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Saturday, February 14, 2026

*देर रात हुए आईएएस अधिकारियों के ट्रांसफर , मनीष सिंह होंगे नए आयुक्त जनसंपर्क

मध्य प्रदेश में देर रात बड़ी प्रशासनिक सर्जरी हुई है, देर रात हुए आईएएस अधिकारियों के ट्रांसफर में मनीष सिंह को आयुक्त जनसंपर्क बनाया गया है,इसके अलावा ये अधिकारी इधर से उधर हुए हैं
दीपक सक्सेना बनाए गए है आयुक्त आबकारी और संदीप यादव नए प्रमुख सचिव वन विभाग के होंगे, स्वास्थ की जिम्मेदारी एसीएस अशोक वर्णवाल को दी गई है, अभिजीत अग्रवाल प्रबंध संचालक मार्कफेड उमाशंकर भार्गव को राजभवन से वापस बुलाकर सौंपी कृषि विभाग में अहम जिम्मेदारी। अजय गुप्ता होंगे जबलपुर विद्युत वितरण कंपनी के नए एमडी। रिक्त पड़े सीईओ जिला पंचायत के पदों पर भी हुई पदस्थापना। देर रात राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के हुए ट्रांसफर भुरला सिंह सोलंकी को मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत, आगर मालवा मिलिंद कुमार नागदेवे को मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत, खरगोन वीर सिंह चौहान को मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत, भिंड राकेश शर्मा को मुख्य महाप्रबंधक, मध्यप्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, भोपाल बनाया गया।

Thursday, February 12, 2026

एमपी के दिग्गज मंत्रियों का किसने मांगा इस्तीफा!

भोपाल। मध्यप्रदेश की सियासत में बजट सत्र से ठीक पहले राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर मंत्रिमंडल के तीन वरिष्ठ सदस्यों—राजेंद्र शुक्ल, कैलाश विजयवर्गीय और विजय शाह—को पद से हटाने की मांग की है। पटवारी ने कहा है कि सरकार को नैतिक आधार पर कार्रवाई करते हुए इन मंत्रियों को तत्काल बर्खास्त करना चाहिए।

पत्र में उठाए गए आरोप

अपने पत्र में पीसीसी चीफ ने आरोप लगाया है कि जिन मुद्दों को लेकर सवाल उठ रहे हैं, उन पर सरकार स्पष्ट स्थिति नहीं ले पा रही है। उनका कहना है कि बजट सत्र जैसे महत्वपूर्ण सत्र से पहले सरकार को जवाबदेही और पारदर्शिता का संदेश देना चाहिए। पटवारी ने यह भी कहा कि यदि सरकार कार्रवाई नहीं करती है तो विपक्ष विधानसभा में इस मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाएगा।

सियासी बयानबाजी और संभावित असर

इधर, इस मांग को लेकर सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई है। कांग्रेस इसे नैतिकता और जवाबदेही का सवाल बता रही है, जबकि सत्तारूढ़ दल की ओर से अभी तक औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। माना जा रहा है कि बजट सत्र के दौरान यह मुद्दा विधानसभा में गर्मा सकता है और सत्ता-विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिल सकती है।