रभारीयो की घोषणा,, प्रभारी बनाए गए नेता नहीं रहेंगे निगम मंडल के दावेदार

भोपाल
BJP संगठन में लगातार सक्रिय गतिविधियां बनी हुई है,, एमपी बीजेपी केप्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने संगठन में जिले प्रभारियों की सूची को हरी झंडी दी है,,62 संगठनात्मक जिलों के जिला प्रभारी घोषित किए गए हैं भोपाल जिले के जसवंत सिंह हाड़ा प्रभारी बनाए गए है राजेश सोलंकी को इंदौर जिले की जिम्मेदारी दी गई है, पूर्व सांसद आलोक संजर को भी प्रभारी बनाया गया है गोपी कृष्ण नेमा ग्वालियर जिले का प्रभारी बनाया गया है| माना जा रहा है इनमें से कई नाम निगम मंडलों में दावेदार थे,, कुछ विधायकों को भी प्रभारी बनाया गया है,, सभी बड़े नेताओं के समर्थक सूची में एडजस्ट किए गए हैं |

अचानक मुख्यमंत्री मोहन यादव क्यों पहुंचे दिल्ली !

मध्य प्रदेश में लगातार सियासी उठा पटक जारी है, मंत्री विजय शाह के मामले में सरकार के सामने धर्म संकट की स्थिति खड़ी हो गई है,, ऐसे में मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव शनिवार को अचानक दिल्ली रवाना हुए हैं, वहीं दूसरी तरफ विजय शाह मामले में 9 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है,, इन परिस्थितियों में मुख्यमंत्री शीर्ष नेतृत्व से चर्चा कर सकते हैं... दूसरी तरफ निगम मंडलों में नियुक्तियों को लेकर भी लगातार चर्चाओं का दौर जारी है,, माना जा रहा है कि मंत्रिमंडल विस्तार और निगम मंडल दोनों को मिलाकर एक बैलेंस फार्मूला बनाया जा रहा है इसी बीच मंत्री विजय शाह ने एक बार फिर माफी मांग ली है,, मामले में सरकार पूरी तरह आश्वस्त नहीं है कि माफी से काम चल जायेगा और शायद यही कारण है कि मुखिया की दिल्ली तक दौड़ जारी है, क्योंकि विजय शाह जितने उलझते जायेंगे कैलाश विजयवर्गीय उतने सुरक्षित होते जायेंगे,, यही कारण है की टकराव की इस सियासत में बीजेपी के कर्ताधर्ता एक अलग ही उलझन में उलझ गए है,,