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Friday, March 6, 2026

आखिर ऐसा क्या हुआ कि भोपाल में पालकों ने DEO ऑफिस का घेराव कर दिया?

राजधानी भोपाल में निजी स्कूलों की फीस और अन्य शुल्कों की मनमानी को लेकर अभिभावकों का गुस्सा फूट पड़ा। मप्र पालक संघ के बैनर तले बड़ी संख्या में पालकों ने जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया और जमकर नारेबाजी की। पालकों का आरोप है कि निजी स्कूल फीस, बस चार्ज और किताबों के नाम पर मनमानी वसूली कर रहे हैं, जबकि प्रशासन कार्रवाई करने से बच रहा है। प्रदर्शनकारियों ने ‘शिक्षा माफिया’ के खिलाफ सख्त कदम उठाने और फीस अधिनियम को सख्ती से लागू करने की मांग की। वहीं जिला शिक्षा अधिकारी एन.के. अहिरवार ने कहा कि रेट में बदलाव के कारण पहले जारी की गई सूची वापस ली गई थी। अब हर जिले को इस मामले में जिम्मेदारी दी गई है और पालकों की शिकायतों का समाधान किया जाएगा। पालक संघ ने चेतावनी दी है कि अगर निजी स्कूलों की मनमानी पर जल्द रोक नहीं लगी तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

Sunday, March 1, 2026

भोजशाला के बाद भोजपुर मंदिर में विवाद, जानिए वजह...

भोपाल राजधानी से सटे ऐतिहासिक भोजपुर मंदिर में एक नवविवाहित युवक को वरमाला की रस्म निभाने से रोके जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। वीडियो में युवक खुद को भूपेंद्र शर्मा बताते हुए आरोप लगा रहा है कि शादी के बाद वह केवल दो मिनट के लिए मंदिर परिसर में वरमाला की रस्म और दर्शन करने पहुंचा था, लेकिन सुरक्षा कर्मियों ने उसे अनुमति लेने की बात कहकर रोक दिया। युवक का कहना है कि वह किसी बड़े आयोजन के लिए नहीं, बल्कि प्रतीकात्मक रूप से वरमाला की रस्म पूरी करने और भगवान के दर्शन के लिए आया था। उसका आरोप है कि बिना पूर्व सूचना के ही उसे प्रवेश से रोक दिया गया, जिससे वह और उसके परिजन आहत हुए। वहीं मंदिर के पुजारी अनूप गिरी ने स्पष्ट किया कि भोजपुर मंदिर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण यानी भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के अधीन संरक्षित स्मारक है। ऐसे में किसी भी प्रकार की रस्म या आयोजन के लिए संबंधित विभाग से पूर्व अनुमति आवश्यक होती है। उन्होंने कहा कि मंदिर ट्रस्ट की ओर से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन नियमों का पालन अनिवार्य है। पुरातत्व विभाग के अधिकारियों का भी यही कहना है कि संरक्षित स्मारक होने के कारण बिना अनुमति किसी भी तरह की धार्मिक या अन्य रस्म की इजाजत नहीं दी जा सकती।

Friday, February 27, 2026

विधानसभा में विधायक जी क्यों खड़े हुए सिर के बल

भोपाल मध्यप्रदेश विधानसभा में उस वक्त अजीब नज़ारा देखने को मिला जब कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल विरोध जताने के लिए सदन में ही शीर्षासन करने लगे। अपने ऊपर दर्ज एफआईआर के खिलाफ उन्होंने अनोखे अंदाज़ में प्रदर्शन किया और सरकार पर झूठे मुकदमे दर्ज कराने का आरोप लगाया।

विधायक बाबू जंडेल ने कहा कि उन्होंने केवल एक समारोह में पटाखा चलाया था, लेकिन उनके खिलाफ बंदूक चलाने का केस दर्ज कर दिया गया। उनका दावा है कि यह कार्रवाई राजनीतिक बदले की भावना से की गई है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा, “मैं सरकार से नहीं डरने वाला, सच के लिए लड़ता रहूंगा।”

सदन में विधायक के इस ‘उल्टे प्रदर्शन’ से सियासी पारा चढ़ गया। सत्ता पक्ष ने इसे नाटक करार दिया, तो वहीं कांग्रेस ने इसे लोकतांत्रिक विरोध बताया। अब यह मुद्दा विधानसभा से निकलकर प्रदेश की राजनीति में गर्म बहस का कारण बन गया है।



Thursday, February 26, 2026

एमपी टाइम्स की मुहिम का असर, अतिथि शिक्षकों के लिए आई खुशखबरी...जताया हमारा आभार


भोपाल।मध्यप्रदेश के लोक शिक्षण संचालनालय ने अतिथि शिक्षकों की लंबी अनुपस्थिति को लेकर पूर्व में जारी किए गए आदेश को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। इस संबंध में 26 फरवरी 2026 को नया आदेश जारी किया गया है।

