Thursday, March 19, 2026

1.39 लाख का कंप्यूटर, 1 लाख का प्रिंटर… इस विभाग में बड़ा गड़बड़झाला!

भोपाल। मध्य प्रदेश में शिक्षा विभाग से जुड़े टेंडरों को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है। कांग्रेस ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक ने दावा किया है कि प्रदेश में “शिक्षा माफिया सिंडिकेट” सक्रिय है, जो टेंडर प्रक्रिया में हेरफेर कर चुनिंदा लोगों को फायदा पहुंचा रहा है। मुकेश नायक ने दावा किया कि वर्ष 2023 में शिक्षा विभाग से जुड़े टेंडरों में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार हुआ। आरोप है कि टेंडर की शर्तें इस तरह बनाई जाती हैं, जिससे कुछ चुनिंदा कंपनियों को ही फायदा मिले, जबकि बड़ी और सक्षम कंपनियों को प्रक्रिया से बाहर कर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि उपकरणों की खरीद में भी भारी अनियमितताएं सामने आई हैं। उदाहरण देते हुए बताया कि करीब 39 हजार रुपये कीमत के कंप्यूटर को लगभग 1.39 लाख रुपये में खरीदा गया, वहीं 25 हजार रुपये का प्रिंटर एक लाख रुपये में लिया गया। कांग्रेस नेता ने इस पूरे मामले में शौरभ शर्मा और गौरव शर्मा के नाम सामने आने की बात कही। साथ ही यह भी आरोप लगाया कि टेंडर प्रक्रिया उस समय की आईएएस अधिकारी शिल्पा गुप्ता के कार्यकाल में जारी की गई थी। कांग्रेस ने राज्य सरकार से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित करने और फोरेंसिक ऑडिट कराने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो पार्टी सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेगी।

No comments: