भोपाल। 7 फरवरी को देशभर में ओला, उबर और रैपिडो ड्राइवरों ने हड़ताल का ऐलान किया है। इस हड़ताल के कारण कई शहरों में टैक्सी और बाइक‑टैक्सी सेवाओं में व्यवधान आ सकता है। यात्रियों को वैकल्पिक इंतजाम करने और समय से पहले निकलने की सलाह दी गई है।
इस हड़ताल को यूनियनों ने “All India Breakdown” का नाम दिया है। इसे कई गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स यूनियनों ने समर्थन दिया है। यूनियन का कहना है कि यह हड़ताल ड्राइवरों के अधिकार और पारदर्शिता की मांग को लेकर की गई है।
ड्राइवर क्यों हड़ताल पर हैं?
ड्राइवरों का कहना है कि उन्हें किराया और कमाई में पारदर्शिता नहीं मिल रही। कंपनियां किराया तय करने का तरीका बदलती रहती हैं, जिससे उनकी मेहनत के अनुसार आमदनी कम हो जाती है। इसके अलावा, कई ड्राइवर मानते हैं कि गिग इकोनॉमी में उनका आर्थिक सुरक्षा का अधिकार कमजोर है।
ड्राइवरों की मुख्य मांगें
- सरकार द्वारा न्यूनतम किराया तय करना, जिससे कमाई स्थिर हो।
- कमर्शियल वाहनों के नियमों में साफ़ और पारदर्शी व्यवस्था।
- ड्राइवरों की आर्थिक सुरक्षा और आमदनी में स्थिरता।
यूनियन का कहना है कि जब तक ये मांगें पूरी नहीं होंगी, ड्राइवर देशभर में हड़ताल और आंदोलन जारी रख सकते हैं।
सेवाओं पर असर
हड़ताल के दौरान ड्राइवर ऐप से ऑफलाइन रहेंगे, जिससे ओला, उबर और रैपिडो की सेवाओं में बाधा आ सकती है। खासकर सुबह और शाम के पीक आवर्स में यात्रियों को परेशानी हो सकती है।
यात्रियों के लिए सुझाव
- वैकल्पिक टैक्सी या पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करें।
- ऐप की बुकिंग समय से पहले चेक करें।
- एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन जैसी जगहों पर समय से पहले पहुंचें।
