भोपाल। मध्यप्रदेश कांग्रेस में लंबे समय से संगठन को मजबूत करने की कवायद चल रही है, लेकिन लगातार चुनावी हार और कमजोर जमीनी पकड़ के बीच अब पार्टी हाईकमान सीधे मैदान में उतरने की तैयारी करता नजर आ रहा है। सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस नेता राहुल गांधी जून महीने में मध्यप्रदेश दौरे पर आ सकते हैं। माना जा रहा है कि उनका फोकस खासतौर पर रीवा और उज्जैन संभाग पर रहेगा, जहां संगठन की स्थिति और कार्यकर्ताओं की सक्रियता की समीक्षा की जाएगी। कांग्रेस संगठन से जुड़े सूत्रों का कहना है कि राहुल गांधी इस दौरे के दौरान बूथ स्तर तक पार्टी की मजबूती पर फीडबैक ले सकते हैं। साथ ही वे सीधे कार्यकर्ताओं से संवाद कर उनके सवाल और नाराजगी भी सुन सकते हैं। पार्टी के अंदर इसे 2027 की तैयारी के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।दरअसल, विधानसभा और लोकसभा चुनाव में कमजोर प्रदर्शन के बाद कांग्रेस अब संगठन में नई जान फूंकने की कोशिश कर रही है। प्रदेश नेतृत्व लगातार जिलों और संभाग स्तर पर बैठकों के जरिए कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने में जुटा है। ऐसे में राहुल गांधी का संभावित दौरा कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भरने की रणनीति माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी कार्यकर्ताओं से सीधा सवाल-जवाब भी कर सकते हैं। इसके लिए प्रदेश संगठन ने अभी से तैयारी शुरू कर दी है। कार्यकर्ताओं को अपने क्षेत्र की राजनीतिक स्थिति, स्थानीय मुद्दों और संगठनात्मक गतिविधियों की जानकारी अपडेट रखने को कहा जा रहा है। राजनीतिक जानकार मानते हैं कि भाजपा के मजबूत संगठन और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सक्रिय राजनीति के बीच कांग्रेस के लिए 2027 की राह आसान नहीं है। ऐसे में राहुल गांधी का यह दौरा सिर्फ संगठनात्मक समीक्षा नहीं, बल्कि प्रदेश में कांग्रेस की नई राजनीतिक रणनीति का संकेत भी माना जा रहा है।

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