Friday, February 20, 2026
हेमंत कटारे के इस्तीफे की खबर! ये है बड़ी वजह..
कांग्रेस के पुतला दहन में जल गया वर्दीधारी
मैहर। प्रदेशभर में कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के विरोध में प्रदर्शन हुए। इसी क्रम में मैहर के अलाउद्दीन तिराहे पर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस द्वारा बजट और नेता प्रतिपक्ष के खिलाफ कथित अपशब्दों को लेकर प्रदर्शन किया जा रहा था। पुतला दहन के दौरान अचानक आग भड़कने से यातायात प्रभारी विक्रम पाठक उसकी चपेट में आकर झुलस गए।
घटना के बाद उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया। हादसे का एक और वीडियो भी सामने आया है, जिसमें बताया जा रहा है कि पुतला दहन में पेट्रोल का उपयोग किया गया, जिससे आग तेजी से फैल गई।
मामले में चार कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। भाजपा मंडल अध्यक्ष विकास तिवारी ने घायल अधिकारी से फोन पर सांसद गणेश सिंह और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की बात कराई, जिन्होंने बेहतर उपचार के लिए हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।
मध्य प्रदेश विधानसभा में ऐसी स्थिति कभी नहीं आई
Thursday, February 19, 2026
हेमंत -मोहन का निगम मंडल प्लान,कल दिल्ली में सीएम करेंगे बड़ा ऐलान!
मुस्लिम विधायक को मिला शंकराचार्य का समर्थन, आतिफ अकील की जबरदस्त अपील
भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा में कांग्रेस विधायक द्वारा गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने संबंधी अशासकीय संकल्प लाए जाने के बाद इस मुद्दे ने सियासी और धार्मिक हलकों में चर्चा तेज कर दी है।
ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य ने इस संकल्प का समर्थन करते हुए कहा कि सभी विधायकों को आगे आकर इसे पारित कराने में सहयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि यह संकल्प पास नहीं होता है तो यह हिंदुओं के लिए कलंक होगा।
शंकराचार्य ने कहा कि आश्चर्य की बात है कि जिनसे अपेक्षा होती है वे कई बार पीछे हट जाते हैं, जबकि जिनसे अपेक्षा नहीं होती वे आगे आकर साथ खड़े हो जाते हैं। उन्होंने विधायक आतिफ अकील के इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि स्वयं को हिंदू कहने वाले विधायकों को यह पहल करनी चाहिए थी।
आतिफ अकील ने अपने संकल्प में गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने के साथ ही मृत्यु के बाद गो माता के सम्मानजनक अंतिम संस्कार की व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी मांग उठाई है।
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने सभी विधायकों से अपील की कि वे इस संकल्प को पारित कर इस कार्य में सहभागी बनें। उन्होंने आतिफ अकील को इस पहल के लिए बधाई भी दी।
सीएम मोहन यादव ने सदन में क्यों मांगी माफी ,,बार बार क्यों झुंझला रहे कैलाश !
चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार सिंगरौली में आदिवासियों की ज़मीन उद्योगपति गौतम अडानी को देने के मुद्दे पर सरकार को घेर रहे थे। जैसे ही “अडानी” नाम बार-बार गूंजा, सत्ता पक्ष ने कड़ा विरोध दर्ज कराया। अध्यक्ष ने भी सदन में मौजूद नहीं किसी व्यक्ति का नाम लेने पर आपत्ति जता दी।
इसी बीच संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने नेता प्रतिपक्ष को नसीहत दे डाली। बस फिर क्या था—सियासी पारा उबल पड़ा। विपक्ष ने इसे असंसदीय शब्द बताते हुए कड़ा विरोध किया और मंत्री से माफी की मांग पर अड़ गया। जवाब में नेता प्रतिपक्ष ने भी तीखे शब्दों में पलटवार किया।
सदन का माहौल ऐसा बना कि राज्यपाल के अभिभाषण की चर्चा शोर में दब गई। आधे घंटे में तीन बार कार्यवाही स्थगित हुई और पूरे दिन में कुल सात बार सदन की कार्यवाही रोकनी पड़ी। विपक्ष ने आरोप लगाया कि यह आदिवासी समाज का अपमान है, जबकि सत्ता पक्ष इसे बयान की गलत व्याख्या बता रहा है।
सियासी गलियारों में चर्चा है कि अभिभाषण पर बहस कम और विवादित शब्द पर बहस ज़्यादा होती रही। जनता उम्मीद कर रही थी कि विकास, बजट और नीतियों पर सार्थक चर्चा होगी, लेकिन चौथे दिन की कार्यवाही शब्दों की तल्खी और आरोप-प्रत्यारोप के नाम रही।
अब देखना यह है कि अगली बैठक में चर्चा पटरी पर लौटती है या फिर सदन में सियासी तापमान यूं ही उबलता रहेगा।
हालांकि मामले का पटापेक्ष तब हो गया जब सीएम मोहन यादव ने ही बड़ा दिल दिखाते हुए माफी मांगी,, जिसके बाद सदन की कार्यवाही आगे बढ़ी |