पूर्व आदेश में प्रावधान किया गया था कि यदि कोई अतिथि शिक्षक बिना सूचना लगातार 7 दिवस तक अनुपस्थित रहता है तो उसकी सेवा समाप्त की जा सकती है। इस प्रावधान को लेकर प्रदेश के विभिन्न जिलों में आपत्तियां और विरोध सामने आए थे। अतिथि शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुनील परिहार ने एमपी टाइम्स का आभार जताया है... और लिखा है #MP टाइम्स समाचार पत्र को हृदय से धन्यवाद। आपने भी अतिथि शिक्षकों के खिलाफ हुए शोषणकारी आदेश को निरस्त करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई । उम्मीद करते हैं इसी तरह से सहयोग करते रहेंगे । सुनील परिहार प्रदेश अध्यक्ष अतिथि शिक्षक समन्वय समिति



ताजा निर्देशों के अनुसार अब अतिथि शिक्षकों की उपस्थिति एवं अनुपस्थिति के संबंध में आगे की कार्रवाई एजुकेशन पोर्टल 3.0 पर आवश्यक तकनीकी व्यवस्था उपलब्ध होने के पश्चात की जाएगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस संबंध में पृथक दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।

आदेश की प्रतिलिपि सभी जिला शिक्षा अधिकारियों, कलेक्टरों तथा संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को प्रेषित कर दी गई है। फिलहाल पूर्व प्रावधान निरस्त होने से अतिथि शिक्षकों को अस्थायी राहत मिली है।



Thursday, February 19, 2026

मुस्लिम विधायक को मिला शंकराचार्य का समर्थन, आतिफ अकील की जबरदस्त अपील

भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा में कांग्रेस विधायक द्वारा गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने संबंधी अशासकीय संकल्प लाए जाने के बाद इस मुद्दे ने सियासी और धार्मिक हलकों में चर्चा तेज कर दी है।

ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य ने इस संकल्प का समर्थन करते हुए कहा कि सभी विधायकों को आगे आकर इसे पारित कराने में सहयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि यह संकल्प पास नहीं होता है तो यह हिंदुओं के लिए कलंक होगा।

शंकराचार्य ने कहा कि आश्चर्य की बात है कि जिनसे अपेक्षा होती है वे कई बार पीछे हट जाते हैं, जबकि जिनसे अपेक्षा नहीं होती वे आगे आकर साथ खड़े हो जाते हैं। उन्होंने विधायक आतिफ अकील के इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि स्वयं को हिंदू कहने वाले विधायकों को यह पहल करनी चाहिए थी।

आतिफ अकील ने अपने संकल्प में गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने के साथ ही मृत्यु के बाद गो माता के सम्मानजनक अंतिम संस्कार की व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी मांग उठाई है।

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने सभी विधायकों से अपील की कि वे इस संकल्प को पारित कर इस कार्य में सहभागी बनें। उन्होंने आतिफ अकील को इस पहल के लिए बधाई भी दी।



Thursday, February 12, 2026

लेबर कोड को लेकर हंगामा: आखिर क्या बदला, किस बात पर नाराज़ हैं ट्रेड यूनियन?

भोपाल। देशभर में आज नए लेबर लॉ (लेबर कोड्स) के विरोध में व्यापक प्रदर्शन और हड़ताल देखने को मिली। केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर आयोजित इस आंदोलन का असर भोपाल सहित कई बड़े शहरों में दिखाई दिया, जहां कर्मचारी संगठनों ने रैली और धरना प्रदर्शन किए। कुछ स्थानों पर बैंकिंग सेवाएं, सरकारी दफ्तर और परिवहन व्यवस्था आंशिक रूप से प्रभावित रहे। मजदूर संगठनों का आरोप है कि नए श्रम कानून कामगारों के अधिकारों को कमजोर करते हैं, जबकि सरकार इन्हें श्रम सुधार की दिशा में बड़ा और जरूरी कदम बता रही है।

क्या है नए लेबर कोड 

केंद्र सरकार ने पुराने 29 श्रम कानूनों को समाहित कर चार नए लेबर कोड तैयार किए हैं, जिनमें वेतन, औद्योगिक संबंध, सामाजिक सुरक्षा और कार्यस्थल सुरक्षा से जुड़े प्रावधान शामिल हैं। सरकार का कहना है कि इससे कानूनों की जटिलता कम होगी और रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा। हालांकि ट्रेड यूनियनों का दावा है कि नए प्रावधानों से कंपनियों को कर्मचारियों की नियुक्ति और छंटनी में अधिक छूट मिल सकती है, जिससे नौकरी की स्थिरता पर असर पड़ेगा और श्रमिक संगठनों के अधिकार सीमित हो सकते हैं।

यूनियन ट्रेड की मांग

प्रदर्शनकारी संगठनों की मुख्य मांगों में नए लेबर कोड को वापस लेने, नौकरी की सुरक्षा सुनिश्चित करने, सभी श्रमिकों के लिए न्यूनतम वेतन लागू करने, हड़ताल और संगठन के अधिकार की रक्षा तथा ठेका प्रथा पर नियंत्रण शामिल है। कुछ संगठनों ने पुरानी पेंशन योजना की बहाली और महंगाई पर नियंत्रण की मांग भी उठाई है। यूनियनों ने संकेत दिया है कि यदि सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक कदम नहीं उठाती, तो आंदोलन को और तेज किया जा सकता है, जिससे श्रम सुधार को लेकर सरकार और संगठनों के बीच टकराव बढ़ने की संभावना बनी हुई है।


