Sunday, February 15, 2026

“क्या यह कॉलेज सिर्फ SC-ST के लिए ही है?” छात्राओं ने मंत्री से क्यों पूछा ऐसा सवाल जानें...

खंडवा। जहां एक तरफ यूजीसी को लेकर देशभर में बहस जारी है, वहीं खंडवा के सरकारी कन्या महाविद्यालय में बहस सीधे मंच से नीचे उतर आई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचे जनजातीय कार्य मंत्री कुंवर विजय शाह ने मंच से घोषणा की कि एससी-एसटी छात्र-छात्राओं के लिए सरकार बस सुविधा, छात्रावास, आवास भत्ता और नीट व पीएससी की नि:शुल्क कोचिंग की व्यवस्था करेगी। तालियां बजीं, भाषण पूरा हुआ।

लेकिन मंच से उतरते ही माहौल बदल गया। छात्राओं ने मंत्री को घेर लिया और तीखा सवाल दाग दिया — “क्या यह कॉलेज सिर्फ एससी-एसटी के लिए ही है?” इसके साथ ही शिक्षकों की कमी, नियमित कक्षाओं का अभाव, छात्रवृत्ति में देरी और बुनियादी सुविधाओं को लेकर भी सवाल उठाए गए।

भाषण में योजनाओं की सूची थी, लेकिन जमीनी परेशानियों पर जवाब उतने स्पष्ट नहीं मिले। सवाल खंडवा के थे, और छात्राएं चाहती थीं कि जवाब भी यहीं मिले — किसी और दरवाजे का पता नहीं।

खंडवा की इस घटना ने एक बात तो तय कर दी है: नई पीढ़ी अब ‘मुख्य अतिथि’ के भाषण से ज्यादा अपने भविष्य के सवालों को प्राथमिकता देती है। अब छात्राएं सिर्फ घोषणाएं सुनकर संतुष्ट नहीं होतीं। वे मंच से कही गई बातों और हकीकत के बीच का फर्क भी पूछती हैं और जवाब भी वहीं, उसी वक्त चाहती हैं।



No comments: