Showing posts with label #Bhopal. Show all posts
Showing posts with label #Bhopal. Show all posts

Friday, March 6, 2026

आखिर ऐसा क्या हुआ कि भोपाल में पालकों ने DEO ऑफिस का घेराव कर दिया?

राजधानी भोपाल में निजी स्कूलों की फीस और अन्य शुल्कों की मनमानी को लेकर अभिभावकों का गुस्सा फूट पड़ा। मप्र पालक संघ के बैनर तले बड़ी संख्या में पालकों ने जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया और जमकर नारेबाजी की। पालकों का आरोप है कि निजी स्कूल फीस, बस चार्ज और किताबों के नाम पर मनमानी वसूली कर रहे हैं, जबकि प्रशासन कार्रवाई करने से बच रहा है। प्रदर्शनकारियों ने ‘शिक्षा माफिया’ के खिलाफ सख्त कदम उठाने और फीस अधिनियम को सख्ती से लागू करने की मांग की। वहीं जिला शिक्षा अधिकारी एन.के. अहिरवार ने कहा कि रेट में बदलाव के कारण पहले जारी की गई सूची वापस ली गई थी। अब हर जिले को इस मामले में जिम्मेदारी दी गई है और पालकों की शिकायतों का समाधान किया जाएगा। पालक संघ ने चेतावनी दी है कि अगर निजी स्कूलों की मनमानी पर जल्द रोक नहीं लगी तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

Tuesday, February 24, 2026

भोपाल से गरजी कांग्रेस: भारत-अमेरिका ट्रेड डील के खिलाफ किसान महापंचायत में हुंकार

भोपाल। भोपाल के जवाहर चौक पर 24 फरवरी को आयोजित किसान महापंचायत में कांग्रेस ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोला। कार्यक्रम में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने हजारों किसानों को संबोधित किया। पार्टी ने इसे किसानों के हितों की रक्षा के लिए देशव्यापी अभियान की शुरुआत बताया।

सभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि लोकसभा में उन्हें अपनी बात रखने से रोका गया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा अमेरिका के साथ किया गया ट्रेड समझौता भारतीय किसानों के हितों के खिलाफ है और इससे कृषि क्षेत्र पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। राहुल ने सरकार की नीतियों को किसान विरोधी बताते हुए इसे बड़े आर्थिक जोखिम से जोड़ा।

वहीं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी केंद्र की नीतियों की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि यह समझौता किसानों के साथ अन्याय है और इससे देश के कृषि बाजार पर विदेशी प्रभाव बढ़ेगा।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भोपाल को इस महापंचायत के लिए चुनना कांग्रेस की रणनीतिक तैयारी का हिस्सा है। मध्यप्रदेश समेत हिंदी पट्टी के राज्यों में किसान वर्ग को साधने और ग्रामीण मतदाताओं को एकजुट करने के उद्देश्य से पार्टी इस मुद्दे को व्यापक आंदोलन का रूप देने की कोशिश में है। कांग्रेस का दावा है कि यदि यह डील लागू होती है तो अमेरिकी कृषि उत्पादों के लिए भारतीय बाजार खुल सकता है, जिससे स्थानीय किसानों की प्रतिस्पर्धा और आय पर असर पड़ सकता है।

Thursday, February 19, 2026

सीएम मोहन यादव ने सदन में क्यों मांगी माफी ,,बार बार क्यों झुंझला रहे कैलाश !

मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र का चौथा दिन बहस से ज़्यादा बयानबाज़ी के नाम रहा। राज्यपाल के अभिभाषण पर गंभीर चर्चा होनी थी, लेकिन सदन का तापमान इतना बढ़ा कि मुद्दे पीछे और शब्द आगे निकल गए।

चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार सिंगरौली में आदिवासियों की ज़मीन उद्योगपति गौतम अडानी को देने के मुद्दे पर सरकार को घेर रहे थे। जैसे ही “अडानी” नाम बार-बार गूंजा, सत्ता पक्ष ने कड़ा विरोध दर्ज कराया। अध्यक्ष ने भी सदन में मौजूद नहीं किसी व्यक्ति का नाम लेने पर आपत्ति जता दी।

