Friday, February 20, 2026
विजयवर्गीय और कटारे ,दो पार्टी एक कहानी !
हमें तो अपनों ने लूटा गैरों में कहां दम था,
मेरी कश्ती थी डूबी वहां जहां पानी कम था
ये शेर एमपी की सियासत के दो बड़े चेहरों कैलाश विजयवर्गीय और हेमंत कटारे पर मुफीद बैठता है, असल में ये दोनों नेता ही अपने अपने कप्तानों की बेवफाई के मारे है, ऊपर से सितम ये है कि कोच और सेलेक्टर भी खिलाफत में हैं,, असल में मध्य प्रदेश विधानसभा में सत्तापक्ष के मुखिया मोहन यादव हैं तो सत्तापक्ष में संसदीय कार्यमंत्री की हैसियत से नंबर दो पर कैलाश विजयवर्गीय है,, इसी तरह कांग्रेस विधायक दल के मुखिया उमंग सिंघार है और उपनेता हेमंत कटारे है ,, सब जानते है कि मोहन को कैलाश रास नहीं आ रहे और उमंग को कटारे नहीं भा रहे...हेमंत कटारे और कैलाश दोनों की ही मीडिया में अपनी लोकप्रियता है और उतनी ही क्षेत्र में सक्रियता भी ,, लेकिन दोनों की अपनी कमजोरियां भी हैं ,दोनों अपनी जुबान पर काबू नहीं रख पाते, लेकिन सच ये भी है कि दिल के साफ लोगो के साथ अक्सर ऐसा होता है,, खैर मैदान कोई भी हो कप्तान का सम्मान जरूरी है,, फिर वो मैदान सियासत को जा या खेल का..बस सियासत में आपके पास एक मौका होता है कि आप कूटनीति से कप्तान को निबटा दें और सामने यस बॉस भी कहते रहे लेकिन अगर आप ये नहीं कर सकते तो आपकी कहानी भी उमा भारती का इतिहास दोहरा सकती है,, कांग्रेस में तो चल भी जाता है लेकिन बीजेपी में नहीं,,चलिए हेमंत ने तो अपने पद इस्तीफा दे दिया ,, अब देखना है कैलाश जी के संदर्भ में आगे क्या होता है ...कहते है ना राजनीति ...... चीज होती है
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