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Friday, March 6, 2026

एमपी में किसानों की बल्ले बल्ले, गेहूं खरीदी पर डबल लाभ...

मध्यप्रदेश के किसानों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गेहूं खरीदी को लेकर बड़ा ऐलान किया है। अब किसानों को गेहूं बेचने पर पहले से ज्यादा पैसा मिलेगा। दरअसल, मुख्यमंत्री Dr. Mohan Yadav ने मुख्यमंत्री निवास में Bharatiya Kisan Sangh के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर किसानों से जुड़े कई बड़े फैसले लिए। बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हित में लगातार काम कर रही है और उन्हें उनकी फसल का अच्छा दाम दिलाने की कोशिश कर रही है। सरकार ने फैसला लिया है कि इस साल गेहूं खरीदी पर किसानों को ज्यादा दाम मिलेगा। केंद्र सरकार ने गेहूं का MSP 2585 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है। इसके ऊपर मध्यप्रदेश सरकार 40 रुपये प्रति क्विंटल का बोनस देगी। यानी अब किसानों को गेहूं का 2625 रुपये प्रति क्विंटल दाम मिलेगा। केंद्र सरकार ने गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 2585 रुपए प्रति क्विंटल तय किया है। इस पर मध्यप्रदेश सरकार 40 रुपए प्रति क्विंटल का बोनस देगी। इस तरह अब प्रदेश के किसानों को गेहूं बेचने पर कुल 2625 रुपए प्रति क्विंटल मिलेंगे। सरकार के इस फैसले से किसानों को सीधा फायदा होगा और उनकी आमदनी बढ़ेगी। सरकार का कहना है कि किसानों को उनकी फसल का बेहतर दाम दिलाने के लिए यह फैसला लिया गया है। इससे प्रदेश के लाखों गेहूं उत्पादक किसानों को राहत मिलेगी।
इसके अलावा सरकार ने गेहूं खरीदी के लिए पंजीयन की अंतिम तारीख 7 मार्च से बढ़ाकर 10 मार्च कर दी है, ताकि जिन किसानों का रजिस्ट्रेशन नहीं हो पाया है, उन्हें भी मौका मिल सके। सरकार ने उड़द की खेती को बढ़ावा देने के लिए 600 रुपये प्रति क्विंटल बोनस देने की भी घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने किसानों से उड़द लगाने की अपील की है, ताकि उन्हें इसका फायदा मिल सके। साथ ही किसानों को राहत देने के लिए सिंचाई के लिए दिन में बिजली देने का भी फैसला लिया गया है, जिससे किसानों को रात में खेतों में जाकर पानी देने की परेशानी कम होगी। सरकार के इन फैसलों से प्रदेश के लाखों किसानों को फायदा मिलने की उम्मीद है।

Wednesday, February 4, 2026

गेहूं का पैसा चाहिए? तो 7 फरवरी से पहले जरूर सुधार लें ये गलती




भोपाल। मध्यप्रदेश में रबी सीजन के तहत समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूं खरीदी के लिए किसानों का पंजीयन 7 फरवरी 2026 से शुरू होगा, जो 7 मार्च 2026 तक चलेगा। राज्य आपूर्ति निगम के नियमों के अनुसार, पंजीयन के समय किसान के आधार कार्ड और खसरा (भूमि रिकॉर्ड) में नाम और उसकी स्पेलिंग बिल्कुल एक जैसी होना जरूरी है। अगर नाम में कोई अंतर है, तो किसान को पहले तहसील कार्यालय से सत्यापन कराना होगा।


जांच के लिए डाले जाएंगे ₹1 

खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के निर्देश पर इस बार पंजीयन के दौरान ही किसानों के आधार से जुड़े बैंक खाते में 1-1 रुपये भेजकर वेरिफिकेशन किया जाएगा। इसका मकसद यह है कि बाद में गेहूं का भुगतान करते समय कोई तकनीकी समस्या न आए।


किसानों की सुविधा के लिए पंजीयन दो श्रेणियों में किया जाएगा

मुफ्त पंजीयन केंद्र:

- ग्राम पंचायत

- जनपद पंचायत

- तहसील कार्यालय

- सहकारी समिति


शुल्क वाले केंद्र:

- MP ऑनलाइन कियोस्क

- CSC सेंटर

- लोक सेवा केंद्र

- साइबर कैफे

यहां अधिकतम ₹50 शुल्क लिया जाएगा।


गेहूं का MSP बढ़ा

इस बार गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है, जो पिछले साल के मुकाबले 160 रुपये ज्यादा है। पूरे प्रदेश में 3186 खरीदी केंद्र बनाए गए हैं।


इन खातों में नहीं होगा भुगतान

गेहूं की राशि सीधे किसान के आधार-लिंक बैंक खाते में दी जाएगी।

इन खातों में भुगतान नहीं होगा—

- संयुक्त खाता

- निष्क्रिय खाता

- फिनो, एयरटेल, पेटीएम जैसे पेमेंट बैंक खाते

अगर आधार से मोबाइल नंबर या बैंक खाता लिंक नहीं है, तो किसान समय रहते आधार केंद्र, बैंक या पोस्ट ऑफिस में अपडेट करा लें।


 पंजीयन के लिए जरूरी दस्तावेज

- मूल आधार कार्ड (आधार से मोबाइल नंबर लिंक होना जरूरी)

- वोटर आईडी या अन्य पहचान पत्र

- खसरा-खतौनी / भूमि रिकॉर्ड

- सिकमी या बटाईदार किसानों के लिए अनुबंध पत्र

- वन पट्टाधारी किसानों के लिए पट्टे का प्रमाण

- बैंक पासबुक (नाम और IFSC कोड साफ दिखना चाहिए)