लखनऊ : समाजवादी पार्टी में चाचा-भतीजे की लड़ाई एक बार फिर देखने को मिली सकती है. विधानसभा चुनाव से ठीक पहले चाचा शिवपाल और भतीजा अखिलेश के बीच तलवार खिंच चुकी है जिसका परिणाम हम कुछ महीने पहले देख चुके हैं. इस बार मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शिवपाल यादव को झटका देते हुए अपनी तरफ से 403 उम्मीदवारों की लिस्ट सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव को सौंप दी है. खबर है कि इस लिस्ट में शिवपाल के करीबी को तरजीह नहीं दी गई है.
प्राप्त जानकारी के अनुसार अखिलेश द्वारा सौंपी गई उम्मीदवारों की लिस्ट में अंसारी बंधु, अतीक अहमद और अमनमणि त्रिपाठी के नाम को शामिल नहीं किया गया है. अखिलेश के इस कदम से यादव परिवार में एक बार फिर कलह मचना लगभग तय है. इतना ही नहीं, वर्तमान के 35 से 40 विधायकों के नाम भी अखिलेश की लिस्ट से नदारद हैं.
दरअसल जिन नेताओं को लेकर पार्टी में अखिलेश यादव नाराजगी जता चुके हैं, उनके नाम को लिस्ट में जगह नहीं दी गई है. वहीं अखिलेश के इस कदम से साफ हो गया है कि शिवपाल से उनकी लड़ाई आगे भी जारी रहेगी, क्योंकि शिवपाल यादव समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष हैं और उम्मीदवारों के नाम तय करना उनके कार्यक्षेत्र में आता है.
अखिलेश के इस कदम के बाद शिवपाल ने टि्वटर के जरिये हमला किया. उन्होंने अखिलेश पर निशाना साधते हुए लिखा कि पार्टी में अनुशासनहीनता करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा, जिससे पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचता हो. साथ ही उन्होंने साफ कर दिया कि टिकट का बंटवारा जीत के आधार पर होगा और अब तक इस पैमाने को मानक मानकर 175 लोगों को टिकट दिया जा चुका है.
शिवपाल यादव ने जोर देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री का भी फैसला पार्टी के संविधान के मुताबिक विधायक दल की बैठक में होगा. आपको बता दें कि शनिवार से ही पार्टी के भीतर गहमागहमी का माहौल था. अमर सिंह और शिवपाल ने बीती शाम मुलायम सिंह से भी मुलाक़ात भी की है लेकिन अखिलेश ने अपनी तरफ से लिस्ट सौंपकर फिर से कुछ नए विवाद को हवा दे दी है और अपने इरादे से सबको रु-ब-रु करवा दिया है.
प्राप्त जानकारी के अनुसार अखिलेश द्वारा सौंपी गई उम्मीदवारों की लिस्ट में अंसारी बंधु, अतीक अहमद और अमनमणि त्रिपाठी के नाम को शामिल नहीं किया गया है. अखिलेश के इस कदम से यादव परिवार में एक बार फिर कलह मचना लगभग तय है. इतना ही नहीं, वर्तमान के 35 से 40 विधायकों के नाम भी अखिलेश की लिस्ट से नदारद हैं.
दरअसल जिन नेताओं को लेकर पार्टी में अखिलेश यादव नाराजगी जता चुके हैं, उनके नाम को लिस्ट में जगह नहीं दी गई है. वहीं अखिलेश के इस कदम से साफ हो गया है कि शिवपाल से उनकी लड़ाई आगे भी जारी रहेगी, क्योंकि शिवपाल यादव समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष हैं और उम्मीदवारों के नाम तय करना उनके कार्यक्षेत्र में आता है.
अखिलेश के इस कदम के बाद शिवपाल ने टि्वटर के जरिये हमला किया. उन्होंने अखिलेश पर निशाना साधते हुए लिखा कि पार्टी में अनुशासनहीनता करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा, जिससे पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचता हो. साथ ही उन्होंने साफ कर दिया कि टिकट का बंटवारा जीत के आधार पर होगा और अब तक इस पैमाने को मानक मानकर 175 लोगों को टिकट दिया जा चुका है.
शिवपाल यादव ने जोर देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री का भी फैसला पार्टी के संविधान के मुताबिक विधायक दल की बैठक में होगा. आपको बता दें कि शनिवार से ही पार्टी के भीतर गहमागहमी का माहौल था. अमर सिंह और शिवपाल ने बीती शाम मुलायम सिंह से भी मुलाक़ात भी की है लेकिन अखिलेश ने अपनी तरफ से लिस्ट सौंपकर फिर से कुछ नए विवाद को हवा दे दी है और अपने इरादे से सबको रु-ब-रु करवा दिया है.

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