भोपाल। मध्यप्रदेश की सियासत में इन दिनों सिर्फ मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाएं ही नहीं, बल्कि मंत्रियों की परफॉर्मेंस पर भी मंथन शुरू हो गया है। राजधानी भोपाल में शनिवार को करीब 8 घंटे तक चली हाई प्रोफाइल बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने मंत्रियों के कामकाज का रिपोर्ट कार्ड देखा। सत्ता और संगठन दोनों ने मिलकर मंत्रियों से उनके विभागों की उपलब्धियां, टारगेट और जमीनी सक्रियता का हिसाब मांगा।मुख्यमंत्री निवास में हुई इस बैठक में बीजेपी के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश, प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और संगठन के कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे। पहले दिन करीब 20 मंत्रियों के साथ विस्तार से चर्चा हुई, जबकि बाकी मंत्रियों के साथ सोमवार को समीक्षा की जाएगी। बैठक में मंत्रियों के प्रभार वाले जिलों में उनके दौरे, संगठनात्मक कार्यक्रमों में भागीदारी और स्थानीय नेताओं के साथ समन्वय पर विशेष फोकस रहा। संगठन ने मंत्रियों से यह भी पूछा कि जिलों में पार्टी और सरकार के बीच तालमेल किस स्तर पर काम कर रहा है। यानी साफ संकेत हैं कि अब सिर्फ विभाग संभालना ही नहीं, बल्कि राजनीतिक सक्रियता भी मंत्रियों की परफॉर्मेंस का हिस्सा होगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्कूलों, स्वास्थ्य केंद्रों, आंगनबाड़ी, गेहूं खरीदी और सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं की जमीनी प्रगति की जानकारी ली। चुनाव के समय जनता से किए गए वादों पर सरकार कितना आगे बढ़ी है, इसका भी आंकलन किया गया। मंत्रियों से उनके विभागों की उपलब्धियों और भविष्य के टारगेट पर भी विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपेक्षाओं के मुताबिक पेट्रोल-डीजल बचत, सार्वजनिक परिवहन के उपयोग, वर्चुअल मीटिंग और वर्क फ्रॉम होम जैसे मुद्दों पर भी जोर दिया गया। सरकार और संगठन दोनों स्तर पर कार्यशैली को ज्यादा प्रभावी और समन्वित बनाने की रणनीति पर चर्चा हुई। राजनीतिक तौर पर सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की रही कि बैठक के दौरान मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल की अटकलें भी तेज रहीं। हालांकि बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने साफ कहा कि फिलहाल मंत्रिमंडल विस्तार पर कोई चर्चा नहीं हुई है। लेकिन जिस तरह मंत्रियों के कामकाज और संगठन से तालमेल की समीक्षा हुई, उससे सत्ता के गलियारों में कई राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं। मंत्रियों के रिव्यू के तुरंत बाद बीजेपी कोर कमेटी की बैठक भी वर्चुअल माध्यम से आयोजित की जा रही है। वहीं सोमवार को नवनियुक्त निगम-मंडल अध्यक्षों का प्रशिक्षण कार्यक्रम रखा गया है, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और संगठन के वरिष्ठ नेता उन्हें जनता से संवाद, व्यवहार और संगठनात्मक अनुशासन को लेकर मार्गदर्शन देंगे। सियासी गलियारों में अब चर्चा इस बात की है कि क्या यह सिर्फ समीक्षा बैठक है… या फिर आने वाले बड़े राजनीतिक बदलावों की भूमिका तैयार की जा रही है।

No comments:
Post a Comment