लखनऊ : उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर समाजवादी
पार्टी में अब टिकटों के बंटवारे को लेकर घमासान मचा हुआ है। पार्टी के 325
उम्मीदवारों के ऐलान के बाद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शुक्रवार को सभी
मंत्रियों और पार्टी विधायकों की बैठक बुलाई है। बता दें कि अपने बेटे
अखिलेश यादव को हाशिये पर डालते हुए उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ समाजवादी
पार्टी (सपा) के मुखिया मुलायम सिंह यादव ने बुधवार को 403 सदस्यीय आगामी
विधानसभा चुनाव के लिये 325 उम्मीदवारों के नामों की सूची जारी कर दी और
किसी भी पार्टी के साथ गठबंधन की संभावनाओं को खारिज कर दिया। इस फेहरिस्त
में जहां मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के कई करीबी मंत्रियों के टिकट काट दिये
गये, वहीं कई ऐसे नाम भी शामिल हैं जिन पर अखिलेश को ऐतराज था।
जानकारी के अनुसार, सपा में टिकट बंटवारे के बाद मतभेद गहरा गया है। इसी के मद्देनजर सीएम अखिलेश यादव आज सभी मंत्रियों और पार्टी विधायकों के साथ बैठक करेंगे। ताजा जानकारी के अनुसार, अखिलेश ने पार्टी विधायकों के साथ बैठक शुरू कर दी है। इस बैठक में अखिलेश करीबियों से बातचीत करेंगे और आगे की रणनीति तय करेंगे।
बुंदेलखंड के दौरे पर गए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव स्पष्ट रूप से मुलायम सिंह यादव द्वारा अपने भाई और पार्टी की प्रदेश ईकाई के प्रमुख शिवपाल के साथ मिलकर की गई इस घोषणा से नाराज नजर आए और कहा कि वह अपने पिता से उम्मीदवारों के चयन के संबंध में बात करेंगे। मुलायम ने जल्दबाजी में बुलाए गए एक संवाददाता सम्मेलन में उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की।
मुलायम ने सपा के उम्मीदवारों की जो सूची घोषित की है उसमें स्पष्ट रूप से अखिलेश द्वारा कुछ नामों को लेकर जतायी गयी आपत्तियों को नजरअंदाज किया गया है जैसे कि जेल में बंद गैंगस्टर मुख्तार अंसारी के भाई सिगबतुल्लाह अंसारी और हत्या समेत 40 से अधिक आपराधिक मामलों का सामना कर रहे अतीक अहमद। सूची में 176 मौजूदा विधायकों के नाम शामिल हैं और इस सूची में कई अखिलेश समर्थक मंत्रियों और विधायकों के नामों का कोई जिक्र नहीं है जिनमें राम गोविंद चौधरी, पवन पांडे और अरविंद सिंह गोपे (सभी मंत्री) शामिल हैं। बुंदेलखण्ड के दौरे पर पहुंचे अखिलेश ने कहा कि जारी की गयी सपा प्रत्याशियों की सूची में कुछ नाम नहीं हैं। मैं राष्ट्रीय अध्यक्ष जी से कहूंगा कि जिन लोगों ने अच्छा काम किया है और जो जीत सकते हैं, उन्हें टिकट दिया जाए।
जानकारी के अनुसार, सपा में टिकट बंटवारे के बाद मतभेद गहरा गया है। इसी के मद्देनजर सीएम अखिलेश यादव आज सभी मंत्रियों और पार्टी विधायकों के साथ बैठक करेंगे। ताजा जानकारी के अनुसार, अखिलेश ने पार्टी विधायकों के साथ बैठक शुरू कर दी है। इस बैठक में अखिलेश करीबियों से बातचीत करेंगे और आगे की रणनीति तय करेंगे।
बुंदेलखंड के दौरे पर गए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव स्पष्ट रूप से मुलायम सिंह यादव द्वारा अपने भाई और पार्टी की प्रदेश ईकाई के प्रमुख शिवपाल के साथ मिलकर की गई इस घोषणा से नाराज नजर आए और कहा कि वह अपने पिता से उम्मीदवारों के चयन के संबंध में बात करेंगे। मुलायम ने जल्दबाजी में बुलाए गए एक संवाददाता सम्मेलन में उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की।
मुलायम ने सपा के उम्मीदवारों की जो सूची घोषित की है उसमें स्पष्ट रूप से अखिलेश द्वारा कुछ नामों को लेकर जतायी गयी आपत्तियों को नजरअंदाज किया गया है जैसे कि जेल में बंद गैंगस्टर मुख्तार अंसारी के भाई सिगबतुल्लाह अंसारी और हत्या समेत 40 से अधिक आपराधिक मामलों का सामना कर रहे अतीक अहमद। सूची में 176 मौजूदा विधायकों के नाम शामिल हैं और इस सूची में कई अखिलेश समर्थक मंत्रियों और विधायकों के नामों का कोई जिक्र नहीं है जिनमें राम गोविंद चौधरी, पवन पांडे और अरविंद सिंह गोपे (सभी मंत्री) शामिल हैं। बुंदेलखण्ड के दौरे पर पहुंचे अखिलेश ने कहा कि जारी की गयी सपा प्रत्याशियों की सूची में कुछ नाम नहीं हैं। मैं राष्ट्रीय अध्यक्ष जी से कहूंगा कि जिन लोगों ने अच्छा काम किया है और जो जीत सकते हैं, उन्हें टिकट दिया जाए।

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