भोपाल। मध्यप्रदेश में सियासी हलचल के बीच भारतीय जनता पार्टी ने अपनी अगली बड़ी रणनीतिक बैठक का स्थान तय कर लिया है। पार्टी की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक मई में ऐतिहासिक नगरी ओरछा में आयोजित की जाएगी। इसकी जानकारी प्रदेश अध्यक्ष Hemant Khandelwal ने दी। खास बात यह है कि उनके अध्यक्ष बनने के बाद यह पहली प्रदेश कार्यसमिति बैठक होगी, जिससे इसके राजनीतिक मायने और भी बढ़ गए हैं। ओरछा, जिसे भगवान राम के “राजा राम” स्वरूप के लिए जाना जाता है, वहां इस बैठक का आयोजन पार्टी की रणनीति और संदेश दोनों को दर्शाता है। राजनीतिक जानकार इसे संगठन और सरकार के बीच समन्वय के साथ-साथ आगामी योजनाओं की रूपरेखा तय करने वाली अहम बैठक मान रहे हैं। बैठक में प्रदेश की राजनीतिक स्थिति, संगठनात्मक विस्तार, आगामी चुनावी रणनीति और सरकार के कामकाज को लेकर चर्चा होने की संभावना है। साथ ही बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने पर भी फोकस रहेगा। कुल मिलाकर, धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व वाले ओरछा में होने जा रही यह बैठक सिर्फ संगठनात्मक नहीं, बल्कि प्रतीकात्मक रूप से भी काफी अहम मानी जा रही है—जहां “राम राजा” की नगरी में अब बीजेपी अपनी सियासी दिशा तय करती नजर आएगी।
Tuesday, April 28, 2026
Monday, April 27, 2026
गांव-गांव तक पकड़ मजबूत करने की तैयारी, BJP ने बदली टीम
भोपाल। मध्यप्रदेश में भारतीय जनता पार्टी ने संगठनात्मक सक्रियता को और धार देते हुए किसान मोर्चा में जिला स्तर पर नई नियुक्तियां कर दी हैं। प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की सहमति से किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष जयपाल सिंह चावड़ा ने तीन जिलों के अध्यक्षों के नाम घोषित किए हैं। जारी सूची के मुताबिक, प्रदीप राय को सिवनी, त्रिवेंद्र द्विवेदी को सिंगरौली और सुरेश चतुर्वेदी को शहडोल का जिलाध्यक्ष बनाया गया है। इन नियुक्तियों के जरिए पार्टी ने साफ संकेत दिया है कि अब फोकस सीधे जमीनी संगठन और खासकर किसान वर्ग तक पहुंच मजबूत करने पर है। दरअसल, प्रदेश में पिछले कुछ समय से लगातार राजनीतिक और संगठनात्मक नियुक्तियां की जा रही हैं—चाहे वो आयोग हों, निगम-मंडल हों, विकास प्राधिकरण हों या अलग-अलग प्रकोष्ठ। उसी कड़ी में अब किसान मोर्चा को भी नए सिरे से सक्रिय किया जा रहा है। राजनीतिक नजरिए से देखें तो ये सिर्फ सामान्य नियुक्तियां नहीं हैं, बल्कि आने वाले समय की रणनीति का हिस्सा हैं। किसान मुद्दों पर पकड़ मजबूत करना, ग्रामीण इलाकों में संगठन को सक्रिय रखना और स्थानीय नेतृत्व को आगे लाना—इन तीनों लक्ष्यों को साधने की कोशिश साफ नजर आती है। संदेश भी साफ है बीजेपी अब सिर्फ शीर्ष स्तर पर नहीं, बल्कि बूथ और गांव स्तर तक अपनी टीम को व्यवस्थित कर रही है, ताकि हर वर्ग तक सीधा संवाद और मजबूत पकड़ बनाई जा सके।
MP के एक और BJP नेता के बिगड़े बोल, IAS ऑफिसर के साथ की अभद्रता!
