भोपाल। मध्य प्रदेश की राजनीति में इन दिनों चर्चा में बने कैबिनेट विस्तार को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। फिलहाल राज्य में कैबिनेट विस्तार नहीं होगा और सरकार ने पहले मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा पर फोकस करने का फैसला किया है। सूत्रों के मुताबिक, अगले करीब एक महीने तक मंत्रियों के प्रदर्शन का आकलन किया जाएगा, जिसके बाद ही किसी बड़े बदलाव पर निर्णय लिया जाएगा। जानकारी के अनुसार, 8 से 10 मई के बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा करेंगे। इस दौरान विभागवार प्रगति, जनहित के काम और नवाचारों के आधार पर मंत्रियों का मूल्यांकन किया जाएगा। माना जा रहा है कि इसी समीक्षा के आधार पर आगे की राजनीतिक रणनीति तय होगी। राजनीतिक तौर पर यह भी अहम है कि भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक से पहले किसी भी बड़े फेरबदल की संभावना नहीं है। संगठन और सरकार के बीच तालमेल बनाए रखने के लिए नेतृत्व फिलहाल संतुलन साधने की रणनीति पर काम कर रहा है। वहीं, भीषण गर्मी को देखते हुए प्रदेश कार्यसमिति की बैठक की तारीखों में बदलाव की भी तैयारी चल रही है। इसी बीच, कैबिनेट विस्तार को लेकर चल रही चर्चाओं पर भी विराम लगता नजर आ रहा है। पार्टी सूत्र साफ तौर पर इसे महज अफवाह बता रहे हैं। उनका कहना है कि फिलहाल सरकार का पूरा ध्यान परफॉर्मेंस रिव्यू और प्रशासनिक कसावट पर है, न कि मंत्रिमंडल विस्तार पर। कुल मिलाकर, साफ है कि आने वाला एक महीना सरकार के लिए ‘परफॉर्मेंस टेस्ट’ जैसा होगा, जहां मंत्रियों के कामकाज के आधार पर ही भविष्य के फैसले तय होंगे।
Wednesday, May 6, 2026
Tuesday, May 5, 2026
किसानों को बड़ी राहत, गेहूं उपार्जन केंद्र पहुंचे CM ने दिए ये निर्देश
उज्जैन। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने उज्जैन में गेहूं उपार्जन व्यवस्थाओं का औचक निरीक्षण कर किसानों को बड़ी राहत देने वाले निर्देश दिए। सीएम नागझिरी स्थित अडानी एग्रो साइलो उपार्जन केंद्र पहुंचे, जहां उन्होंने व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को सुधार के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने वेयरहाउस की क्षमता बढ़ाने का फैसला लिया, ताकि बेमौसम बारिश में गेहूं को सुरक्षित रखा जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए और खरीदी प्रक्रिया सुगम बनी रहे। सीएम ने बताया कि प्रदेश में गेहूं खरीदी लगातार चल रही है और पहले ही स्लॉट बुकिंग की तारीख बढ़ाई जा चुकी है। अब किसानों को 7 दिन के भीतर भुगतान सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि उपार्जन केंद्रों पर तौल कांटों की संख्या बढ़ाई गई है और माल ढुलाई की व्यवस्था को बेहतर किया गया है, ताकि किसानों को इंतजार न करना पड़े। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री इससे पहले भी शाजापुर और खरगोन में उपार्जन केंद्रों का निरीक्षण कर चुके हैं। सरकार का फोकस साफ है—किसानों को समय पर भुगतान, बेहतर सुविधाएं और पारदर्शी व्यवस्था। कुल मिलाकर, सीएम के इस दौरे और निर्देशों के बाद किसानों में राहत और संतोष का माहौल देखने को मिल रहा है।
मोहन कैबिनेट का बड़ा फैसला, दलहन आत्मनिर्भरता मिशन को भी हरी झंडी
भोपाल। मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री Mohan Yadav की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में विकास, कृषि और उद्योग से जुड़े कई अहम फैसलों को मंजूरी दी गई। बैठक के बाद मंत्री Chaitanya Kashyap ने फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि सरकार ने ₹38,555 करोड़ के बड़े विकास कार्यों को स्वीकृति दी है, जो प्रदेश की आधारभूत संरचना और आर्थिक गतिविधियों को गति देंगे।
कैबिनेट में प्रधानमंत्री Narendra Modi की योजनाओं पर भी चर्चा हुई और पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी में भाजपा की सफलता पर आभार जताया गया। इस मौके पर मंत्रिमंडल ने प्रतीकात्मक रूप से “झालमुड़ी” खाकर जश्न मनाया, जिसे राष्ट्रीय एकता का प्रतीक बताया गया।
