Sunday, March 1, 2026
भोजशाला के बाद भोजपुर मंदिर में विवाद, जानिए वजह...
Saturday, February 14, 2026
इंदौर के एमवाय अस्पताल में हुई जमकर मारपीट, वीडियो हुआ वायरल
इंदौर। इंदौर के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल महाराजा यशवंतराव अस्पताल (एमवाय अस्पताल) में मेडिकल जांच के दौरान दो पक्षों के बीच विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। पुलिस द्वारा एमएलसी प्रक्रिया के लिए लाए गए दोनों पक्षों में पहले कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते लात-घूंसे चलने तक पहुंच गई। घटना का वीडियो सामने आने के बाद अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया।
मारपीट की यह घटना एमएलसी विभाग में हुई, जहां उस समय मरीज और उनके परिजन भी मौजूद थे। अचानक शुरू हुई हाथापाई से वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थिति बिगड़ती देख अस्पताल के सुरक्षाकर्मी और मौके पर तैनात पुलिसकर्मी तुरंत बीच-बचाव के लिए पहुंचे और दोनों पक्षों को अलग कराया।
हालांकि घटना के बाद किसी भी पक्ष ने औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई है, लेकिन पुलिस ने दोनों के बयान दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। संवेदनशील माने जाने वाले सरकारी अस्पताल में इस तरह की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
Wednesday, February 4, 2026
रात के ढाई बजे थाने में घुसे बीजेपी विधायक, पुलिसकर्मियों की उड़ी नींद, VIDEO हुआ वायरल!
विदिशा। मध्यप्रदेश में जनता की सुरक्षा करने वाले पुलिसकर्मी गहरी नींद में सो रही है, ये हम नहीं सिरोंज से बीजेपी के विधायक उमाकांत शर्मा का कहना है। दरअसल, मंगलवार रात करीब ढाई बजे क्षेत्र के विधायक उमाकांत शर्मा आंनदपुर ईलाके में पहुंचे थे। तभी विधायक शर्मा औचक निरीक्षण के लिए थाने पहुंचे। यहां पहुंचने के बाद विधायक जी नजारा देखकर दंग रह गए। थाने का चैनल गेट खुला हुआ था, कमरों के दरवाजे खुले हुए थे, कुर्सियां खाली और बेंच पर सोता जवान मिला। ये न तो सिपाही था न ही आरक्षक, ये जवान था होमगॉर्ड का सिपाही जिसके भरोसे पूरा थाना और शहर छोड़ रखा था।
10 से 15 मिनट घूमने के बाद इस लापरवाही को देखते हुए, गहरी नींद में सो रहे सिपाही को विधायक ने खुद जगाया और पूछताछ की। इसी बीच, थाना प्रभारी अनुज प्रताप सिंह को विधायक के निरीक्षण की जानकारी मिली और वे भी आनन-फानन में थाने पहुंचे। थाना प्रभारी अनुज प्रताप सिंह ने सफाई देते हुए बताया कि थाने में कुल 20 पुलिसकर्मी पदस्थ हैं, जिनमें 3 महिला आरक्षक भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि वे थाने के पास बने क्वार्टर में थे और क्षेत्र में पुलिस गश्त जारी थी। विधायक ने इस स्थिति पर नाराजगी जताते हुए कहा कि अगर कोई गलत इरादे वाला व्यक्ति आता, तो थाने से सामान तक ले जा सकता था।
विधायक ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट पर वीडियो को पोस्ट करते हुए लिखा कि "आज मैंने रात्रि 2.30 से 3.00 बजे तक आनंदपुर गांव के थाने की रात्रि गश्त एवं चौकीदारी व्यवस्था को देखा। व्यवस्था पूर्णतः खराब है। मैं थानेदार साहब , SDOP साहब, SP महोदय से आवेदन करता हूं आनंदपुर में रात्रि गश्त की व्यवस्था बहुत खराब है। वहां के व्यापारीगण कई बार गश्त सुधारने हेतु आग्रह कर चुके है। मैंने भी थानेदार महोदय अनुज प्रताप सिंह आनंदपुर थाना , SDOP महोदय विकासखंड लटेरी तथा SP महोदय को अवगत कराया है। इसके बाद भी व्यवस्था नहीं सुधारना बिल्कुल गलत है। जनता के हित में सुधार हेतु आवश्यक कार्यवाही करें।"
हालांकि, विधायक के निरीक्षण में सामने आई स्थिति ने इन दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। साथ ही इस दौरान आंनदपुर में अगर कोई अनहोनी या दुर्घटना हो जाती तो पुलिस गहरी नींद में सोती ही रहती। या फिर थाने से ही कई महत्वपूर्ण दस्तावेज या सामान चोरी हो जाता तो उसका जिम्मेदार कौन होता। यही सोता हुआ सिस्टम जनता की परेशानियां बढ़ाता है। यहीं वजह है कि इंसाफ के लिए आम जनता को इतना परेशान होना पड़ता है। अब देखना होगा कि वीडियो वायरल होने के बाद व्यवस्थाएं सुधरेंगी या फिर किसी बड़ी अनहोनी होने का इंतजार किया जाएगा।


