Showing posts with label #HemantKatare. Show all posts
Showing posts with label #HemantKatare. Show all posts

Monday, February 23, 2026

इस बात से नाराज है उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे! इस्तीफा देने की बताई वजह

भोपाल। मध्यप्रदेश की सियासत में उस वक्त हलचल तेज हो गई जब उप नेता प्रतिपक्ष पद से इस्तीफे को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे ने खुलकर अपनी बात रखी। कटारे ने दो टूक कहा कि उन्होंने अपना इस्तीफा संगठन को भेजा था और अब तक वापस नहीं लिया है। उन्होंने बताया कि त्यागपत्र कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को भेजा गया है और पार्टी जो भी फैसला करेगी, वह उन्हें मंजूर होगा। उनके इस बयान के बाद सियासी गलियारों में चर्चाओं का दौर और तेज हो गया है।

सदन में ठुकराया गया स्थगन प्रस्ताव

कटारे ने अपनी नाराजगी भी जाहिर की। उन्होंने कहा कि सदन में स्थगन प्रस्ताव लाने के लिए उन्होंने रातभर तैयारी की, लेकिन जब वक्त आया तो प्रस्ताव को स्वीकार ही नहीं किया गया। उन्होंने तल्ख अंदाज में सवाल उठाया—क्या सदन सरकार के इशारे पर चलेगा? क्या विपक्ष की आवाज को दबाया जा रहा है? हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि नेता प्रतिपक्ष से उनका कोई विवाद नहीं है और वे उन्हें अपना बड़ा भाई मानते हैं।

बीजेपी विधायक को कांग्रेस ज्वाइन की कही बात

बीजेपी से ऑफर की चर्चाओं पर भी कटारे ने चुटीला अंदाज अपनाया। उन्होंने बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा पर तंज कसते हुए कहा कि पहले वे कहते थे पार्टी में वैकेंसी है, अब कह रहे हैं कि कोई वैकेंसी नहीं है। कटारे ने पलटवार करते हुए कहा—अगर शर्मा चाहें तो कांग्रेस के दरवाजे खुले हैं, उनका स्वागत है। यहां तक कि 2028 में उन्हें कांग्रेस मंत्री भी बनाया जा सकता है।

कटारे के इस बयान ने साफ कर दिया है कि मामला सिर्फ इस्तीफे तक सीमित नहीं, बल्कि इसके पीछे सियासी संदेश भी छिपा है। अब सबकी नजरें पार्टी नेतृत्व के अगले कदम पर टिकी हैं।

Friday, February 20, 2026

हेमंत कटारे के इस्तीफे की खबर! ये है बड़ी वजह..



भोपाल। 
मध्यप्रदेश की राजनीति में अचानक हलचल तेज हो गई है। अटेर से कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे ने उपनेता प्रतिपक्ष के पद से इस्तीफा देने की सूचना दी है। बताया जा रहा है कि उन्होंने इस संबंध में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को पत्र लिखकर अपना निर्णय अवगत कराया है।

सूत्रों के अनुसार, कटारे ने पत्र में उल्लेख किया है कि वे अपने विधानसभा क्षेत्र की जनता और परिवार को पर्याप्त समय नहीं दे पा रहे हैं, इसलिए जिम्मेदारी से मुक्त होने का आग्रह किया है। हालांकि पार्टी की ओर से अभी औपचारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन इस घटनाक्रम ने सियासी चर्चाओं को हवा दे दी है।

राजनीतिक जानकार इसे संगठनात्मक फेरबदल और आने वाले रणनीतिक बदलावों से जोड़कर देख रहे हैं। अब सबकी नजर कांग्रेस नेतृत्व के अगले कदम पर टिकी है।