किसानों और कृषि पर फोकस
बैठक में दलहनों में आत्मनिर्भरता के लिए ₹2442 करोड़ के प्रावधान को मंजूरी दी गई। वहीं गेहूं उपार्जन की स्थिति पर जानकारी देते हुए बताया गया कि अब तक 41 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा चुका है और किसानों को ₹6520 करोड़ का भुगतान किया गया है। करीब 14.70 लाख किसानों की बुकिंग दर्ज की गई है।
उद्योग और ऊर्जा क्षेत्र में फैसले
इंदौर नगर निगम के लिए खरगोन के जलूद में सोलर प्लांट स्थापित किया गया है, जिसके लिए ग्रीन बॉन्ड जारी किए गए हैं। इसके अलावा भोपाल के पास ₹1295 करोड़ की लागत से इलेक्ट्रॉनिक क्लस्टर विकसित किया जाएगा।
व्यापार और श्रमिकों के लिए पहल
राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड की तर्ज पर मध्यप्रदेश में भी व्यापार कल्याण बोर्ड बनाया जाएगा, जिसकी अध्यक्षता स्वयं मुख्यमंत्री करेंगे। इसमें 8 विभागों के साथ अशासकीय सदस्यों को भी शामिल किया जाएगा और जिला स्तर पर भी संरचना तैयार होगी। श्रमिकों के लिए “श्रम स्टार रेटिंग” जैसी नई पहल शुरू की गई है, जिससे श्रमिक कल्याण योजनाओं का बेहतर आकलन किया जा सकेगा।
अंतरराष्ट्रीय आयोजन
इंदौर में 13 जून तक ब्रिक्स सम्मेलन आयोजित किया जाएगा, जिसमें 21 देशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। यह सम्मेलन कृषि कल्याण वर्ष के तहत आयोजित होगा, जिसमें उन्नत खेती, बीज और तकनीक के उपयोग पर चर्चा होगी। कुल मिलाकर, कैबिनेट के ये फैसले प्रदेश में विकास, कृषि मजबूती और निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में अहम माने जा रहे हैं।
किसान हित में बड़ा फैसला, मिलेगा पूरा कोटा
भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए यूरिया वितरण को लेकर अहम फैसला लिया है। अब किसानों को उनका पूरा कोटा एक ही बार में उपलब्ध कराया जाएगा। पहले सरकार ने पात्रता के आधार पर किसानों को दो चरणों में यूरिया देने का निर्णय लिया था, लेकिन सोमवार को हुई समीक्षा बैठक में इस फैसले में बदलाव करते हुए एकमुश्त वितरण को मंजूरी दे दी गई। नई व्यवस्था के तहत किसानों को ई-विकास पोर्टल के जरिए भूमि के आधार पर टोकन जारी किए जाएंगे, जिसके माध्यम से उन्हें खाद प्राप्त होगी। इससे वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता आने और किसानों को बार-बार चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। सरकार के अनुसार प्रदेश में फिलहाल करीब 15 लाख टन यूरिया उपलब्ध है और खरीफ सीजन के लिए वितरण भी शुरू कर दिया गया है। इस फैसले को किसानों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, क्योंकि अब उन्हें खाद के लिए बार-बार इंतजार नहीं करना पड़ेगा और समय पर खेती की तैयारी आसान होगी।
Sunday, May 3, 2026
आईपीएस अफसरों के थोक तबादले,,देखिए पूरी सूची
Saturday, May 2, 2026
MP में BJP की उलटी गिनती शुरू: जीतू पटवारी
भोपाल। मध्यप्रदेश की सियासत में बयानबाजी तेज होती जा रही है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष Jitu Patwari ने भाजपा सरकार पर बड़ा हमला बोलते हुए दावा किया है कि अगर आज प्रदेश में सर्वे कराया जाए तो सिर्फ 10% लोग भाजपा को चुनेंगे, जबकि 90% जनता कांग्रेस के साथ खड़ी नजर आएगी। पटवारी ने कहा कि प्रदेश में मौजूदा सरकार से जनता का भरोसा तेजी से कम हुआ है और अब बदलाव का माहौल बन चुका है। उन्होंने इसे भाजपा सरकार के लिए “उलटी गिनती की शुरुआत” करार दिया। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने सरकार की नीतियों और फैसलों पर सवाल उठाते हुए कहा कि किसान, युवा और आम जनता सभी वर्ग आज परेशान हैं, जिसका असर सीधे जनसमर्थन पर दिख रहा है। उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले समय में कांग्रेस को इसका सीधा फायदा मिलेगा। हालांकि, भाजपा की ओर से इस बयान पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे लेकर चर्चा तेज हो गई है। कुल मिलाकर, पटवारी के इस दावे ने मध्यप्रदेश की सियासत में नया तापमान बढ़ा दिया है और आने वाले दिनों में इस पर सियासी घमासान और तेज होने के आसार हैं।






