इस्तांबुल:तुर्की के प्रमुख शहर इस्तांबुल में स्टेडियम के बाहर शनिवार रात हुए दो विस्फोटों में 38 लोग मारे गए और 155 घायल हुए। एक मिनट के अंतर पर हुए ये विस्फोट तब हुए जब बड़े फुटबाल मुकाबले को देखने के बाद दर्शक स्टेडियम से बाहर आ रहे थे। मैच तुर्की की दो सबसे मशहूर फुटबाल टीमों के बीच था।
राष्ट्रपति तैयप एर्दोगेन ने विस्फोटों को आतंकी हमला करार दिया और इसके लिए कुर्द आतंकियों को जिम्मेदार ठहराया है। भारत सहित दुनिया के प्रमुख देशों ने हमले की निंदा की है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पहला कार बम विस्फोट स्टेडियम के वोडाफोन एरेना के बाहर हुआ। इससे आसपास के इलाके में आग लग गई।
इसके 45 सेकेंड बाद विस्फोटकों से भरी जैकेट पहने व्यक्ति ने पुलिसकर्मियों की भीड़ के पास जाकर खुद को उड़ा लिया। गृह मंत्री सुलेमान सोयलू के मुताबिक मारे गए लोगों में 30 पुलिसकर्मी और आठ नागरिक हैं। दर्जन भर लोगों की हालत गंभीर है। घटना के बाद कार्रवाई में दस लोगों को हिरासत में लिया गया है।
फुटबाल के प्रति दीवानगी का भाव रखने वाले देश में हमले के लिए इस खास मौके को इसलिए चुना गया क्योंकि हमलावर ज्यादा से ज्यादा लोगों को नुकसान पहुंचाना चाहते थे। राष्ट्रपति ने इससे सहमति जताई है। तुर्की की राजधानी अंकारा और इस्तांबुल में इससे पहले भी कई आतंकी हमले हो चुके हैं।
उन्हें इस्लामिक स्टेट के आतंकियों या कुर्द आतंकियों ने अंजाम दिया है। तुर्की नाटो का सदस्य देश है और वह सीरिया व इराक में आतंकी संगठन आइएस के खिलाफ अमेरिका के नेतृत्व में चल रही कार्रवाई में शामिल है।
प्रत्यक्षदर्शी उमर इल्माज के मुताबिक वह नजदीक की मस्जिद के बाहर चाय पी रहा था तभी जोर का धमाका सुना और उसके बाद कई मंजिल ऊंचाई तक जा रही आग की लपटों को देखा। विस्फोटों के बाद आदमी मेजों के नीचे छिप गए और औरतें भय से चिल्लाने लगीं।
राष्ट्रपति तैयप एर्दोगेन ने विस्फोटों को आतंकी हमला करार दिया और इसके लिए कुर्द आतंकियों को जिम्मेदार ठहराया है। भारत सहित दुनिया के प्रमुख देशों ने हमले की निंदा की है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पहला कार बम विस्फोट स्टेडियम के वोडाफोन एरेना के बाहर हुआ। इससे आसपास के इलाके में आग लग गई।
इसके 45 सेकेंड बाद विस्फोटकों से भरी जैकेट पहने व्यक्ति ने पुलिसकर्मियों की भीड़ के पास जाकर खुद को उड़ा लिया। गृह मंत्री सुलेमान सोयलू के मुताबिक मारे गए लोगों में 30 पुलिसकर्मी और आठ नागरिक हैं। दर्जन भर लोगों की हालत गंभीर है। घटना के बाद कार्रवाई में दस लोगों को हिरासत में लिया गया है।
फुटबाल के प्रति दीवानगी का भाव रखने वाले देश में हमले के लिए इस खास मौके को इसलिए चुना गया क्योंकि हमलावर ज्यादा से ज्यादा लोगों को नुकसान पहुंचाना चाहते थे। राष्ट्रपति ने इससे सहमति जताई है। तुर्की की राजधानी अंकारा और इस्तांबुल में इससे पहले भी कई आतंकी हमले हो चुके हैं।
उन्हें इस्लामिक स्टेट के आतंकियों या कुर्द आतंकियों ने अंजाम दिया है। तुर्की नाटो का सदस्य देश है और वह सीरिया व इराक में आतंकी संगठन आइएस के खिलाफ अमेरिका के नेतृत्व में चल रही कार्रवाई में शामिल है।
प्रत्यक्षदर्शी उमर इल्माज के मुताबिक वह नजदीक की मस्जिद के बाहर चाय पी रहा था तभी जोर का धमाका सुना और उसके बाद कई मंजिल ऊंचाई तक जा रही आग की लपटों को देखा। विस्फोटों के बाद आदमी मेजों के नीचे छिप गए और औरतें भय से चिल्लाने लगीं।

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