Tuesday, February 10, 2026

बीजेपी जिला प्रभारी होंगे सब पर भारी

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल एवं क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल ने मंगलवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में संभाग एवं जिला प्रभारियों की बैठक को संबोधित किया। बैठक में जिलाप्रभारी को कहा गया कि वह महीने में काम से कम तीन बार अपने प्रभार के जिलों का दौरा करें,, अजय जमवाल ने स्पष्ट रूप से प्रभारी को कहा कि अगले चुनाव में आपकी भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी... भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा की हर चुनाव में टिकट वितरण में प्रभारीयो की भूमिका महत्वपूर्ण होगी...

मोहन कैबिनेट की बैठक संपन्न , कृषि कैबिनेट होगी बालाघाट में

मोहन कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक में मंगलवार को बेहद महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए,कैबिनेट बैठक में तय हुआ है कि अगली कृषि कैबिनेट बैठक बालाघाट में आयोजित की जाएगी।यह कैबिनेट बालाघाट क्षेत्र के समग्र विकास में नई भूमिका निभाएगी। एक अन्य महत्व्पूर्ण निर्णय ने तय हुआ कि जहां चिड़ियाघर (जू) बनाए जाते हैं, वहीं एक रेस्क्यू सेंटर भी बनाया जाएगा, ताकि घायल पशुओं का उपचार कर उन्हें स्वस्थ होने तक जू परिसर में रखा जा सके। इसके अलावा इन प्रस्तावों को भी मिली मंजूरी गेहूं पंजीयन की तिथि 7 फरवरी से 7 मार्च निर्धारित की गई है। वर्ष 2026–27 के लिए केंद्र सरकार द्वारा घोषित ₹2585 प्रति क्विंटल एमएसपी, पिछले वर्ष से ₹160 अधिक है। * समर्थन मूल्य पर विक्रय का भुगतान किसानों के आधार-लिंक्ड बैंक खातों में प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। * टीबी उन्मूलन में मध्य प्रदेश देश के शीर्ष पांच राज्यों में शामिल हो गया है। सिकल सेल के लिए व्यापक स्क्रीनिंग और उपचार सुविधाएं विकसित की गई हैं। * गुड़ी पड़वा पर्व को पूरे प्रदेश में उत्साहपूर्वक मनाने का निर्णय लिया गया है। * मध्य प्रदेश की नई पेंशन योजना में तलाकशुदा पुत्री को भी शामिल करने का प्रावधान किया गया है। * उच्च न्यायालय में कंप्यूटर ऑपरेटर सहित संबंधित संवर्गों की आयु सीमा में 5 वर्ष की वृद्धि कर इसे 45 वर्ष किया गया है। * आहार अनुदान योजना, एकीकृत छात्रावास योजना और सीएम राइज स्कूल सहित सभी योजनाओं की निरंतरता को स्वीकृति दी है।

भोपाल में चयनित शिक्षकों का बवाल, पहले प्रदर्शन फिर भूख हड़ताल, अब कराया मुंडन


भोपाल। शिक्षक भर्ती को लेकर मध्यप्रदेश में चयनित अभ्यर्थियों का आक्रोश सड़कों पर दिखाई दे रहा है। राजधानी भोपाल में भूख हड़ताल पर बैठे चयनित अभ्यर्थियों ने मंगलवार को मुंडन कराकर विरोध जताया। आंदोलन लगातार दूसरे दिन भी जारी है।

पैदल मार्च निकालकर DPI कार्यालय का घेराव

सोमवार को अभ्यर्थियों ने पैदल मार्च निकालते हुए लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) कार्यालय का घेराव किया था। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि प्रदेश में शिक्षकों की भारी कमी होने के बावजूद भर्ती प्रक्रिया में पदों की संख्या कम रखी गई है।

हजारों पद खाली, भर्ती सीमित

जानकारी के अनुसार फिलहाल कुल 13 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है। इनमें लगभग 10 हजार पद माध्यमिक शिक्षक के और करीब 3 हजार पद प्राथमिक शिक्षक के हैं। अभ्यर्थियों का आरोप है कि यह संख्या जरूरत के मुकाबले बेहद कम है और भर्ती परीक्षाएं ऊंट के मुंह में जीरा साबित हो रही हैं।

25 हजार पदों पर भर्ती की मांग

चयनित अभ्यर्थी भर्ती पदों की संख्या बढ़ाकर 25 हजार करने की मांग कर रहे हैं। साथ ही भर्ती प्रक्रिया का दूसरा चरण जल्द शुरू करने की मांग भी प्रमुख रूप से उठाई जा रही है।

अर्धनग्न होकर जताया विरोध

सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए अभ्यर्थियों ने अर्धनग्न होकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, उनका आंदोलन जारी रहेगा।