भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अब पश्चिम बंगाल के चुनावी रण में उतरने जा रहे हैं। बीजेपी के स्टार प्रचारक के रूप में वे दो दिवसीय दौरे पर बंगाल पहुंचेंगे और पार्टी प्रत्याशियों के समर्थन में लगातार जनसभाएं कर चुनावी माहौल को धार देने की कोशिश करेंगे। उनका यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब राज्य में चुनावी सरगर्मी अपने चरम पर है और सभी दल पूरी ताकत के साथ मैदान में डटे हुए हैं।
मुख्यमंत्री आज रात 10:40 बजे कोलकाता पहुंचेंगे। अगले दिन उनका कार्यक्रम काफी व्यस्त रहेगा। सुबह 11:30 बजे वे कमरहाटी में बीजेपी प्रत्याशी अरुप चौधरी के समर्थन में पहली जनसभा को संबोधित करेंगे। इसके बाद कोलकाता में अन्य कार्यक्रमों के जरिए भी पार्टी के पक्ष में माहौल बनाएंगे। शाम 5 बजे वे खड़गपुर सदर पहुंचकर वरिष्ठ नेता दिलीप घोष के समर्थन में बड़ी जनसभा को संबोधित करेंगे। माना जा रहा है कि इन सभाओं के जरिए बीजेपी शहरी और संगठनात्मक तौर पर मजबूत सीटों पर अपनी पकड़ और मजबूत करना चाहती है।
पश्चिम बंगाल में इस बार चुनाव चरणबद्ध तरीके से आयोजित किए जा रहे हैं, जिसमें अप्रैल से मई के बीच कई चरणों में मतदान होना है। सुरक्षा व्यवस्था और संवेदनशील इलाकों को देखते हुए चुनाव आयोग ने मल्टी-फेज वोटिंग का प्लान बनाया है। नतीजे मई में घोषित किए जाएंगे। ऐसे में हर चरण से पहले राजनीतिक दल अपने प्रचार को तेज कर रहे हैं और बड़े नेताओं की रैलियों का सिलसिला लगातार बढ़ता जा रहा है।
राज्य का चुनावी मुकाबला मुख्य रूप से सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और बीजेपी के बीच माना जा रहा है। टीएमसी जहां अपने शासन और क्षेत्रीय मुद्दों के दम पर मैदान में है, वहीं बीजेपी राष्ट्रीय नेतृत्व और स्टार प्रचारकों के सहारे आक्रामक रणनीति के साथ चुनाव लड़ रही है। कई सीटों पर सीधा मुकाबला बेहद कांटे का माना जा रहा है, जिससे चुनाव का रोमांच और बढ़ गया है।
ऐसे माहौल में डॉ. मोहन यादव का बंगाल दौरा बीजेपी के लिए रणनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है। पार्टी उन्हें हिंदी भाषी मतदाताओं और कार्यकर्ताओं के बीच प्रभावी चेहरा मानकर मैदान में उतार रही है। उनकी जनसभाओं से न केवल संगठन को मजबूती मिलने की उम्मीद है, बल्कि चुनावी माहौल को भी और गरमाने की कोशिश की जा रही है। कुल मिलाकर, बंगाल की सियासत में अब बाहरी राज्यों के नेताओं की एंट्री के साथ चुनावी मुकाबला और दिलचस्प होता जा रहा है।

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