भोपाल। मध्यप्रदेश बीजेपी में राज्यसभा चुनाव को लेकर अंदरखाने हलचल तेज हो गई है। पार्टी भले अभी खुलकर कुछ नहीं कह रही, लेकिन भोपाल से लेकर दिल्ली तक बैठकों और नामों की चर्चाओं ने सियासी गलियारों का तापमान बढ़ा दिया है। इस बार बीजेपी सिर्फ सीट भरने नहीं, बल्कि बड़े सामाजिक और राजनीतिक संदेश देने की रणनीति पर काम करती दिखाई दे रही है। सूत्रों के मुताबिक मोहन सरकार के दो वरिष्ठ मंत्रियों के नाम सबसे ज्यादा चर्चा में हैं। संगठन और सरकार में सक्रिय इन चेहरों को दिल्ली भेजने के विकल्प पर पार्टी मंथन कर रही है। हालांकि अंतिम फैसला केंद्रीय नेतृत्व के स्तर पर होना है, लेकिन दावेदारों की सक्रियता लगातार बढ़ती नजर आ रही है। सबसे ज्यादा चर्चा आदिवासी प्रतिनिधित्व को लेकर है। मौजूदा राज्यसभा सांसद सुमेर सिंह सोलंकी एक बार फिर मौका पाने के लिए प्रयासरत बताए जा रहे हैं। लेकिन पार्टी के भीतर इस बार नए आदिवासी चेहरे को आगे लाने की भी चर्चा तेज है। बीजेपी आगामी चुनावों से पहले आदिवासी वोट बैंक को बड़ा संदेश देने की तैयारी में मानी जा रही है। वहीं केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन की सीट को लेकर भी सस्पेंस बना हुआ है। सूत्रों का दावा है कि पार्टी इस सीट पर फिर किसी बाहरी लेकिन राष्ट्रीय स्तर के चेहरे को मौका दे सकती है। यानी मध्यप्रदेश से राज्यसभा भेजकर राष्ट्रीय राजनीति के समीकरण साधने की तैयारी भी चल रही है। दिलचस्प बात यह है कि इस बार बीजेपी में दावेदारों की संख्या ज्यादा और सीटें सीमित हैं। ऐसे में संगठन अनुभव, सामाजिक समीकरण और केंद्रीय नेतृत्व के भरोसे — तीनों का संतुलन साधने की कोशिश कर रहा है। यही वजह है कि कई बड़े नेता इन दिनों दिल्ली और भोपाल के बीच ज्यादा सक्रिय दिखाई दे रहे हैं। कुल मिलाकर बीजेपी में राज्यसभा को लेकर “साइलेंट पॉलिटिक्स” तेज हो चुकी है। अब नजर सिर्फ इस बात पर है कि पार्टी संगठन के भरोसेमंद चेहरों पर दांव लगाएगी या फिर किसी नए नाम से सबको चौंकाएगी।

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