Thursday, May 7, 2026

रामनिवास रावत पर भरोसा, सिंधिया खेमे को बड़ा सियासी संदेश


भोपाल। मध्यप्रदेश की राजनीति में इन दिनों रामनिवास रावत सबसे ज्यादा चर्चा में हैं। कांग्रेस छोड़ भाजपा में आए पूर्व मंत्री रामनिवास रावत को वन विकास निगम का अध्यक्ष बनाए जाने के बाद सियासी हलकों में नए समीकरणों की चर्चा तेज हो गई है। खास बात यह है कि रावत को यह जिम्मेदारी ऐसे समय मिली है, जब पार्टी के भीतर इसे लेकर विरोध की बातें भी सामने आती रही हैं।

राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया खेमे की नाराजगी के बावजूद संगठन और सरकार ने रामनिवास रावत पर भरोसा जताया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव लगातार अलग-अलग मंचों से उनकी तारीफ करते नजर आ रहे हैं। इतना ही नहीं, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने भी खुलकर उनका समर्थन किया।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा संगठन ने रामनिवास रावत को आगे कर एक स्पष्ट संदेश देने की कोशिश की है कि पार्टी में शामिल होने वाले नेताओं को सिर्फ जगह ही नहीं, बल्कि राजनीतिक महत्व भी दिया जाएगा। यही वजह है कि मुख्यमंत्री के भाषणों में भी रावत का जिक्र प्रमुखता से देखने को मिल रहा है।

उधर ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में सांसद भरत सिंह यादव और रामनिवास रावत की बढ़ती नजदीकियां भी चर्चा में हैं। दोनों नेताओं की जोड़ी को क्षेत्रीय राजनीति में नए समीकरण के तौर पर देखा जा रहा है।

इसी बीच निगम-मंडलों की नियुक्तियों में सिंधिया समर्थकों को अपेक्षित जगह न मिलने की चर्चा भी राजनीतिक गलियारों में गर्म है। कई नेता अब तक शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात तक नहीं कर पाए हैं, जबकि रामनिवास रावत जैसे नेताओं को लगातार राजनीतिक महत्व मिलता दिख रहा है।

कुल मिलाकर, मध्यप्रदेश में चल रही निगम-मंडल नियुक्तियों के बीच रामनिवास रावत का उभरता कद भाजपा की अंदरूनी राजनीति और बदलते शक्ति संतुलन की नई कहानी लिखता नजर आ रहा है।

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