Thursday, March 26, 2026
फिर खुलेंगी व्यापम की फाइलें? सुप्रीम कोर्ट सख्त
Friday, March 6, 2026
एमपी में किसानों की बल्ले बल्ले, गेहूं खरीदी पर डबल लाभ...
Sunday, March 1, 2026
भोजशाला के बाद भोजपुर मंदिर में विवाद, जानिए वजह...
Sunday, February 22, 2026
Good News नन्हे कदमों की आहट से कूनो में गूंजी दहाड़
श्योपुर। मध्यप्रदेश के कूनो नेशनल पार्क से एक बार फिर बड़ी खुशखबरी सामने आई है। दक्षिण अफ्रीका से लाई गई मादा चीता गामिनी ने तीन शावकों को जन्म दिया है। पार्क प्रबंधन के अनुसार तीनों शावक पूर्ण रूप से स्वस्थ हैं और लगातार निगरानी में रखे गए हैं।
यह उपलब्धि एक बार फिर देश में चीतों के पुनर्वास अभियान को मजबूती देती नजर आ रही है। ताजा जन्म के बाद कूनो में शावकों की संख्या बढ़कर 27 हो गई है। वहीं कूनो में कुल चीतों की संख्या अब 35 हो गई है। गांधीसागर सहित पूरे भारत में चीतों का आंकड़ा बढ़कर 38 तक पहुंच गया है।
वन विभाग के अधिकारियों ने इसे संरक्षण की दिशा में सकारात्मक संकेत बताया है। कूनो में लगातार बढ़ती संख्या से यह स्पष्ट है कि यहां का वातावरण चीतों के अनुकूल साबित हो रहा है।
Saturday, February 14, 2026
इंदौर के एमवाय अस्पताल में हुई जमकर मारपीट, वीडियो हुआ वायरल
इंदौर। इंदौर के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल महाराजा यशवंतराव अस्पताल (एमवाय अस्पताल) में मेडिकल जांच के दौरान दो पक्षों के बीच विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। पुलिस द्वारा एमएलसी प्रक्रिया के लिए लाए गए दोनों पक्षों में पहले कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते लात-घूंसे चलने तक पहुंच गई। घटना का वीडियो सामने आने के बाद अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया।
मारपीट की यह घटना एमएलसी विभाग में हुई, जहां उस समय मरीज और उनके परिजन भी मौजूद थे। अचानक शुरू हुई हाथापाई से वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थिति बिगड़ती देख अस्पताल के सुरक्षाकर्मी और मौके पर तैनात पुलिसकर्मी तुरंत बीच-बचाव के लिए पहुंचे और दोनों पक्षों को अलग कराया।
हालांकि घटना के बाद किसी भी पक्ष ने औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई है, लेकिन पुलिस ने दोनों के बयान दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। संवेदनशील माने जाने वाले सरकारी अस्पताल में इस तरह की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
*देर रात हुए आईएएस अधिकारियों के ट्रांसफर , मनीष सिंह होंगे नए आयुक्त जनसंपर्क
Friday, February 13, 2026
आधी रात को महिलाओं और बच्चों पर छतरपुर में लाठीचार्ज!
छतरपुर। केन-बेतवा लिंक परियोजना को लेकर जिले के बिजावर क्षेत्र में देर रात प्रदर्शन के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई। परियोजना से प्रभावित ग्रामीण बड़ी संख्या में एकत्र होकर मुआवजे और पुनर्वास को लेकर विरोध जता रहे थे। हालात बिगड़ने पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प की स्थिति बनी।
पुलिस ने किया लाठीचार्ज
प्रशासन के अनुसार भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि उनकी मांगों पर सुनवाई नहीं की जा रही, जबकि प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई की गई। घटना के दौरान महिलाओं की मौजूदगी भी बताई जा रही है।
अतिरिक्त बल तैनात, नियंत्रण में हालात
फिलहाल क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। आधिकारिक तौर पर किसी गंभीर घायल होने की पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन का कहना है कि प्रभावित पक्षों से संवाद की प्रक्रिया जारी है ताकि मामले का समाधान निकाला जा सके।
कांग्रेस नेता ने की मुआवजे की मांग
Tuesday, February 10, 2026
बीजेपी जिला प्रभारी होंगे सब पर भारी
मोहन कैबिनेट की बैठक संपन्न , कृषि कैबिनेट होगी बालाघाट में
Thursday, February 5, 2026
विजय शाह विवाद: सुप्रीम कोर्ट ने MP सरकार को लगाई फटकार, 2 हफ्ते में फैसला जरूरी
भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री विजय शाह के एक विवादित बयान को लेकर मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा है। यह टिप्पणी कर्नल सोफिया कुरैशी से जुड़ी थी, जिसे अदालत ने गंभीर प्रकृति का माना। पहले इस पर हाई कोर्ट ने FIR दर्ज करने के आदेश दिए थे, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने मामले की निगरानी अपने हाथ में ली।
SIT जांच और रिपोर्ट
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर इस मामले की जांच के लिए विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया था। SIT ने जांच पूरी कर अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। अब सवाल यह है कि मंत्री विजय शाह के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए सरकार अभियोजन की अनुमति देती है या नहीं।
सरकार की देरी पर कोर्ट नाराज़
जांच पूरी होने के बावजूद राज्य सरकार की ओर से अब तक कोई स्पष्ट फैसला नहीं लिया गया है। इसी देरी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी नाराज़गी जताई है। अदालत ने कहा कि मामले को लटकाना स्वीकार्य नहीं है।
दो हफ्ते की अंतिम मोहलत
सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार को साफ निर्देश देते हुए कहा है कि दो हफ्ते के भीतर यह तय किया जाए कि मंत्री विजय शाह के खिलाफ मुकदमा चलाया जाएगा या नहीं। कोर्ट ने संकेत दिए कि आगे और देरी पर सख्ती बढ़ सकती है।
माफी पर भी सवाल
मंत्री विजय शाह की ओर से पहले दी गई माफी को भी सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल पर्याप्त नहीं माना है। अदालत का मानना है कि सिर्फ माफी से मामला खत्म नहीं किया जा सकता।
सियासी असर तेज
इस पूरे मामले को लेकर प्रदेश की राजनीति में भी हलचल है। विपक्ष सरकार पर हमलावर है, वहीं आने वाले दिनों में यह विवाद राजनीतिक रूप से और गर्माने के संकेत दे रहा है।














