Wednesday, February 18, 2026
बजट में हर वर्ग का पूरा ख्याल :हेमंंत खण्डेलवाल
Tuesday, February 17, 2026
मप्र में मुख्य बजट से पहले 19 हजार करोड़ का अनुपूरक बजट पेश
भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025–26 के लिए अनुपूरक बजट पेश किया। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने सदन में 19 हजार 200 करोड़ रुपये से ज्यादा का अनुपूरक बजट रखा।
सरकार ने बताया कि यह अतिरिक्त बजट अलग-अलग विभागों की बढ़ी हुई जरूरतों को पूरा करने के लिए लाया गया है। इसमें विकास कार्य, सड़क-पुल, सामाजिक योजनाएं और अन्य जरूरी खर्च शामिल हैं।
बजट पेश होते ही विपक्ष ने कुछ मुद्दों पर सवाल भी उठाए। इस अनुपूरक बजट पर 23 फरवरी को सदन में विस्तार से चर्चा होगी। चर्चा के बाद इसे मंजूरी के लिए आगे बढ़ाया जाएगा।
अनुपूरक बजट तब लाया जाता है जब साल के बीच में पहले से तय बजट से ज्यादा पैसे की जरूरत पड़ती है। अब सबकी नजर 23 फरवरी की चर्चा पर रहेगी।
एमपी विधानसभा की दूसरे दिन की कार्रवाई में जमकर हंगामा
Monday, February 16, 2026
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का विपक्ष पर निशाना
सदन में सीधा टकराव: मौतों पर चुप्पी क्यों? मंत्रियों को हटाओ, श्वेत पत्र लाओ
भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा का बजट सत्र पहले ही दिन सियासी संग्राम में बदल गया। राज्यपाल मंगूभाई पटेल के अभिभाषण के दौरान कांग्रेस विधायकों ने जोरदार हंगामा किया और इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौतों का मुद्दा उठाया। विपक्ष का आरोप था कि इतने गंभीर मामले को भाषण में जगह तक नहीं दी गई।
राज्यपाल ने अपने संबोधन में सरकार की उपलब्धियों, निवेश, कृषि वर्ष 2026 और 2047 तक 2 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य जैसे दावों का जिक्र किया। लेकिन विपक्ष का कहना था कि जमीनी हकीकत और भाषण के दावों में बड़ा अंतर है।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने नल-जल योजना और दूषित पानी से हुई मौतों को सरकार की नाकामी बताते हुए कर्ज पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग दोहराई। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी सरकार को सीधे कठघरे में खड़ा किया। हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।
तीन मंत्रियों की बर्खास्तगी की मांग, विपक्ष ने खोला मोर्चा
कांग्रेस ने साफ कहा है कि हाल की घटनाओं और विवादित बयानों की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। विपक्ष ने तीन मंत्रियों की बर्खास्तगी की मांग करते हुए सरकार पर नैतिक जवाबदेही से बचने का आरोप लगाया। कांग्रेस का कहना है कि जब तक कार्रवाई नहीं होती, सदन से सड़क तक आंदोलन जारी रहेगा।
वहीं सत्ता पक्ष ने विपक्ष के प्रदर्शन को राजनीतिक ड्रामा करार दिया है। लेकिन साफ है कि बजट सत्र की शुरुआत ही टकराव और तीखे हमलों के साथ हो चुकी है।
बाल-बाल बचे मुख्यमंत्री! टेकऑफ के दौरान हुआ ऐसा कि थम गईं सांसें
खंडवा। खंडवा जिले के पंधाना में मुख्यमंत्री मोहन यादव का हेलीकॉप्टर टेकऑफ के दौरान कुछ सेकंड के लिए लड़खड़ा गया। हेलीकॉप्टर आगे बढ़ने के बजाय हल्का पीछे की ओर गया और कुछ पल हवा में ठहर सा गया। करीब 36 सेकंड तक मौके पर मौजूद लोगों की सांसें थमी रहीं।
मुख्यमंत्री राज्य स्तरीय कार्यक्रम के बाद भोपाल लौट रहे थे। टेकऑफ के दौरान उठी धूल और दिशा बदलने की प्रक्रिया में यह स्थिति बनी। हालांकि पायलट ने तुरंत नियंत्रण संभाल लिया और हेलीकॉप्टर सुरक्षित रूप से उड़ान भर गया।
खंडवा के एसपी मनोज कुमार राय के अनुसार इसमें कोई तकनीकी खराबी नहीं थी। उनके मुताबिक टेकऑफ के समय दिशा समायोजन और धूल कम करने के लिए स्पीड धीमी की गई थी। कुछ पलों के सस्पेंस के बाद उड़ान सामान्य हो गई और मुख्यमंत्री सुरक्षित भोपाल पहुंच गए।





