भोपाल। मध्यप्रदेश की राजनीति में एक बार फिर भाषा और व्यवहार को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। इस बार मामला सीधे एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी से जुड़ा है और आरोप सत्ता पक्ष के ही एक बड़े चेहरे PWD मंत्री राकेश सिंह पर लगे हैं।जानकारी के मुताबिक, जबलपुर स्मार्ट सिटी के सीईओ और आईएएस अधिकारी अरविंद शाह को स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स की समीक्षा के बाद मंत्री के बंगले पर बुलाया गया। यहां कथित तौर पर करीब आधे घंटे तक तीखी बातचीत हुई। आरोप है कि कामकाज को लेकर नाराजगी जताते हुए बातचीत का लहजा मर्यादा से बाहर चला गया और अधिकारी के साथ अभद्रता की गई। मामला तब और बढ़ गया जब यह जानकारी सामने आई कि बैठक के दौरान कुछ परियोजनाओं की प्रगति और फैसलों को लेकर मंत्री और अधिकारी के बीच मतभेद गहराए थे। इसी को लेकर बुलाकर जवाब-तलब किया गया, जहां कथित तौर पर स्थिति तनावपूर्ण हो गई। इस घटना ने प्रशासनिक महकमे में हलचल पैदा कर दी है। आम तौर पर संयमित रहने वाला ब्यूरोक्रेसी का वर्ग इस बार खुलकर सामने आया है। IAS Association ने पूरे मामले को गंभीर बताते हुए मुख्यमंत्री से शिकायत की है और स्पष्ट संदेश दिया है कि अधिकारियों के साथ इस तरह का व्यवहार स्वीकार्य नहीं है। दिलचस्प यह है कि यह घटना ऐसे समय में सामने आई है, जब पहले भी नेताओं की भाषा और व्यवहार को लेकर सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में यह मामला सिर्फ एक व्यक्ति तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि यह राजनीतिक संस्कृति पर भी बहस छेड़ रहा है। हालांकि, मंत्री की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, जिससे स्थिति और ज्यादा अस्पष्ट बनी हुई है। उधर विपक्ष ने इसे मुद्दा बनाते हुए सरकार पर निशाना साधना शुरू कर दिया है। अब नजर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के रुख पर है कि क्या यह मामला भी समय के साथ ठंडा पड़ जाएगा, या फिर कोई ठोस कार्रवाई देखने को मिलेगी।

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