Friday, December 16, 2016

चीन ने अपने पहले एयरक्राफ्ट कैरियर के साथ की एक्सरसाइज, काेरिया के पास बरसाए बम

बीजिंग. चीन ने पहली बार अपने पहले एयरक्राफ्ट कैरियर 'लियॉनिंग' और वाॅरशिप्स से बमबारी की एक्सरसाइज की है। यह एक्सरसाइज कोरिया के पास बोहाई समुद्र के नॉर्थइस्टर्न में की गई। पीएलए (पीपुल्स लिबरेशन आर्मी) नेवी ने बयान जारी कर यह जानकारी दी है। बता दें कि ताइवान और साउथ चाइना सी मुद्दे को लेकर अमेरिका और चीन के बीच तनाव हाल के दिनों में काफी बढ़ गया है। माना जा रहा है कि चीन ने अपनी ताकत दिखाने के लिए यह ड्रिल की है। 10 वॉरशिप्स और 10 एयरक्राफ्ट ने लिया हिस्सा...
- न्यूज एजेंसी के मुताबिक, पीएलए नेवी के बयान में कहा गया है कि एयरक्राफ्ट कैरियर 'लियॉनिंग' समेत 10 वॉरशिप्स और 10 एयरक्राफ्ट ने गुरुवार को हुई ड्रिल में हिस्सा लिया।
- बोहाई सी में हुई इस ड्रिल में कई एयर टू एयर, एयर टू शिप और शिप टू एयर मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया।
- ड्रिल का मकसद कई तरह के जहाजों के मुकाबले की क्षमता को परखना था।
- 'लियॉनिंग' को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि इस पर करीब 30 प्लेन तैनात किए जा सकते हैं। 'लियॉनिंग' के कमांडर रियर एडमिरल छेन यूकी ने कहा, 'यह एक्सरसाइज यूनिट के लिए मील का पत्थर है।'

विमान स्क्वाड्रन ने सैनिकों के साथ की ड्रिल
- चीन की सरकारी टीवी चाईनीज सेन्ट्रल टेलीविजन (सीसीटीवी) के मुताबिक ऐसा पहली हुआ कि चीन की किसी ड्रिल में विमान स्क्वाड्रन ने सैनिकों के साथ बमबारी करने का अभ्यास किया।
- इस एक्सरसाइज में मिसाइल से लैस शेनयांग जे-15 फाइटर प्लेंस ने भी हिस्सा लिया। पहली बार J-15 किसी ड्रिल में भाग लेते दिखाई दिया है।
- इस ड्रिल की सही टाइमिंग और सटीक लोकेशन का खुलासा नहीं किया गया है। सिर्फ इतना कहा गया है कि इसे बोहाई समुद्र में किया गया, जो चीन के डालियान तट और नॉर्थ-साउथ कोरिया के बीच है।
अमेरिका ने लगाया था आरोप
- बता दें कि अमेरिका ने हाल ही में यह आरोप लगाया था कि साउथ चाइना सी के आर्टीफीशियल आईलैंड्स पर चीन एंटी-एयरक्राफ्ट और एंटी मिसाइल सिस्टम तैनात कर रहा है।
- न्यूज एजेंसी शिन्हुआ ने कहा है कि बोहाई समुद्र के जिस हिस्से में गुरुवार को यह एक्सरसाइज की गई, वहां चीन के अलावा किसी और देश का दावा नहीं है।
क्या है ताइवान मुद्दा?
- अमेरिका के प्रेसिडेंट इलेक्ट डोनाल्ड ट्रम्प ने इसी महीने ताइवान के प्रेसिडेंट तसाई इंग-वेन से फोन पर बात की थी।
- इसे चीन की 'वन चाइना' पॉलिसी पर अमेरिका के पहले के रुख में बदलाव के तौर पर देखा गया।
- इससे चीन भड़का हुआ है। उसने अमेरिका को चेतावनी दी है कि वह 'वन चाइना' पॉलिसी पर अपने पहले के रुख को न बदले।
- चीन यह मानता है कि ताइवान उसका हिस्सा है जो उससे अलग हो गया और आखिर में ताइवान चीन का हिस्सा बन जाएगा।
- चीन ने ताइवान को यह ऑफर दिया था कि अगर वह खुद को चीन का हिस्सा मान ले तो उसे ऑटोनॉमी (स्वायत्तता) दे दी जाएगी। लेकिन ताइवान ने इसे ठुकरा दिया।

क्या है साउथ चाइना सी मुद्दा?
- साउथ चाइना सी का करीब 35 लाख स्क्वायर किलोमीटर का एरिया विवादित है। इसमें तेल और गैस के बड़े भंडार दबे हुए हैं।
- इस पर चीन, फिलीपींस, वियतनाम, मलेशिया, ताइवान और ब्रुनेई दावा करते हैं।
- अमेरिका के मुताबिक, इस इलाके में 213 अरब बैरल तेल और 900 ट्रिलियन क्यूबिक फीट नेचुरल गैस का भंडार है।
- वियतनाम इस इलाके में भारत को तेल खोजने की कोशिशों में शामिल होने का न्योता दे चुका है। इस समुद्री रास्ते से हर साल 7 ट्रिलियन डॉलर का बिजनेस होता है।
- चीन ने 2013 के आखिर में एक बड़ा प्रोजेक्ट चलाकर पानी में डूबे रीफ एरिया को आर्टिफिशियल आइलैंड में बदल दिया।
- अमेरिका और चीन एक दूसरे पर इस क्षेत्र का सैन्यीकरण करने का आरोप लगाते हैं।

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