भोपाल। मध्यप्रदेश की राजनीति में एक बार फिर भाषा और व्यवहार को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। इस बार मामला सीधे एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी से जुड़ा है और आरोप सत्ता पक्ष के ही एक बड़े चेहरे PWD मंत्री राकेश सिंह पर लगे हैं।जानकारी के मुताबिक, जबलपुर स्मार्ट सिटी के सीईओ और आईएएस अधिकारी अरविंद शाह को स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स की समीक्षा के बाद मंत्री के बंगले पर बुलाया गया। यहां कथित तौर पर करीब आधे घंटे तक तीखी बातचीत हुई। आरोप है कि कामकाज को लेकर नाराजगी जताते हुए बातचीत का लहजा मर्यादा से बाहर चला गया और अधिकारी के साथ अभद्रता की गई। मामला तब और बढ़ गया जब यह जानकारी सामने आई कि बैठक के दौरान कुछ परियोजनाओं की प्रगति और फैसलों को लेकर मंत्री और अधिकारी के बीच मतभेद गहराए थे। इसी को लेकर बुलाकर जवाब-तलब किया गया, जहां कथित तौर पर स्थिति तनावपूर्ण हो गई। इस घटना ने प्रशासनिक महकमे में हलचल पैदा कर दी है। आम तौर पर संयमित रहने वाला ब्यूरोक्रेसी का वर्ग इस बार खुलकर सामने आया है। IAS Association ने पूरे मामले को गंभीर बताते हुए मुख्यमंत्री से शिकायत की है और स्पष्ट संदेश दिया है कि अधिकारियों के साथ इस तरह का व्यवहार स्वीकार्य नहीं है। दिलचस्प यह है कि यह घटना ऐसे समय में सामने आई है, जब पहले भी नेताओं की भाषा और व्यवहार को लेकर सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में यह मामला सिर्फ एक व्यक्ति तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि यह राजनीतिक संस्कृति पर भी बहस छेड़ रहा है। हालांकि, मंत्री की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, जिससे स्थिति और ज्यादा अस्पष्ट बनी हुई है। उधर विपक्ष ने इसे मुद्दा बनाते हुए सरकार पर निशाना साधना शुरू कर दिया है। अब नजर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के रुख पर है कि क्या यह मामला भी समय के साथ ठंडा पड़ जाएगा, या फिर कोई ठोस कार्रवाई देखने को मिलेगी।
Sunday, April 26, 2026
MP Times की खबर पर लगी मुहर, विकास प्राधिकरण की सूची हुई जारी
भोपाल। मध्यप्रदेश में राजनीतिक नियुक्तियों का सिलसिला लगातार रफ्तार पकड़ता जा रहा है। आयोगों और निगम-मंडलों के बाद अब विकास प्राधिकरणों में भी नियुक्तियां कर सरकार ने सियासी और संगठनात्मक संतुलन साधने की कवायद तेज कर दी है।
ताज़ा फैसले में ग्वालियर विकास प्राधिकरण का अध्यक्ष मधुसूदन भदोरिया को बनाया गया है, जबकि उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सुधीर गुप्ता को सौंपी गई है। वहीं उज्जैन विकास प्राधिकरण में रवि सोलंकी को अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही मुकेश यादव और रवि वर्मा को उपाध्यक्ष बनाया गया है।
खास बात यह है कि इन नामों को लेकर हमने MP Times ने पहले ही संकेत दे दिए थे, और अब जारी सूची में वही नाम सामने आए हैं। इससे साफ होता है कि संगठन के भीतर जिन नामों पर चर्चा चल रही थी, उन पर आखिरकार मुहर लग गई है।
इन नियुक्तियों को सिर्फ प्रशासनिक फेरबदल नहीं, बल्कि स्पष्ट राजनीतिक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। पिछले कुछ दिनों से प्रदेश में लगातार हो रही नियुक्तियों के जरिए बीजेपी संगठन में सक्रिय कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी देने के साथ-साथ क्षेत्रीय और सामाजिक समीकरण साधने की रणनीति पर काम कर रही है।