इसी बीच संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने नेता प्रतिपक्ष को नसीहत दे डाली। बस फिर क्या था—सियासी पारा उबल पड़ा। विपक्ष ने इसे असंसदीय शब्द बताते हुए कड़ा विरोध किया और मंत्री से माफी की मांग पर अड़ गया। जवाब में नेता प्रतिपक्ष ने भी तीखे शब्दों में पलटवार किया।

सदन का माहौल ऐसा बना कि राज्यपाल के अभिभाषण की चर्चा शोर में दब गई। आधे घंटे में तीन बार कार्यवाही स्थगित हुई और पूरे दिन में कुल सात बार सदन की कार्यवाही रोकनी पड़ी। विपक्ष ने आरोप लगाया कि यह आदिवासी समाज का अपमान है, जबकि सत्ता पक्ष इसे बयान की गलत व्याख्या बता रहा है।

सियासी गलियारों में चर्चा है कि अभिभाषण पर बहस कम और विवादित शब्द पर बहस ज़्यादा होती रही। जनता उम्मीद कर रही थी कि विकास, बजट और नीतियों पर सार्थक चर्चा होगी, लेकिन चौथे दिन की कार्यवाही शब्दों की तल्खी और आरोप-प्रत्यारोप के नाम रही।

अब देखना यह है कि अगली बैठक में चर्चा पटरी पर लौटती है या फिर सदन में सियासी तापमान यूं ही उबलता रहेगा।

हालांकि मामले का पटापेक्ष तब हो गया जब सीएम मोहन यादव ने ही बड़ा दिल दिखाते हुए माफी मांगी,, जिसके बाद सदन की कार्यवाही आगे बढ़ी |

Saturday, February 7, 2026

जनता का भरोसा मजबूत करने की कवायद, भोपाल में जजों का राष्ट्रीय सम्मेलन


भोपाल। नेशनल ज्यूडिशियल एकेडमी में आज से दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन की शुरुआत हो रही है। यह सम्मेलन देशभर के हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के लिए आयोजित किया जा रहा है, जिसमें न्यायपालिका से जुड़े अहम मुद्दों पर मंथन किया जाएगा।

CJI सूर्यकांत भी होंगे शामिल

सम्मेलन में सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत भी शामिल होंगे। सीजेआई बनने के बाद यह उनका मध्यप्रदेश का पहला दौरा है, जिसे न्यायिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

25 से अधिक हाईकोर्ट जज करेंगे शिरकत

इस राष्ट्रीय सम्मेलन में देश के विभिन्न राज्यों से 25 से ज्यादा हाईकोर्ट के जज हिस्सा लेंगे। लंबे समय बाद यह पहला मौका है जब इतनी बड़ी संख्या में हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस और वरिष्ठ जज एक साथ भोपाल में जुट रहे हैं।

सम्मेलन की थीम: ‘एकीकृत, कुशल और जन-केंद्रित न्यायपालिका’

सम्मेलन की थीम ‘एकीकृत, कुशल और जन-केंद्रित न्यायपालिका’ रखी गई है। इसका उद्देश्य न्याय व्यवस्था को आम लोगों के लिए ज्यादा सुलभ, प्रभावी और भरोसेमंद बनाना है।

CJI करेंगे जजों को संबोधित

इसी विषय पर चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत देशभर से आए जजों को संबोधित करेंगे। सम्मेलन में हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के साथ न्याय प्रणाली को मजबूत करने और उसे जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप बनाने पर विचार किया जाएगा।

सुरक्षा और व्यवस्था

सीजेआई सूर्यकांत के भोपाल प्रवास के दौरान उनकी अगवानी से लेकर नेशनल ज्यूडिशियल एकेडमी तक पहुंचने की पूरी जिम्मेदारी प्रदेश के वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपी गई है। भोपाल प्रवास के दौरान उनसे वरिष्ठ अधिवक्ताओं की मुलाकात भी हो सकती है।