भोपाल। मध्यप्रदेश की राजनीति में इन दिनों मौसम गर्मी से नहीं, बल्कि “Honeytrap 2.0” की फुसफुसाहटों से ज्यादा तप रहा है। सत्ता के गलियारों में अचानक पुराने चैट डिलीट होने लगे हैं, कुछ माननीयों ने फोन बदल लिए हैं, तो कुछ अब हर कॉल पर “भाई रिकॉर्डिंग तो नहीं हो रही?” पूछकर बात शुरू कर रहे हैं। अब “हनीट्रैप पार्ट-2” ने फिर कई बड़े चेहरों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। इस बार चर्चा सिर्फ अफसरों या कारोबारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि कुछ माननीयों और रसूखदार नेताओं के नाम भी सत्ता के कॉरिडोर में तैरते बताए जा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक इस पूरे नेटवर्क का तरीका बेहद फिल्मी लेकिन खतरनाक था। पहले सोशल मीडिया या जान-पहचान के जरिए संपर्क, फिर दोस्ती, फिर निजी मुलाकातें और वीडियो कॉल… और उसके बाद शुरू होता था “वीडियो वाले रिश्तों” का असली खेल। इस पूरे मामले में सागर की “मिस्ट्री गर्ल” रेशू उर्फ अभिलाषा चौधरी का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है। उसके कथित ऑडियो और चैट सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में बेचैनी और बढ़ गई है। कहा जा रहा है कि उसके संपर्क सिर्फ एक शहर तक सीमित नहीं थे, बल्कि भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और रीवा तक फैले हुए थे। सबसे ज्यादा सनसनी उस दावे ने फैलाई है, जिसमें 100 से ज्यादा आपत्तिजनक वीडियो होने की चर्चा है। हालांकि जांच एजेंसियों ने किसी विधायक या नेता का नाम आधिकारिक तौर पर सार्वजनिक नहीं किया है, लेकिन सत्ता के गलियारों में हर कोई यही जानना चाहता है — “आखिर वो माननीय कौन हैं?” सूत्र यह भी बता रहे हैं कि कुछ वीडियो को लेकर कथित सौदेबाजी और “मैनेजमेंट” की कोशिशें भी हुईं। यही वजह है कि अब SIT गठन की चर्चाएं भी तेज हैं और कई लोग डर रहे हैं कि कहीं अगला खुलासा राजनीतिक भूचाल न ले आए।फिलहाल जांच जारी है… लेकिन भोपाल की राजनीति में इन दिनों सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला शब्द शायद यही है -“भाई, चैट डिलीट कर देना…”

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