सूत्रों की मानें तो लंबे समय से लंबित इन नियुक्तियों को लेकर संगठन और सरकार के बीच गहन मंथन चला था। अब एक के बाद एक नामों पर मुहर लगाकर पार्टी न सिर्फ कार्यकर्ताओं की नाराजगी दूर करने की कोशिश कर रही है, बल्कि आने वाले राजनीतिक परिदृश्य को भी ध्यान में रख रही है।
गौरतलब है कि इससे पहले आयोगों, प्राधिकरणों और निगम-मंडलों में भी कई अहम नियुक्तियां की जा चुकी हैं। ऐसे में साफ है कि प्रदेश में अब नियुक्तियों का दौर अपने चरम पर है और आने वाले दिनों में और भी नाम सामने आ सकते हैं।
कुल मिलाकर, इन फैसलों से यह संकेत साफ है कि सरकार और संगठन दोनों मिलकर एक नई टीम तैयार कर रहे हैं—जो न सिर्फ प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभालेगी, बल्कि सियासी जमीन पर भी पार्टी को मजबूती देगी।
भोपाल में ‘मन की बात’ सुनने पहुंचे सीएम, महिला आरक्षण-किसानों पर दिए संकेत
भोपाल। राजधानी भोपाल में रविवार को प्रधानमंत्री Narendra Modi के ‘मन की बात’ कार्यक्रम को लेकर विशेष आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री Mohan Yadav वीआईपी रोड स्थित चाय लीला पहुंचे, जहां उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं और आम लोगों के साथ बैठकर कार्यक्रम सुना। कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि “कई कारणों से ‘मन की बात’ सुनना चाहिए, क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी ने देश के हर वर्ग की बात को लोगों के दिल तक पहुंचाया है।” उन्होंने कहा कि आम जनता के बीच बैठकर कार्यक्रम सुनना उनके लिए सुखद अनुभव रहा।
जल गंगा संवर्धन अभियान पर जोर
सीएम ने बताया कि मध्यप्रदेश में “जल गंगा संवर्धन अभियान” लगातार चल रहा है। इसके तहत नदियों, तालाबों, नहरों, कुओं, वन क्षेत्रों और ग्रामीण इलाकों में व्यापक काम किया जा रहा है। यह अभियान 30 जून तक जारी रहेगा। उन्होंने दावा किया कि इस अभियान में प्रदेश देशभर में बेहतर स्थिति में है।
महिला आरक्षण और विधानसभा सत्र
विधानसभा के प्रस्तावित विशेष सत्र को लेकर मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद से कांग्रेस ने महिलाओं के साथ न्याय नहीं किया। प्रधानमंत्री मोदी महिलाओं को आरक्षण दिलाना चाहते हैं, लेकिन विपक्ष के कारण इसमें देरी हुई। उन्होंने कहा कि जनता और विधानसभा तक यह संदेश पहुंचाने के लिए विशेष सत्र बुलाया गया है और आने वाले समय में महिलाओं को आरक्षण जरूर मिलेगा।
किसानों के मुद्दे पर भी बयान
सीएम मोहन यादव ने किसानों के मुद्दे पर भी सरकार की प्राथमिकता दोहराई। उन्होंने कहा कि हाल ही में अधिकारियों के साथ बैठक कर सभी कलेक्टरों को जरूरी निर्देश दिए गए हैं। किसान बड़ी संख्या में खरीदी केंद्रों पर पहुंच रहे हैं और सरकार सिंचाई, बिजली और अन्य सुविधाओं पर लगातार काम कर रही है। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि “55 साल तक किसानों के साथ अन्याय हुआ। कांग्रेस के समय में गेहूं के दाम 2000 रुपए से कम होते थे, ना पर्याप्त बिजली मिलती थी और ना पानी।”
कुल मिलाकर ‘मन की बात’ कार्यक्रम के बहाने सियासी संदेश भी साफ नजर आया, जहां मुख्यमंत्री ने केंद्र की योजनाओं को आगे बढ़ाते हुए विपक्ष पर तीखा हमला बोला।









