Saturday, March 21, 2026

भोपाल में ईद बनी ग़म का दिन, जानें काली पट्टी बांधकर किस चीज का जताया विरोध

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में ईद के मौके पर इस बार एक अलग ही तस्वीर देखने को मिली। जहां आमतौर पर ईद खुशियों और जश्न का त्योहार होता है, वहीं शहर के शिया समुदाय ने इसे शोक और विरोध के रूप में मनाया। ईद की नमाज के बाद कई इलाकों में “अमेरिका-इजराइल मुर्दाबाद” के नारे लगाए गए। यह विरोध मौजूदा अंतरराष्ट्रीय तनाव और मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है, खासतौर पर ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच बढ़ते टकराव के संदर्भ में।

  काली पट्टी और सादगी में अदा की नमाज 
 शिया समुदाय के लोग ईद की नमाज के लिए काली पट्टी बांधकर पहुंचे। कई लोगों ने नए कपड़े पहनने के बजाय पुराने कपड़ों में ही नमाज अदा की। समुदाय के लोगों का कहना था कि यह समय जश्न का नहीं बल्कि ग़म का है।नमाज के दौरान अयातुल्ला अली खामेनेई की तस्वीरें भी देखी गईं। कुछ लोगों ने दावा किया कि हालिया हमलों में उनकी “शहादत” हुई है, जिसके चलते वे शोक मना रहे हैं। 

  ईरान के समर्थन में दुआएं 
 नमाज के दौरान ईरान की जीत के लिए विशेष दुआएं की गईं। समुदाय के लोगों ने कहा कि वैश्विक स्तर पर हो रहे संघर्ष में वे ईरान के साथ खड़े हैं। 

  त्योहार पर नहीं बना कोई पकवान 
 शिया समुदाय के कई परिवारों ने इस बार ईद पर कोई विशेष पकवान नहीं बनाया। न तो सेवइयां बनाई गईं और न ही मिठाइयां बांटी गईं। लोगों का कहना था कि ग़म के माहौल में जश्न मनाना उचित नहीं है।

  युद्ध के माहौल का स्थानीय असर 
 मध्य पूर्व में चल रहे तनाव और संभावित युद्ध जैसी स्थिति का असर अब भारत के शहरों तक भी दिखाई देने लगा है। भोपाल में हुआ यह विरोध इसी बात का संकेत है कि अंतरराष्ट्रीय घटनाएं स्थानीय समाज को भी प्रभावित कर रही हैं। प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है, हालांकि फिलहाल माहौल शांतिपूर्ण बताया जा रहा है।

No comments: